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धान की खेती के लिए किसानों के लिए आवश्यक बातें

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Lucknow: धान की खेती भारत में सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसलों में से एक है। इसकी खेती सही तरीके से करने पर किसान अच्छी पैदावार और मुनाफा कमा सकते हैं। नीचे धान की खेती के लिए जरूरी बातें विस्तार से दी गई हैं:


धान की खेती के लिए आवश्यक बातें:

1. जलवायु और मिट्टी

  • जलवायु: धान की खेती के लिए गर्म और आद्र्र जलवायु (25°C से 35°C) उपयुक्त होती है।
  • मिट्टी: दोमट, चिकनी या बलुई दोमट मिट्टी जिसमें जलधारण क्षमता हो — सबसे बेहतर रहती है।
  • pH मान: 5.5 से 7 के बीच उपयुक्त होता है।

2. उन्नत किस्में

  • किसानों को अपने क्षेत्र के अनुसार प्रमाणित उन्नत बीजों का चयन करना चाहिए, जैसे:
    • IR-64, MTU-1010, BPT-5204, PR-114 (उत्तर भारत)
    • Swarna, MTU-7029, Naveen, Jaya (पूर्वी भारत)
    • Hybrid Varieties: जैसे KRH-2, Arize Tej अधिक उत्पादन देती हैं।

3. बीज उपचार और बुवाई

  • बीज उपचार: बुवाई से पहले बीज को फफूंदनाशक (जैसे कार्बेन्डाजिम) से उपचारित करें।
  • बुवाई के तरीके:
    • रोपाई विधि: 25-30 दिन की नर्सरी तैयार करके पौधों को मुख्य खेत में लगाएं।
    • सीधी बुवाई: ट्रैक्टर या हाथ से सीधे बीज बोएं (कम पानी वाले क्षेत्र में उपयुक्त)।

4. खाद और उर्वरक प्रबंधन

  • नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), पोटाश (K) का संतुलित उपयोग जरूरी है।
  • उर्वरक की सामान्य मात्रा प्रति एकड़:
    • N:P:K = 60:30:30 किग्रा
  • जैविक खाद (गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट) का उपयोग मृदा उर्वरता के लिए फायदेमंद है।

5. सिंचाई व्यवस्था

  • धान को अधिक पानी की जरूरत होती है। खेत में लगातार 4-5 सेमी पानी बना रहना चाहिए।
  • प्रत्यावर्ती गीलापन-सुखापन विधि (AWD) से जल बचाया जा सकता है।

6. निंदाई और गुड़ाई

  • पहली निंदाई: रोपाई के 20-25 दिन बाद।
  • दूसरी निंदाई: 40-45 दिन पर।
  • कुशल खरपतवार नियंत्रण: पेंडिमिथालिन, बिसपाइरिबैक-सोडियम जैसे खरपतवारनाशकों का प्रयोग करें।

7. रोग और कीट नियंत्रण

  • आम रोग: ब्लास्ट, शीथ ब्लाइट, ब्राउन स्पॉट
  • कीट: गंधी कीड़ा, तना छेदक, पत्ती लपेटक
  • रोकथाम: नीम आधारित जैव कीटनाशक या रसायनों (जैसे कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड) का उपयोग।

8. फसल की कटाई

  • जब 80-85% बालियाँ पीली हो जाएँ तब कटाई करें।
  • कटाई के बाद धान को अच्छी तरह सुखाकर भंडारण करें।

✔️ किसानों के लिए अतिरिक्त सुझाव

  • मृदा परीक्षण: खेत में खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच जरूर कराएं।
  • फसल बीमा: फसल जोखिम को देखते हुए बीमा कराएं।
  • सरकारी योजनाएं: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सॉयल हेल्थ कार्ड आदि का लाभ लें।
  • संवर्धित खेती: SRI (System of Rice Intensification) तकनीक अपनाने से पानी की बचत और ज्यादा पैदावार संभव।

CSBC , BSSC Vacancy 2025: खुशखबरी, बिहार में निकलेगी कांस्टेबल व क्लर्क समेत 2180 पदों पर भर्ती

