Home Blog Page 9

अफगानिस्तान में भूकंप से 622 लोगों की मौत, एस. जयशंकर ने हरसंभव मदद का दिया आश्वासन

काबुल । अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप में 622 लोगों ने जान गंवा दी, जबकि 1,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई। अफगानिस्तान में आए भूकंप पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को गहरी चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए भूकंप पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत इस मुश्किल घड़ी में अफगानिस्तान को हरसंभव सहायता मुहैया कराएगा।

विनाशकारी भूकंप में हुए नुकसान की जानकारी सोमवार को सरकारी रेडियो एंड टेलीविजन ऑफ अफगानिस्तान (आरटीए) ने दी।

आपदा के बाद बचाव दल राहत कार्य में जुटा है। दूरदराज के इलाकों में नुकसान का आकलन कर मदद पहुंचाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य जारी है। मृतकों की संख्या अभी बढ़ सकती है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आरटीए के हवाले से बताया कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार 31 अगस्त को स्थानीय समयानुसार रात 11:47 बजे अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 27 किलोमीटर दूर और आठ किलोमीटर की गहराई पर था।

अफगानिस्तान भूकंप के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि यह कई फॉल्ट लाइनों के ऊपर स्थित है। यहां भारतीय और यूरेशियन प्लेटें मिलती हैं। पूर्वी अफगानिस्तान का पहाड़ी इलाका भूस्खलन के लिए भी संवेदनशील है, जिससे आपातकालीन स्थिति में बचाव कार्य करना मुश्किल हो जाता है।

पिछले साल पश्चिमी भाग में आए भूकंपों में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले, 7 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था। तालिबान सरकार ने अनुमान लगाया था कि इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 4,000 लोग मारे गए थे। यह हाल के दिनों में आई सबसे घातक प्राकृतिक आपदा थी।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक दशक में अफगानिस्तान में भूकंपों में 7,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। भूकंप से हर साल औसतन 560 मौतें होती हैं।

मई 1998 में उत्तरी अफगानिस्तान के तखर और बदख्शां प्रांतों में आए भूकंप में लगभग 4,000 लोग मारे गए थे। उस समय करीब 100 गांव और 16,000 घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस दौरान 45,000 लोग बेघर हो गए थे।

इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने की आखिरी तारीख नजदीक, चुटकियों में ऐसे जमा करें आईटीआर

नई दिल्ली । इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट के मुताबिक 31 अगस्त तक 4.18 करोड़ लोग आईटीआर जमा कर चुके हैं, जिसमें से 3.98 करोड़ रिटर्न को वेरिफाई किया जा चुका है। वहीं, 2.74 करोड़ वेरिफाइड रिटर्न को प्रोसेस किया जा चुका है।

माना जाता है कि आईटीआर फाइलिंग के लिए आपको सीए या किसी वित्तीय पेशेवर की आवश्यकता होती है, लेकिन अगर आप नौकरी करते हैं या फिर ऐसे करदाता है, जिसके लेनदेन ज्यादा जटिल नहीं है तो आप आसानी से स्वयं अपना आईटीआर दाखिल कर सकते हैं।

अगर आप वेतनभोगी हैं और आपके पास नियोक्ता द्वारा जारी किया गया फॉर्म 16 है, तो आपको सीए की जरूरत नहीं है। ऐसे में आप आईटीआर फॉर्म-1 (सहज) भरकर अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। यह फॉर्म वेतनभोगी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और सामान्य आय वालों के लिए बनाया गया है।

हालांकि, जिन लोगों की व्यावसायिक आय, पूंजीगत लाभ, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन या विभिन्न छूट/कटौतियां हैं, उन्हें आईटीआर के अन्य फॉर्म (जैसे आईटीआर-3, आईटीआर-4, आईटीआर-5 आदि) का उपयोग करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में, किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या कर सलाहकार की मदद लेना सुरक्षित रहता है, क्योंकि गलत जानकारी देने पर रिटर्न अस्वीकार हो सकता है और समय पर सही रिटर्न न भरने पर जुर्माना भी लग सकता है।

वित्त वर्ष 2024-25 (असेसमेंट ईयर 2025-26) में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कुल 7 प्रकार के आईटीआर फॉर्म उपलब्ध कराए हैं।

