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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पिछड़ गई राजधानी लखनऊ, चौथे से 15वें स्थान पर

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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 में इस बार राजधानी लखनऊ का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। शहर को 200 में से 179 अंक मिले हैं, जो पिछले साल के 189 अंकों से 10 अंक कम है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 47 शहरों में अपना शहर 10 पायदान नीचे खिसककर 15वें स्थान पर पहुंच गया है। शहर को 200 में से 179 अंक मिले हैं, जो पिछले साल के 189 अंकों से 10 अंक कम है।

इस सर्वेक्षण में तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में रायबरेली को 7वां स्थान मिला है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमईएफसीसी) की ओर से यह वार्षिक सर्वेक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क धूल प्रबंधन, वाहन उत्सर्जन नियंत्रण, औद्योगिक उत्सर्जन में कमी जैसे मानकों पर शहरों का मूल्यांकन करता है। इस बार पर्यावरण की सेहत सुधारने में नगर निगम के प्रयास नहीं दिखे।

पिछले वर्ष लखनऊ 189 अंकों के साथ चौथे स्थान पर था, जबकि 2022 में यह 177.7 अंकों के साथ शीर्ष पर था। 2023 में 20 टन पुराने कचरे के जमा होने के कारण शहर ने सर्वेक्षण से बाहर होने का विकल्प चुना था।

नगर निगम के पर्यावरण अधिकारी संजीव प्रधान के अनुसार सर्वेक्षण में इस कमी के लिए आरटीओ, एलडीए और ग्रीन गैस सहित कई अन्य विभाग भी जिम्मेदार हैं, जिससे अंक कटे हैं।

पहली बारिश में 13 लाख का चेक डैम बहा

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कैमूर जिले के चैनपुर प्रखण्ड के करकटगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में जिला परिषद द्वारा बनाए गए 13 लाख रुपये के चेक डैम की बरसात की पहली बारिश में ही तबाही हो गई। यह डैम 15वीं वित्तीय योजना के तहत किसानों को सिचाई सुविधा देने के लिए बनाया गया था।

कैमूर जिले के चैनपुर प्रखण्ड के करकटगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में जिला परिषद द्वारा बनाए गए 13 लाख रुपये के चेक डैम की बरसात की पहली बारिश में ही तबाही हो गई। चेक डैम 15वीं वित्तीय योजना के तहत बनाया गया था और इसका उद्देश्य बरसात के पानी को रोक कर किसानों को खेतों में सिचाई की सुविधा देना था।

हालांकि, यह डैम एक साल भी नहीं चला और भारी बारिश में बह गया। घटना से स्थानीय किसान और विकास कार्यों की निगरानी कर रहे लोग सकते में हैं। जिला परिषद के सदस्य बल्लू राम मस्तान ने कहा कि लगातार बारिश के कारण चेक डैम के दोनों तरफ का बाहि बह गया और इसे लेकर स्थानीय लोग निराश हैं। उन्होंने बताया कि डैम जिला परिषद के इंजीनियरों की देखरेख में बनाया गया था।

इस मामले पर जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है और देश के कई राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी ऐसी बाढ़ आपदाएँ आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में जाकर स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा और आगे कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञ और स्थानीय लोगों ने बिहार सरकार की योजनाओं पर खर्च हो रही राशि की सुरक्षा और कार्यान्वयन को लेकर चिंता जताई है। 13 लाख रुपये की लागत वाला यह डैम पहली बारिश में टूट जाने के कारण अब यह सवाल उठता है कि क्या निर्माण में लापरवाही हुई। जिला परिषद ने बताया कि इस योजना को फिर से पास कर नए सिरे से निर्माण किया जाएगा। यह घटना बिहार में विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जरूरत को उजागर करती है।

पटना के मनेर-दानापुर के गांव बाढ़ की चपेट में

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पटना जिले के मनेर और दानापुर दियारे इलाके में गंगा, सोन और सरयुग नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि से बाढ़ की स्थिति बन गई है। कई गांवों में पानी घुस गया है और सड़कों को भी जलमग्न कर दिया गया है।