CSBC Bihar Constable , BSSC Clerk Vacancy 2025: बिहार सरकार के मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग में 2180 पदों पर सीधी भर्ती होगी। इनके अतिरिक्त 1245 पद आंतरिक व्यवस्था के तहत प्रोन्नति से भरे जायेंगे। विभाग ने सीधी बहाली वाले 2180 पदों पर नियुक्ति के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से संबंधित आयोगों को अधियाचना भेजी है। इनमें सबसे अधिक 1603 पद मद्य निषेध सिपाही के हैं। इन पदों के लिए केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) को अधियाचना भेजी गयी है। इनके अतिरिक्त अवर निबंधक या संयुक्त अवर निबंधक के 14 पदों पर बहाली को लेकर बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना मिली है।

6707 स्वीकृत पदों के मुकाबले 3526 पद रिक्त
जानकारी के मुताबिक मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग में 6707 स्वीकृत पदों के मुकाबले 3526 पद रिक्त हैं। जिला अवर निबंधक के स्वीकृत 40 पद में 06, जबकि अवर निबंधक के स्वीकृत 137 पद में 17 पद रिक्त हैं। निबंधन विभाग में उच्चवर्गीय लिपिक के स्वीकृत 490 पद में 51 ही कार्यरत हैं। शेष 439 पदों को प्रोन्नति से भरा जायेगा। वहीं, निम्नवर्गीय लिपिक के स्वीकृत 900 पदों में 329 ही कार्यरत हैं। रिक्त 571 में 135 प्रोन्नति से जबकि 436 बहाली कर भरे जायेंगे।

मद्य निषेध एएसआई और इंस्पेक्टर के शत-प्रतिशत रिक्त पदों को जबकि मद्य निषेध दारोगा के 50 फीसदी रिक्त पदों को प्रोन्नति से भरा जाना है। सिपाहियों की बहाली प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहले से बहाल सिपाही, एएसआई और दारोगा को यह प्रोन्नति मिलेगी।

पद, वैकैंसी और आयोग ( जो भर्ती निकालेगा)
मद्य निषेध सिपाही – 1603- केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती)

निम्नवर्गीय लिपिक (निबंधन) – 440 – बिहार कर्मचारी चयन आयोग

कार्यालय परिचारी (मूल कोटि) – 79 – बिहार तकनीकी सेवा आयोग

अवर निरीक्षक मद्य निषेध – 28- बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग

अवर निबंधक/संयुक्त अवर निबंधक – 14- बिहार लोक सेवा आयोग

वाहन चालक – 07- बिहार तकनीकी सेवा आयोग

आशुलिपिक ग्रेड तीन 09- बिहार कर्मचारी चयन आयोग

JoSAA Counselling 2025: आज शाम 5 बजे बंद हो जाएगा JoSAA काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन, फौरन करें अप्लाई

JoSAA Counselling 2025 Registration: जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी की ओर से आज 12 जून 2025 को जोसा काउंसलिंग (JoSAA Counselling) प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। अगर आप ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो अभी आधिकारिक वेबसाइट josaa.nic.in पर जाकर अप्लाई करें। आवेदन करने का लिंक आज शाम 5 बजे तक एक्टिव रहेगा।

JoSAA Counselling 2025 Direct Link
इस वर्ष जोसा काउंसिलिंग की ओर से 23 आईआईटी, 32 एनआईटी, 26 ट्रिपलआईटी और 47 जीएफटीआई इंस्टीट्यूट में एडमिशन दिया जाएगा। काउंसिलिंग प्रक्रिया 3 जून से 28 जुलाई 2025 के बीच छह राउंड में पूरी करायी जाएगी।

14 जून 2025 को फर्स्ट राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया जाएगा। आपको बता दें कि फर्स्ट अलॉटमेंट ओपन रैंक से होगा। जिन स्टूडेंट्स को फर्स्ट राउंड में सीट का अलॉटमेंट होगा, उन्हें ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान सीट एक्सेप्टेंस फीस जमा कर सर्टिफिकेट अपलोड कर अपनी सीट 19 जून 2025 तक कन्फर्म करनी होगी। दूसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 21 जून 2025 को, तीसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 28 जून 2025 को, चौथे राउंड का 4 जुलाई को, पांचवें राउंड का 10 जुलाई को और अंतिम यानी छठे राउंड का सीट अलॉटमेंट 16 जुलाई को जारी होगा।