-आईटीआर-1 (सहज): यह वेतनभोगी, पेंशनभोगी और सामान्य आय वालों के लिए है।

-आईटीआर-2: यह उन व्यक्तियों के लिए है, जिनकी आय वेतन, संपत्ति या पूंजीगत लाभ से आती है।

-आईटीआर-3: व्यवसाय या पेशेवर आय वालों के लिए है।

-आईटीआर-4 (सुगम): छोटे व्यवसायों और पेशेवरों के लिए है।

-आईटीआर-5, आईटीआर-6 और आईटीआर-7: कंपनियों, ट्रस्टों और संस्थानों के लिए है।

जानकारों के मुताबिक, आपकी आय और निवेश जितना सरल होता है, आईटीआर भरना भी उतना ही आसान होता है।

अगर आप स्वयं फॉर्म-16 का उपयोग करके आईटीआर फॉर्म-1 के जरिए रिटर्न भर रहे हैं, तो इन स्टेप का पालन करें।

-इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। यहां आपको यूजर आईडी (पैन) और पासवर्ड दर्ज करना होगा।

-ई-फाइल का विकल्प चुनें। फिर इनकम टैक्स रिटर्न में जाएं और फाइल इनकम टैक्स रिटर्न का विकल्प चुनें।

-फिर असेसमेंट ईयर 2025-26 चुनें।

-आईटीआर फॉर्म-1 चुनें, जो कि वेतनभोगी करदाताओं के लिए होता है।

-अब प्री-फिल्ड डेटा पर क्लिक करें।

-आपका पैन, वेतन, टीडीएस और बैंक विवरण पोर्टल पर पहले से भरे होंगे। इन्हें ध्यान से देखें और जरूरत पड़ने पर बदलाव करें।

-इसके बाद फॉर्म-16 की मदद से डिटेल्स भरें।

सारी जानकारी भरने के बाद अपने आईटीआर को वेरिफाई करें। आप आधार ओटीपी या नेटबैंकिंग के माध्यम से तत्काल वेरिफिकेशन कर सकते हैं।

6 सितम्बर को भारत में लॉन्च होंगी VinFast VF6 और VF7 इलेक्ट्रिक एसयूवी

नई दिल्ली: वियतनाम की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी विनफास्ट (VinFast) ने भारत में अपने पहले कदम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। कंपनी 6 सितम्बर 2025 को अपनी दो नई इलेक्ट्रिक एसयूवी— VF6 और VF7—को भारतीय बाजार में पेश करेगी। इन दोनों मॉडलों को सबसे पहले इस वर्ष फरवरी में आयोजित भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में प्रदर्शित किया गया था। कंपनी ने 15 जुलाई से इनकी प्री-बुकिंग भी शुरू कर दी थी।

ग्राहक 21,000 रुपये की रिफंडेबल राशि जमा करके ऑनलाइन या अधिकृत शोरूम के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन गाड़ियों का बाजार में प्रवेश कंपनी के तूतीकोरिन (तमिलनाडु) संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही जोड़ा गया है, जिसकी शुरुआत अगस्त में हुई। इसके बाद जल्द ही डिलीवरी भी शुरू की जाएगी।

भारतीय ग्राहकों के लिए प्रीमियम विकल्प

VF6 और VF7 को खासतौर पर उन भारतीय ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो प्रीमियम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान की तलाश में हैं। इन कारों की सबसे बड़ी खासियत है प्रतिस्पर्धी रेंज, आकर्षक डिज़ाइन और एडवांस्ड तकनीक। दोनों एसयूवी लेवल-2 ADAS फीचर्स और पैनोरमिक ग्लास रूफ से लैस हैं।

नेटवर्क और साझेदारियां

भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए विनफास्ट 3S (सेल्स, सर्विस, स्पेयर्स) नेटवर्क तैयार कर रही है। इसके लिए कंपनी ने 13 डीलरों से साझेदारी कर 27 शहरों में 32 शोरूम खोलने की योजना बनाई है। इसमें दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहर शामिल होंगे।

इसके अलावा, कंपनी ने रोडग्रिड, myTVS और ग्लोबल अश्योर जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर देशभर में चार्जिंग और आफ्टर-सेल्स सेवाओं का नेटवर्क विकसित करने की योजना बनाई है। इस साझेदारी में AI-आधारित डायग्नोस्टिक्स और डिजिटल सपोर्ट की सुविधा भी शामिल होगी। वहीं BatX Energies के साथ करार करके कंपनी पुराने ईवी बैटरी के पुनर्चक्रण और धातु पुनर्प्राप्ति पर आधारित सर्कुलर बैटरी इकोसिस्टम तैयार करेगी।