पटना जिले के मनेर और दानापुर दियारे इलाके में गंगा, सोन और सरयुग नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है। कई गांवों में पानी घुस गया है और सड़कों को भी जलमग्न कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मनेर इलाके के हल्दी छपरा, हाथी टोला, महावीर टोला, छिहत्तर, बदल टोला, धजवा टोला, इसलामगंज, मुंजी टोला, दुधेला, सात अना और नया टोला बाढ़ की चपेट में हैं।

वहीं, दानापुर दियारे के कई गांव भी पूरी तरह से प्रभावित हैं। बाढ़ के पानी के कारण मनेर दियारे की सड़कें डूब गई हैं, जिससे लोग अपने जरूरी काम के लिए शहर आने-जाने को जोखिम उठाने पर मजबूर हैं।

दानापुर दियारे के लोग नाव का सहारा लेकर आवागमन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है और इससे बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। महावीर टोला और छिहत्तर गांव का शहरी इलाके से संपर्क कट चुका है, और नाव की अनुपलब्धता के कारण लोग पानी में उतरकर ही शहरी क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नावें उपलब्ध कराने और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने की मांग की है। फिलहाल पानी बढ़ने के कारण दियारे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षा के लिए सावधानी बरत रहे हैं।

मुजफ्फरपुर में फाइनेंस कंपनी कर्मियों पर ग्राहक से मारपीट का आरोप

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मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी पर ग्राहक से बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगा है। अहियापुर निवासी मोहम्मद सद्दाम अपने लोन का विवरण लेने कंपनी के दफ्तर पहुंचे थे, जहां कर्मचारियों ने उनसे गाली-गलौज की और विरोध करने पर मारपीट की।

मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी पर ग्राहक से बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगा है। पीड़ित का कहना है कि कंपनी के कर्मियों ने पहले गाली-गलौज किया और फिर कमरे में बंद कर पिटाई की। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

लोन डिटेल लेने गए थे ग्राहक

जानकारी के अनुसार, अहियापुर थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद सद्दाम मंगलवार देर शाम फाइनेंस कंपनी के दफ्तर पहुंचे थे। वे अपने लोन का विवरण लेने आए थे। सद्दाम ने आरोप लगाया कि कंपनी के कर्मचारी कई दिनों से उन्हें टालमटोल कर रहे थे। जब वे दफ्तर पहुंचे तो उनसे गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर मारपीट की गई।

पुलिस को दी सूचना

पीड़ित ने घटना की जानकारी डायल 112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। मोहम्मद सद्दाम का कहना है कि पूरी घटना फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी।

पुलिस जांच में जुटी

मामले पर डायल 112 के पदाधिकारी ने बताया कि शिकायत एक ग्राहक द्वारा की गई है, जिसमें कंपनी कर्मियों पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप है। मामले की जांच की जा रही है और सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेता समेत शहर की 18 कॉलोनी को कलेक्टर ने अवैध घोषित किया

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टीकमगढ़ कलेक्टर ने 18 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर प्लॉट विक्रय और नामांतरण पर रोक लगा दी है। भाजपा नेता की कॉलोनी भी इसमें शामिल हैं।

टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने शहर की 18 कॉलोनियों को अवैध घोषित करते हुए उनके प्लॉट विक्रय और नामांतरण पर तत्काल रोक लगा दी है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर पालिका नियम 2021 के तहत की गई है। आदेश के अनुसार, ये कॉलोनियां अनधिकृत तरीके से विकसित की गई थीं और नगर पालिका के मानकों का पालन नहीं कर रही थीं।

कलेक्टर ने बताया कि कॉलोनी विकसित करते समय नियमों के अनुसार केवल 65% एरिया ही बेचा जा सकता है। शेष भूमि पर सड़क, गार्डन, मंदिर और सीवर लाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, लेकिन किसी भी कॉलोनी में इन नियमों का पालन नहीं किया गया।

इस कार्रवाई में भाजपा नेता की कॉलोनी सहित 18 लोगों के नाम शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह पहली कार्रवाई है, जिसके तहत प्लॉट विक्रय और नामांतरण पर रोक लगाई गई है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दूसरी कार्रवाई में मामले दर्ज होंगे और तीसरी कार्रवाई के तहत अवैध कॉलोनियां तोड़ी जाएंगी। कलेक्टर ने कहा कि नियमों की अनदेखी से भविष्य में आम नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड को भी पत्र लिखा है ताकि शहर को नियमों के अनुसार विकसित किया जा सके। भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत ने कहा कि वह इस मामले पर कलेक्टर से चर्चा करेंगी।