ऑनलाइन रिपोर्टिंग में आवश्यक दस्तावेज, कर लें ये डॉक्यूमेंट तैयार जोसा काउंसिलिंग में सीट आवंटन के बाद विद्यार्थियों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग में 10वीं, 12वीं की अंकतालिका, जेईई मेन/एडवांस्ड एडमिट कार्ड, कैटेगरी सर्टिफिकेट, कैंसिल चैक की फॉटोकॉपी, मेडिकल सर्टिफिकेट आदि स्कैन कर अपलोड करने होंगे। ईडब्ल्यूएस एवं ओबीसी के विद्यार्थियों को एक अप्रैल 2025 के बाद का कैटेगरी सर्टिफिकेट देना होगा।

JoSAA Counselling 2025: जोसा काउंसलिंग 2025 के लिए कैंडिडेट कैसे रजिस्ट्रेशन करें-

  1. सबसे पहले कैंडिडेट को ऑफिशियल वेबसाइट josaa.nic.in पर जाना होगा।
  2. इसके बाद आपको होम पेज पर दिए गए आवेदन लिंक JoSAA Counselling 2025 पर क्लिक करना होगा।
  3. अब आपको अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।
  4. इसके बाद आपको लॉग इन कर एप्लीकेशन फॉर्म को भरना होगा।
  5. अब आप एप्लीकेशन फॉर्म को चेक कीजिए और इसके बाद अपनी फीस जमा कीजिए।
  6. इसके बाद आप एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर लीजिए और भविष्य के लिए इसका प्रिंट आउट निकाल लीजिए।

TVS का नया अफॉर्डेबल ई-स्कूटर, 1 लाख से कम कीमत में दे सकता है बड़ा झटका

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भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और अब TVS मोटर्स एक ऐसा स्कूटर पेश करने की तैयारी में है जो देश के कई मौजूदा मॉडलों को पीछे छोड़ सकता है। कंपनी का यह नया मॉडल कीमत के मामले में काफी आक्रामक हो सकता है और यह बजाज चेतक और ओला S1X को सीधी टक्कर देने की क्षमता रखता है। TVS मोटर्स ने अभी तक अपने इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में सिर्फ एक ही मॉडल iQube लॉन्च किया है, जो देखते ही देखते भारत का नंबर-1 इलेक्ट्रिक स्कूटर बन गया है। अब कंपनी इसी सफलता को भुनाते हुए एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की योजना बना रही है। यह नया स्कूटर एक एंट्री-लेवल अफॉर्डेबल वर्जन होगा, जिसकी कीमत ₹1 लाख से कम रखी जा सकती है।

इस स्कूटर के लिए TVS ने ‘Orbiter’ नाम का ट्रेडमार्क भी करा लिया है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसी नाम से यह स्कूटर बाजार में आ सकता है। टीवीएस iQube के बेस वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹1 लाख और टॉप वेरिएंट की कीमत ₹1.59 लाख है, ऐसे में नया मॉडल इससे सस्ता और ज्यादा किफायती हो सकता है।

डिजाइन और संभावनाएं

इंडोनेशिया में कंपनी ने एक नए इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट भी कराया है जो बेहद स्लीक और मॉडर्न नजर आता है। इस स्कूटर में बड़ा व्हील साइज, स्विंगआर्म-माउंटेड मोटर और प्रीमियम लुक्स देखने को मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि यह स्कूटर वही TVS Orbiter हो सकता है, जिसकी चर्चा हो रही है।

कुछ AI आधारित रेंडर्स भी सामने आए हैं जो इस मॉडल को प्रोडक्शन-रेडी स्टेट में दिखाते हैं। यदि TVS का स्कूटर इन रेंडर्स से मेल खाता है, तो कंपनी बजाज, ओला और अन्य ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दे सकती है।

बाजार में TVS की स्थिति

मई 2025 में TVS ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में बजाज ऑटो और ओला इलेक्ट्रिक को पीछे छोड़कर नंबर-1 की पोजीशन हासिल की है। ऐसे में कंपनी इस नए स्कूटर के माध्यम से अपनी बढ़त को और भी मज़बूत करना चाहती है।

नए अवतार में आई नेता और अभिनेताओं की ये पसंदीदा SUV, अब मिलेंगे कई धाकड़ फीचर्स; पहले से ज्यादा भौकाली हुई