तमिलनाडु स्थित 500 करोड़ रुपये की लागत से बने विनफास्ट के कारखाने की क्षमता सालाना 1.5 लाख वाहन बनाने की होगी और यह संयंत्र पूरी तरह चालू होने पर करीब 3,500 प्रत्यक्ष नौकरियां भी उपलब्ध कराएगा।

VinFast VF6: मुख्य आकर्षण

VF6 को कंपनी की सबसे किफायती एसयूवी माना जा रहा है। इसका आकार 4,241 मिमी लंबा, 1,834 मिमी चौड़ा और 1,580 मिमी ऊंचा है, जबकि व्हीलबेस 2,730 मिमी का है। यह सीधे तौर पर आने वाली हुंडई क्रेटा ईवी और टाटा Curvv.ev को टक्कर देगी।

  • इंजन विकल्प:

o इको वेरिएंट – 174hp, 250Nm टॉर्क, 59.6kWh बैटरी, 399 किमी तक की रेंज (WLTP)

o प्लस वेरिएंट – 201hp, 310Nm टॉर्क, समान बैटरी, 381 किमी तक की रेंज (WLTP)

  • प्रदर्शन: 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार महज 8.89 सेकेंड में पकड़ती है।
  • इंटीरियर: 12.9 इंच का टचस्क्रीन, हेड-अप डिस्प्ले, वेगन लेदर सीटें, पैनोरमिक सनरूफ, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो/एप्पल कारप्ले।
  • सुरक्षा: 7 एयरबैग, लेवल-2 ADAS, 360-डिग्री कैमरा, ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग और ओटीए अपडेट्स जैसी सुविधाएं।

VinFast VF7: मुख्य आकर्षण

VF6 के ऊपर स्थित VF7 एक बड़ी और प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी है, जिसका आकार 4,545 मिमी लंबा, 1,890 मिमी चौड़ा और 1,636 मिमी ऊंचा है। इसका व्हीलबेस 2,840 मिमी का है।

इंजन विकल्प:

इको वेरिएंट (FWD) – 201hp, 310Nm, 450 किमी तक की रेंज, 0–100 किमी/घंटा 9.5 सेकेंड

प्लस वेरिएंट (AWD) – 348hp, 500Nm, 431 किमी तक की रेंज, 0–100 किमी/घंटा 5.8 सेकेंड

इंटीरियर: 12.9 इंच (इको) और 15 इंच (प्लस) टचस्क्रीन, हेड-अप डिस्प्ले, वेगन लेदर सीटें, पैनोरमिक रूफ और उन्नत एयर प्यूरीफायर।

कनेक्टिविटी: मोबाइल ऐप आधारित कंट्रोल, लाइव ट्रैकिंग, सिक्योरिटी अलर्ट और एक्सक्लूसिव मोड्स (कैम्प, पेट, वॉश, वॉलेट)।

सुरक्षा: लेवल-2 ADAS, 7 एयरबैग (ड्राइवर नीड एयरबैग सहित), रोलओवर मिटिगेशन, 360-डिग्री कैमरा और ऑटो हाई बीम।

भारत में इन दोनों एसयूवी की लॉन्चिंग से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने वाली है।

टाटा मोटर्स ने लॉन्च की नई Winger Plus, कीमत 20.60 लाख रुपये

टाटा मोटर्स ने अपने यात्री परिवहन पोर्टफोलियो को और मजबूत करते हुए नई Winger Plus पेश की है। यह 9-सीटर वैन खासतौर पर स्टाफ ट्रांसपोर्टेशन और पर्यटन क्षेत्र की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। नई दिल्ली में एक्स-शोरूम कीमत 20.60 लाख रुपये तय की गई है, जिससे यह अपने सेगमेंट में डिज़ाइन, फीचर्स और तकनीक के मामले में एक नया मानक स्थापित करने वाली साबित हो सकती है।
बेहतर कम्फर्ट और सुविधाओं से लैस