पंजाब की बाढ़ आपदा में हरियाणा का साथ, सीएम सैनी ने 21 ट्रकों में राहत सामग्री को दिखाई हरी झंडी

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सीएम सैनी ने पंजाब के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार को 21 ट्रकों में राहत सामग्री को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में आई आपदा से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ले जा रहे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर सीएम सैनी कहा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में जो प्राकृतिक आपदा आई है। उससे बहुत लोग प्रभावित हुए हैं।

इस जलप्रलय से कई गांव बाढ़ के शिकार हुए हैं। उन्होंन कहा हरियाणा के लोगों ने पंजाब की बाढ़ आपदा में लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया है। भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संस्थाएं मिलकर पंजाब के लोगों की मदद करने के लिए निरंतर राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है।

सीएम सैनी ने कहा बुधवार को कुरुक्षेत्र से राहत सामग्री लेकर 21 ट्रक पंजाब जाएंगे। हमने हरियाणा की तरफ से बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए पंजाब को 5 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर को 5 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 5 करोड़ रुपये तुरंत सहायता के रूप में भेजने का काम किया है। वहीं, सीएम सैनी ने पीएम मोदी द्वारा पंजाब को राहत पैकेज के तौर पर 1600 करोड़ रुपये और हिमाचल को 1500 करोड़ रुपये देने की बात कही। उन्होंने कहा पीएम मोदी ने लोगों से मिलकर उन्हें राहत पहुंचाई। इसके लिए मैं उनका दिल से आभार व्यक्त करता हूं।

पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश से 883 लोगों की मौत, इस्लामाबाद में ‘बाढ़’ की चेतावनी

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान में जून के अंत से हो रही मूसलाधार बारिश से हर तरफ तबाही का मंजर है। इस मानसूनी बारिश में हुए हादसों में अब तक 883 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 1,200 घायल हुए हैं।

स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को बताया कि बुधवार देर रात से बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो और बच्चों की जान चली गई। इनमें से एक की मौत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और दूसरे की जान इस्लामाबाद में गई।

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने चेतावनी दी है कि ऊपरी क्षेत्रों में जारी भारी बारिश लाहौर, गुजरांवाला, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में शहरी बाढ़ का कारण बन सकती है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बुधवार को अपने राष्ट्रीय आपात संचालन केंद्र (एनईओसी) के माध्यम से अगले 12 से 24 घंटों में पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में संभावित बारिश की चेतावनी जारी की थी। खैबर-पख्तूनख्वा (केपी) और पंजाब प्रांतों को बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। केपी में 488 लोगों की मौत हो गई है और 360 घायल हुए हैं।

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सिंध में 58, पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में 41, पीओके में 38, बलूचिस्तान में 26 और इस्लामाबाद में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

पीएमडी ने चेतावनी दी है कि पंजाब के गंदा सिंह वाला क्षेत्र में सतलुज नदी में बाढ़ का स्तर असाधारण रूप से ऊंचा बना रहेगा, जबकि चिनाब नदी में एक नई बाढ़ पंजाब के मराला से नीचे की ओर पहुंच सकती है।

रिपोर्ट से पता चलता है कि पंजनद नदी (जहां चिनाब, रावी और सतलुज नदियां मिलती हैं) में 4 और 5 सितंबर के बीच जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि और सैकड़ों गांवों को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

सिंध प्रांत के गुड्डू में सिंधु नदी में भी 6 या 7 सितंबर तक बाढ़ खतरनाक स्तर तक पहुंचने की आशंका है। पीएमडी के अधिकारियों ने पंजाब, केपी, पीओजीबी और पीओके के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है।

चित्राल, दीर, स्वात, बुनेर और एबटाबाद सहित केपी के विभिन्न क्षेत्रों में छिटपुट बारिश की संभावना है। अधिकारियों ने निचले इलाकों में बाढ़ की भी चेतावनी दी है, साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों के उफान पर होने और भूस्खलन का खतरा भी है।