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नई दिल्ली: टोयोटा ने अपनी मशहूर और पावरफुल SUV फॉर्च्यूनर (Fortuner) का नया वर्जन भारत में लॉन्च कर दिया है। ये नया मॉडल अब माइल्ड हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ आती है, जिससे ये पहले से ज्यादा माइलेज देगी और ड्राइव भी ज्यादा स्मूद होगी। इस नई तकनीक को टोयोटा ने ‘Neo Drive’ नाम दिया है। इसकी कीमत 44.72 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

इस माइल्ड हाइब्रिड फॉर्च्यूनर में नया क्या?
टोयोटा ने इसमें वही दमदार 2.8-लीटर का डीजल इंजन रखा है, जो 204hp की पावर और 500Nm का टॉर्क देता है। लेकिन, अब इसमें एक 48V माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम जुड़ा है, जिसमें एक बेल्ट-इंटीग्रेटेड स्टार्टर जनरेटर और लिथियम-आयन बैटरी शामिल है। आइए जरा विस्तार से इसकी सबसे बड़ा फायदा है।

ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फीचर
इसमें ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फीचर मिलता है, जिससे इंजन ट्रैफिक में अपने आप ऑन और ऑफ होता है, जिससे माइलेज बढ़ जाता है। ये अब स्मूद एक्सीलरेशन, लो-स्पीड पर ड्राइव और भी सॉफ्ट लगेगी। इसमें कम इंजन नॉइज मिलता है। अंदर बैठे लोगों को ज्यादा शांति का अहसास होगा।

क्या है कीमत और वैरिएंट्स?
कीमत और वैरिएंट्स
वैरिएंट कीमत (एक्स-शोरूम)
Fortuner Neo Drive Mild Hybrid ₹44.72 लाख
Legender Neo Drive Mild Hybrid ₹50.09 लाख
ये दोनों वैरिएंट फॉर्च्यूनर (Fortuner) की रेगुलर 4×4 AT वैरिएंट्स से करीब 2 लाख महंगे हैं। इनसे ऊपर सिर्फ GR-S वैरिएंट आता है।

सेफ्टी और फीचर्स में भी किया गया है अपग्रेड
इस बार टोयोटा ने फॉर्च्यूनर (Fortuner) और लेजेंडर नियो ड्राइव (Legender Neo Drive) वैरिएंट्स को कुछ नए सेफ्टी फीचर्स के साथ उतारा है। इसमें 360 डिग्री कैमरा, 7 एयरबैग, हिल असिस्ट और हिल डिसेंट कंट्रोल, ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम जैसे फीचर्स हैं। डिजाइन और इंटीरियर में ज्यादा बदलाव नहीं किए गए हैं। पहले जैसा ड्यूल-टोन लेदर इंटीरियर और वही दमदार बॉडी स्टाइल बना हुआ है। इसमें बस अब पीछे ‘Neo Drive’ बैज लगा मिलेगा।

बुकिंग और डिलीवरी की जानकारी
इसकी बुकिंग आज यानी कि 2 जून 2025 से शुरू हो चुकी है। वहीं, इसकी डिलीवरी जून के तीसरे हफ्ते से शुरू होगी।

क्या यह फॉर्च्यूनर खरीदनी चाहिए?
अगर आप फॉर्च्यूनर (Fortuner) के शौकीन हैं और थोड़ा बेहतर माइलेज, कम आवाजा और स्मूद ड्राइविंग का अनुभव चाहते हैं, तो माइल्ड हाइब्रिड वर्जन आपके लिए एक शानदार ऑप्शन हो सकता है। हां, इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा है, लेकिन अगर आपको पावर और टेक्नोलॉजी दोनों चाहिए तो ये नया वर्जन आपके पैसे वसूल कर सकता है।

इन बैंकों के सस्ते हुए लोन, रेपो रेट कम होने के बाद किसे मिलेगा ज्यादा फायदा, जानें

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नई दिल्‍ली । आरबीआई(RBI) ने जिस तरह रेपो रेट(Repo Rate) में आधा प्रतिशत (50 बेसिस पॉइंट्स) की कटौती(Cuts) की है, उसके बाद अब बैंक भी अपने कर्ज देने की दरें (लेंडिंग रेट्स) कम कर रहे हैं। खासकर सरकारी बैंक इसकी अगुवाई कर रहे हैं। मजे की बात ये है कि इस बार पुराने कर्जदारों को नए कर्जदारों के मुकाबले ज्यादा फायदा मिल सकता है। क्योंकि, बैंक होम लोन पर जो ‘अतिरिक्त चार्ज’ (स्प्रेड) लगाते हैं, उसमें बदलाव कर सकते हैं। पहले से ही बाजार में हिस्सा बढ़ाने की होड़ में ये दरें काफी कम थीं।

किन बैंकों ने क्या किया?