Winger Plus को ‘बेस्ट-इन-क्लास कम्फर्ट’ प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसमें रीक्लाइनिंग कैप्टन सीट्स दी गई हैं, जिनमें आर्मरेस्ट भी मौजूद हैं। हर यात्री के लिए पर्सनल यूएसबी चार्जिंग पॉइंट और इंडिविजुअल एसी वेंट्स की सुविधा उपलब्ध है। लंबी यात्रा के दौरान आरामदायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त लेगरूम, चौड़ा केबिन और बड़ा लगेज एरिया भी दिया गया है। मोनोकोक चेसिस पर बनी यह वैन सुरक्षा, स्थिरता और कार जैसी स्मूद राइड क्वालिटी का वादा करती है, जिससे ड्राइवर की थकान भी कम होती है।

दमदार इंजन और आधुनिक तकनीक

इस नए मॉडल को 2.2 लीटर डाइकोर (Dicor) डीज़ल इंजन से पावर मिलता है, जो 100 बीएचपी की ताकत और 200 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करता है। वैन को टाटा मोटर्स के Fleet Edge कनेक्टेड प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे ऑपरेटर्स को रीयल-टाइम वाहन ट्रैकिंग, डायग्नोस्टिक्स और फ्लीट ऑप्टिमाइजेशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

कंपनी की रणनीति और विज़न

टाटा मोटर्स के वाइस प्रेसिडेंट और हेड–कमर्शियल पैसेंजर व्हीकल बिजनेस आनंद एस. ने लॉन्च के मौके पर कहा, “Winger Plus को इस तरह इंजीनियर किया गया है कि यह यात्रियों को प्रीमियम अनुभव दे और फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए बेहतर वैल्यू प्रोवाइड करे। इसकी राइड कम्फर्ट, कम लागत और सेगमेंट-लीडिंग एफिशिएंसी इसे न सिर्फ लाभकारी बनाती है बल्कि यात्रा के हर पहलू में नया मानक भी तय करती है। भारत में यात्री परिवहन का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है—शहरी क्षेत्रों में स्टाफ ट्रांसपोर्टेशन से लेकर देशभर में पर्यटन की बढ़ती मांग तक। Winger Plus इन सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।”

पोर्टफोलियो में मजबूती

नई Winger Plus की लॉन्चिंग से टाटा मोटर्स का पैसेंजर कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो और भी मज़बूत हुआ है, जिसमें 9-सीटर वैन से लेकर 55-सीटर बसें शामिल हैं। कंपनी विभिन्न पावरट्रेन विकल्पों के साथ यह रेंज पेश करती है। इसके साथ ही ‘सम्पूर्ण सेवा 2.0’ नामक व्हीकल लाइफसाइकल मैनेजमेंट प्रोग्राम भी उपलब्ध है, जिसमें गारंटीड टर्नअराउंड टाइम, AMC विकल्प, जेन्युइन स्पेयर्स और देशभर में ब्रेकडाउन असिस्टेंस की सुविधा दी जाती है।

बिक्री और सर्विस नेटवर्क

देशभर में 4,500 से अधिक सेल्स और सर्विस टचप्वाइंट्स के विस्तृत नेटवर्क के साथ टाटा मोटर्स का लक्ष्य है कि Winger Plus के जरिए कमर्शियल पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अपनी उपस्थिति और अधिक मजबूत की जाए।

Indonesia Protesters : इंडोनेशिया में प्रदर्शनकारियों का काउंसिल बिल्डिंग पर धावा , आग लगने से 3 की मौत

Indonesia Protesters : इंडोनेशिया की राजधानी में शुक्रवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब दंगा पुलिस और सांसदों के भत्ते के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच झड़प के दौरान एक डिलीवरी सवार को कथित तौर पर पुलिस वाहन द्वारा कुचल दिया गया। खबरों के अनुसार, इंडोनेशिया के शहर मकास्सर में एक काउंसिल बिल्डिंग भवन (Council Building Building) में प्रदर्शनकारियों द्वारा आग लगा दी गई। आग से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई।

प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार तड़के मध्य जकार्ता स्थित पुलिस मोबाइल ब्रिगेड के मुख्यालय तक मार्च किया और कुछ ने परिसर में घुसने का प्रयास किया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग करते हुए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के एक आक्रोशित समूह ने एक पुलिस चौकी और पुलिस परिसर के पास खड़ी कारों में आग लगा दी। उन्होंने यातायात संकेतों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नष्ट कर दिया, जिससे क्षेत्र में यातायात ठप हो गया।