पीडीएमए के अनुसार, चिनाब नदी से आई बाढ़ ने पंजाब के झांग में 261 गांवों और मुजफ्फरगढ़ में कम से कम 24 गांवों को जलमग्न कर दिया है। बाढ़ में पानी के प्रचंड बहाव ने 9,200 से ज्यादा घरों को भी नष्ट कर दिया है, जिनमें से 4,700 केपी में और 2,100 पीओके में हैं। 6,000 से ज्यादा मवेशी बह गए हैं।

इस आपदा में पूरे पाकिस्तान में लगभग 240 पुलों और 670 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों को नुकसान पहुंचाया है।

छोटे वाहनों और दोपहियों पर जीएसटी में बड़ी राहत, बड़ी गाड़ियों पर बढ़ेगा टैक्स

आम उपभोक्ताओं और किसानों को राहत देते हुए जीएसटी काउंसिल ने वाहनों और कृषि उपकरणों पर कर दरों में बड़ा बदलाव किया है। बुधवार को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री और काउंसिल की अध्यक्ष निर्मला सीतारमण ने फैसलों की घोषणा की। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे।

छोटे वाहनों पर घटा जीएसटी

बैठक में तय किया गया कि छोटे कारों, 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलों, तीन पहिया वाहनों, बसों, ट्रकों और एम्बुलेंस पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा। इसका सीधा असर बजट फ्रेंडली कारों जैसे मारुति सुजुकी ऑल्टो, हुंडई ग्रैंड i10 और टाटा टियागो पर पड़ेगा, जिनकी कीमतों में करीब 10% तक की कमी आ सकती है। इसी तरह, होंडा शाइन, बजाज पल्सर, होंडा एक्टिवा और हीरो स्प्लेंडर जैसी लोकप्रिय मोटरसाइकिलें और स्कूटर भी सस्ते होंगे।

ऑटो पार्ट्स पर एक समान दर

ऑटो सेक्टर को राहत देते हुए काउंसिल ने सभी ऑटो पार्ट्स पर 18% जीएसटी लागू करने का निर्णय लिया है। अब एचएस कोड (HS Code) के आधार पर टैक्स में भिन्नता नहीं रहेगी। छोटे हाइब्रिड वाहन, जिनमें पेट्रोल इंजन 1,200 सीसी/4,000 मिमी तक और डीजल इंजन 1,500 सीसी/4,000 मिमी तक के होंगे, वे भी इस 18% की नई श्रेणी का लाभ पाएंगे।

कृषि उपकरणों पर भी राहत

किसानों को बड़ी राहत देते हुए काउंसिल ने ट्रैक्टर, मिट्टी की जुताई की मशीनें, हार्वेस्टर, थ्रेशर, चारा बेलर, घास बोने के उपकरण, हे मूवर, खाद बनाने की मशीनों समेत कई कृषि उपकरणों पर जीएसटी 12% से घटाकर केवल 5% कर दिया है। यह कदम कृषि उत्पादन लागत को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

लग्जरी गाड़ियों पर भारी टैक्स

वहीं, लग्जरी कारें, बड़ी एसयूवी (4000 मिमी से अधिक लंबाई, 1,200 सीसी से ऊपर पेट्रोल इंजन और 1,500 सीसी से ऊपर डीजल इंजन) और 350 सीसी से अधिक की मोटरसाइकिलों पर जीएसटी बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। इससे रॉयल एनफील्ड 650 सीसी, केटीएम 390 और हार्ले डेविडसन जैसी बाइक्स की कीमतें और बड़ी एसयूवी की लागत में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

पीएम मोदी ने सराहा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे “अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों की दिशा में बड़ा कदम” बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs), मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

Gold-Silver Rate : सोना पहली बार 1.05 लाख रुपये पार, चांदी में रिकॉर्ड उछाल, जानें क्या होगा आगे?