इंडोनेशिया में शुक्रवार से ही जकार्ता सहित प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे पहले सरकारी अधिकारियों के कम वेतन और कथित तौर पर अत्यधिक भत्ते के विरोध में आयोजित रैलियों में एक मोटरसाइकिल डिलीवरी ड्राइवर को पुलिस के सामरिक वाहन द्वारा कुचल दिए जाने और उसकी मौत हो जाने का फुटेज सामने आया था। पश्चिमी जावा की राजधानी बांडुंग में भी शुक्रवार को प्रदर्शनों के दौरान एक बैंक और एक रेस्तरां सहित व्यावसायिक इमारतों को जला दिया गया।

राष्ट्रप​ति डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ी मुसीबत, भारत से यूक्रेन खरीदता है सबसे अधिक तेल

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगा कर रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रूकवाना चाहते है। अपने इस दांव में राष्ट्रपति ट्रंप खुद फंस गए है। एक तरफ ट्रंप यूक्रेन की युद्ध के समय आर्थिक मदद कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन भारत से अपनी खपत का 50 प्रतिशत तेल भारत से खरिदता है। ट्रंप शायद यह भूल गए कि जिस यूक्रेन को उनका देश आर्थिक मदद से लेकर सैन्य मदद मुहैया करा रहा है वह भारत के डीजल पर चलता है।

यूक्रेन को तेल बेचने में भारत सबसे आगे है। भारत विश्व भर से सस्ता तेल यूक्रेन को मुहय्या कराता है और इसे तेल से यूक्रेन की सेना अपने वाहन चला रही है। अमेरिका ने रूसी तेल आयात जारी रखने के लिए भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया था। ट्रंप का कहना है कि रूस से तेल खरीद कर भारत इस युद्ध में रूस की मदद कर रहा है। लेकिन ट्रंप शायद यह भूल गए कि यूक्रेन भी भारी मात्रा में भारत से डीजल खरीद रहा है।

विडंबना यह है कि जहां एक ओर वाशिंगटन, मास्को के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों को लेकर उस पर टैरिफ लगा रहा है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय डीजल कीव की युद्धकालीन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है। यूक्रेनी तेल बाजार विश्लेषण फर्म, नैफ्टोरिनोक के अनुसार, जुलाई में यूक्रेन के डीजल आयात में भारत की हिस्सेदारी 15.5% थी। यह किसी भी अन्य देश से बहुत अधिक है। दैनिक शिपमेंट औसतन 2,700 टन रहा, जिससे यह इस वर्ष भारत के सबसे अधिक मासिक ईंधन निर्यात आंकड़ों में से एक बन गया।

भारत से भरपुर मात्रा में तेल ख​रीद रहा है यूक्रेन

जानकारी के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2025 तक, यूक्रेन की डीजल आपूर्ति में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 10.2 प्रतिशत हो गई। यह 2024 की इसी अवधि के दौरान केवल 1.9 प्रतिशत थी। भारत पर प्रतिबंधों के बावजूद डीजल कथित तौर पर रोमानिया से डेन्यूब नदी के किनारे टैंकरों से और तुर्की के ओपीईटी टर्मिनल के जरिए यूक्रेन पहुंच रहा है।

दबाव के बीच भी भारत से तेल खरीद रहा यूक्रेन

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव चल रहा है। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर जानबूझकर टैरिफ बम फोड़ है। इन सबके बीच यूक्रेन ने भारत से जमकर डीजल खरीद जारी रखी। अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध भारत के तेल स्रोतों पर निशाना साध रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर अमेरिकी प्रशासन यह भूल रहा है कि यूक्रेन भारत के डीजल पर ही निर्भर है। जुलाई में यूक्रेन को निर्यात करने वाले अन्य प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में स्लोवाकिया 15 प्रतिशत, ग्रीस 13.5 प्रतिशत, तुर्की 12.4 प्रतिशत और लिथुआनिया 11.4 प्रतिशत शामिल थे। हालाँकि, इनमें से भारतीय निर्यात में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।

Israeli air strikes on Yemen : यमन के सना पर इजरायली हवाई हमलों में हूती PM अहमद अल-रहावी की मौत

Israeli air strikes on Yemen : यमन में ईरान-समर्थित हूती समूह ने शुक्रवार (29 अगस्त) को सना में इजरायली हवाई हमलों में अपने प्रधानमंत्री को खो दिया। खबरों के अनुसार, यमन की राजधानी सना पर इज़राइली हवाई हमलों में ईरान समर्थित हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी (Huthi Prime Minister Ahmed al-Rahawi) मारे गए और समूह के रक्षा मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया गया।

इजरायली सेना ने कहा कि हूती समूह द्वारा फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में मिसाइलें और ड्रोन दागे जाने के कुछ दिनों बाद, गुरुवार को ये हमले हूती-नियंत्रित सना (Houthi-controlled Sanaa) पर किए गए। इज़राइली सेना ने कहा कि उसने इजराइल पर बार-बार हमलों के बाद, राष्ट्रपति भवन सहित सना में हूती सैन्य ठिकानों (Houthi military bases) पर हमला किया। खबरों के अनुसार, यमनी राजधानी के अधिकारियों ने कम से कम 10 लोगों के मारे जाने और 90 के घायल होने की सूचना दी है।

यमनी समाचार पत्र अल-जुम्हुरिया के अनुसार, हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी हमलों के दौरान अपने अपार्टमेंट में अपने कई सहयोगियों के साथ मारे गए। इजराइल अधिकारियों का यह भी मानना है कि रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-अतीफी (Defense Minister Mohammed Al-Atifi) और चीफ ऑफ स्टाफ मुहम्मद अब्द अल-करीम अल-गमारी सना के बाहर एक कैबिनेट बैठक के दौरान मारे गए, हालांकि अभी भी आकलन जारी है।

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% पर पहुंची, अर्थशास्त्रियों ने जताई खुशी

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 6.5 प्रतिशत की तुलना में काफी अधिक है। इस प्रदर्शन से अर्थशास्त्रियों और उद्योग विशेषज्ञों में उत्साह है और वे इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण मान रहे हैं।

सीआईआई के वरिष्ठ समिति सदस्य और एमएसएमई काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अशोक सहगल ने इसे बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत की यह वृद्धि दो मुख्य कारणों से हुई है। पहला, वैश्विक स्तर पर टैरिफ लागू होने की आशंका के चलते निर्यातकों ने समय से पहले निर्यात गतिविधियां बढ़ा दीं। दूसरा, खासकर उन क्षेत्रों में जो टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित थे। सहगल ने बताया कि निर्यात में बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।

आर्थिक विशेषज्ञ प्रोफेसर यशवीर त्यागी ने भी इस उपलब्धि को सराहा। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। 7.8 प्रतिशत की यह दर पहले के अनुमानों से अधिक है, जो दर्शाता है कि वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। त्यागी के अनुसार यह सफलता नीतिगत सुधारों का नतीजा है और भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।

सौराष्ट्र विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर सुरेश भाई परदवा ने इस वृद्धि का श्रेय अच्छे मानसून और कृषि उत्पादन को दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.5 से बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई है। अच्छे मानसून से कृषि उत्पादन बढ़ा, जिससे अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ा। परदवा ने बताया कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र मिलकर इस वृद्धि में योगदान दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति जैसे जोखिमों को देखते हुए नीतिगत सतर्कता जरूरी है।

जीएम विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. उमा चरण पति ने इस वृद्धि को “सकारात्मक और अपेक्षित परिणाम” बताया। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार के “सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन” एजेंडे के तहत पिछले एक दशक में किए गए सुधारों का नतीजा है। डॉ. पति के अनुसार प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) ने ग्रामीण आय को मजबूती दी है और 2022-23 से पूंजीगत व्यय में तेज बढ़ोतरी ने बुनियादी ढांचे पर आधारित विकास को गति दी है। उन्होंने बताया कि खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 1.55 प्रतिशत पर आ गई है, जिससे उत्पादकता और क्रय शक्ति बढ़ी है और खपत में इजाफा हुआ है।

डॉ. पति ने यह भी जानकारी दी कि जीएसटी संग्रह जुलाई 2024 से जुलाई 2025 के बीच 10.7 प्रतिशत बढ़ा है, जो जनता के विश्वास और मजबूत आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस साल अच्छे मानसून और बंपर फसल की संभावना आने वाले महीनों में विकास को और गति दे सकती है।

ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने अवैध प्रवासियों को हिरासत में लेकर वापस भेजने का एलान किया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शनिवार को घोषणा की कि इंग्लिश चैनल पार कर अवैध रूप से आने वाले प्रवासियों को देश में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को हिरासत में लिया जाएगा और वापस भेजा जाएगा। यह बयान तब आया है जब सरकार पर चैनल क्रॉसिंग और शरण होटलों के बढ़ते बोझ को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हम अवैध प्रवेश को बढ़ावा नहीं देंगे। अगर आप चैनल पार कर अवैध रूप से आते हैं तो आपको हिरासत में लिया जाएगा और वापस भेजा जाएगा।” यह घोषणा उस समय की गई जब शनिवार को इंग्लैंड के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। लंदन, स्केग्नेस और ग्लूसेस्टर में लोगों ने शरणार्थियों को होटलों में ठहराए जाने का विरोध किया। पश्चिमी लंदन में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