नई दिल्ली। देश में सोने और चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rate) रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है। एमसीएक्स पर गोल्ड रेट (Gold Rate MCX) ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए है। एक सितंबर को सोना और चांदी अपने आलटाइम हाई पर पहुंच गए है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (India Bullion and Jewelers Association) के अनुसार सोमवार को सोना 2,404 रुपए बढ़कर 1,04,792 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले सोना 1,02,388 रुपए पर था।

वहीं चांदी की कीमत (Silver Rate) 5,678 रुपए बढ़कर 1,23,250 रुपए प्रति किलो हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत 1,17,572 रुपए थी। सोमवार को सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में तेजी आने की वजह अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, सितंबर में फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ओर से ब्याज दरों में कटौती उम्मीदें और ट्रंप टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं रही हैं।

जानकारों कहना है कि अमेरिका के टैरिफ के चलते भू-राजनैतिक तनाव के चलते गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है और इसकी डिमांड भी बढ़ रही है। ऐसे में इस साल सोना 1 लाख 8 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं, चांदी इस साल 1 लाख 30 हजार रुपए तक जा सकती है। इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 28,630 रुपए बढ़कर 1,04,792 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 37,233 रुपए बढ़कर 1,23,250 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं पिछले साल यानी 2024 में सोना 12,810 रुपए महंगा हुआ था।

देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम

दिल्ली: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,06,030 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,200 रुपये

पढ़ें :- ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक, बोले- नाटो की सदस्यता और क्रीमिया भूल जाए यूक्रेन
मुंबई: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,8800 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,050 रुपये

कोलकाता: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,880 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,050 रुपये

चेन्नई: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,880 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,050 रुपये

ट्रंप को बड़ा झटका

दरअसल, पिछले सप्ताह अमेरिकी फेडरल अपील कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की ओर से अपने व्यापारिक साझेदार देशों पर लगाए गए हाई टैरिफ को गलत करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने प्रेसिडेंटल अथॉरिटीज का गलत इस्तेमाल किए हैं। हालांकि, कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए 14 अक्टूबर तक टैरिफ को बरकरार रखा है। इस खबर के आने के बाद डॉलर में कमजोरी देखने को मिली है और निवेशक सोने की खरीद की ओर अपना रुख किए हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट प्रमुख कारण

सर्राफा कारोबारियों (Bullion Traders) का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प (US President Trump) के टैरिफ प्लान (Tariff Plan) और व्यापार युद्ध के डर से निवेशक सोने को सुरक्षित मानकर खरीदारी कर रहे है। जबकि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के चलते भी सोना महंगा होना भी एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा चीन और रूस जैसे देश बड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में सोने की मांग बढ़ी है। रूस-यूक्रेन के युद्ध (Russia-Ukraine War) खत्म न होने से अस्थिरता से लोग सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।

अफगानिस्तान में कुदरत का कहर: अब तक 800 जिंदगियां दफन…2500 से ज्यादा घायल, PM मोदी ने जताया दुख

Earthquake in Afghanistan: पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहर प्रांत में रविवार देर 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप इतना खरतनाक था कि इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इससे अब तक 800 लोग अपनी जान गंवा चुकें है, जबकि 2,500 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। इसी बीच पधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों प्रति शोक व्यक्त किया है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, “अफगानिस्तान में आए भूकंप में हुई जान-माल की हानि से बहुत दुखी हूँ। इस मुश्किल समय में भारत की संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।” उन्होंने कहा, “हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तत्पर है।” विदेश मंत्री डाॅ एस जयशंकर ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए दुख जताया है।

पाकिस्तान सीमा के पास आया भूकंप
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, 6.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में जलालाबाद शहर से 27 किलोमीटर पूर्व में आया। यह इलाका पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है। भूकंप का केंद्र जमीन से केवल 8 किलोमीटर (5 मील) की गहराई में था। इसके लगभग 20 मिनट बाद उसी क्षेत्र में एक और झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 4.5 रही और गहराई 10 किलोमीटर मापी गई। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि पूर्वी अफगानिस्तान में आए इस भीषण भूकंप में अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में अधिकांश कुनार प्रांत के दूरदराज इलाकों से हैं।

अफगानिस्तान में आते रहते हैं भूकंप
अफगानिस्तान का भूकंपों से जुड़ा इतिहास बेहद लंबा और विनाशकारी रहा है। यहां अक्सर हल्के और तीव्र भूकंप आते रहते हैं। 7 अक्टूबर 2023 को देश में 6.3 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद कई तीव्र झटके महसूस किए गए। तालिबान सरकार के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 4,000 लोगों की मौत हुई, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने यह संख्या करीब 1,500 कम बताई थी। इस भूकंप को हाल के सालों में अफगानिस्तान को सबसे बुरी तरह से प्रभावित करने वाली प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है।