हाल के महीनों में यह मुद्दा और गंभीर हुआ है। गर्मियों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, जब एक होटल में रह रहे एक शरणार्थी को गिरफ्तार किया गया था। उस पर 14 साल की एक लड़की के कथित यौन उत्पीड़न सहित कई अपराधों के आरोप लगे थे। इसके बाद से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज हो गया। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक जून तक होटलों में रह रहे शरणार्थियों की संख्या 32,000 से अधिक हो गई। सरकार ने वादा किया था कि अगले आम चुनाव तक शरणार्थियों के लिए इस्तेमाल हो रहे इन होटलों को बंद कर दिया जाएगा।

ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर एक योजना पर काम कर रहे हैं जिसके तहत छोटी नावों से इंग्लिश चैनल पार करके आने वाले प्रवासियों को वापस फ्रांस भेजा जाएगा। बदले में उतनी ही संख्या में शरणार्थियों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए ब्रिटेन लाया जाएगा। हालांकि यह संख्या आने वालों की कुल संख्या का बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों के मुताबिक 31 जुलाई 2025 तक 25,000 से अधिक लोग छोटी नावों के जरिए इंग्लिश चैनल पार कर चुके थे। यह संख्या 2024 की इसी अवधि की तुलना में लगभग 49 प्रतिशत ज्यादा है।

Rahul Dravid: राजस्थान रॉयल्स का बड़ा ऐलान, आईपीएल 2026 में राहुल द्रविड़ नहीं होंगे हेड कोच

0

Rajasthan Royals Head Coach: राजस्थान रॉयल्स ने आज घोषणा की कि मुख्य कोच राहुल द्रविड़ आईपीएल 2026 से पहले फ्रैंचाइज़ी के साथ अपना कार्यकाल समाप्त कर देंगे। द्रविड़ कई वर्षों से रॉयल्स के सफ़र में केंद्रीय भूमिका में रहे हैं। उनके नेतृत्व ने खिलाड़ियों की एक पीढ़ी को प्रभावित किया है, टीम के भीतर मज़बूत मूल्यों का निर्माण किया है और फ्रैंचाइज़ी की संस्कृति पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

राजस्थान रॉयल्स फ्रैंचाइज़ी की संरचनात्मक समीक्षा के तहत राहुल को फ्रैंचाइज़ी में एक व्यापक पद की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। फ्रैंचाइज़ी, उसके खिलाड़ी और दुनिया भर के लाखों प्रशंसक, फ्रैंचाइज़ी के प्रति उनकी उल्लेखनीय सेवा के लिए राहुल का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। बता दें कि द्रविड़ ने 2024 में आरआर में वापसी थी, जिसकी उन्होंने पहले कप्तानी और कोचिंग की थी, एक साल से भी कम समय तक चली है, क्योंकि उन्हें आधिकारिक तौर पर 6 सितंबर, 2024 को टीम का कोच नियुक्त किया गया था।

राजस्थान रॉयल्स ने क्या कहा

राजस्थान रॉयल्स ने आज घोषणा की कि मुख्य कोच राहुल द्रविड़ आईपीएल 2026 से पहले फ्रैंचाइज़ी के साथ अपना कार्यकाल समाप्त कर देंगे। राहुल कई वर्षों से रॉयल्स के सफ़र के केंद्र में रहे हैं। उनके नेतृत्व ने खिलाड़ियों की एक पीढ़ी को प्रभावित किया है, टीम में मज़बूत मूल्यों का संचार किया है और फ्रैंचाइज़ी की संस्कृति पर एक अमिट छाप छोड़ी है। फ्रैंचाइज़ी की संरचनात्मक समीक्षा के तहत, राहुल को फ्रैंचाइज़ी में एक व्यापक पद की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। राजस्थान रॉयल्स, उसके खिलाड़ी और दुनिया भर के लाखों प्रशंसक फ्रैंचाइज़ी के लिए राहुल की उल्लेखनीय सेवा के लिए उनका हार्दिक धन्यवाद करते हैं।