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बैंक ऑफ बड़ौदा: अपनी रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) में आधा प्रतिशत की कटौती की है, जो 7 जून से लागू हो गई। अब उसकी RLLR 8.15% है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB): अपनी RLLR को आधा प्रतिशत घटाकर 8.35% कर दी है (9 जून से), लेकिन उसने अपनी एमसीएलआर (MCLR) दरें नहीं बदली हैं।

बैंक ऑफ इंडिया: इसने भी अपनी रेपो-आधारित लेंडिंग रेट में आधा प्रतिशत की कटौती करके उसे 8.35% कर दिया है (6 जून से)।

यूको बैंक: इसने दोनों दरों (RLLR और MCLR) में कटौती की है। RLLR आधा प्रतिशत घटाकर 8.30% (9 जून से)। MCLR में सभी अवधियों के लिए 0.10% (10 बेसिस पॉइंट्स) की कमी की। अब उसकी एक साल की MCLR 9% है।

एचडीएफसी बैंक: इसने 7 जून से अपनी एमसीएलआर में सभी अवधियों के लिए 0.10% की कटौती की है। अब उसकी ओवरनाइट और एक महीने की दरें 8.9% हैं।

पुराने कर्जदारों को क्यों मिलेगा ज्यादा फायदा?

आरबीआई के नियम कहते हैं कि बदलती दर (फ्लोटिंग रेट) वाले कर्ज की दरों को रेपो रेट के हिसाब से खुद-ब-खुद एडजस्ट करना होता है। इसका मतलब ये है कि जिन लोगों का पहले से लोन चल रहा है (खासकर जो RLLR/EBLR से जुड़े हैं), उनकी ब्याज दर और ईएमआई ऑटोमैटिक कम हो जाएगी।

टीओआई की खबर के मुताबिक नए कर्ज लेने वालों को ये पूरा फायदा नहीं मिल सकता। क्योंकि, बैंक अपना मुनाफा बचाने के लिए रेपो रेट के ऊपर जो अतिरिक्त चार्ज (स्प्रेड) लगाते हैं, उसे बढ़ा सकते हैं। इससे होम लोन की नई दरें उतनी नहीं घटेंगी, जितनी रेपो रेट में गिरावट आई है। उदाहरण के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में कटौती के बाद नए कर्जदारों के लिए होम लोन की दरें अब 8% से शुरू होती हैं।

पुराने कर्जदारों को नए लोगों से ज्यादा फायदा मिलने की एक बड़ी वजह है पहले से चल रही जबरदस्त प्रतिस्पर्धा। बाजार में हिस्सा बढ़ाने के लिए कई बैंक, खासकर जो बड़े खिलाड़ियों को टक्कर दे रहे थे, पहले ही बहुत सस्ते दरों पर लोन दे रहे थे।

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कटौती से पहले ही 30 लाख रुपये तक के लोन पर सिर्फ 7.85% की दर दे रहे थे।

केनरा बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूको बैंक 7.90% पर लोन दे रहे थे। केनरा की यह दर 75 लाख रुपये से ऊपर के लोन पर लागू थी, बाकी 30 लाख तक के लिए।

प्राइवेट बैंकों में पिछले हफ्ते तक साउथ इंडियन बैंक सबसे सस्ता था (30 लाख तक के लोन पर 8.30%)। करूर वैश्य बैंक 8.45%, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक 8.50% पर लोन दे रहे थे। बंधन बैंक, एक्सिस बैंक और कर्नाटक बैंक की दरें क्रमशः 8.66%, 8.75% और 8.78% थीं।

एफडी पर भी असर

बैंकों के मुनाफे पर दबाव बनने और सिस्टम में नकदी बढ़ने की वजह से आशंका है कि वे फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर मिलने वाले रिटर्न भी कम कर देंगे। इससे बचत करने वालों के लिए एफडी कम आकर्षक हो जाएंगी।

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 53% की वृद्धि, मई में टाटा के बाद JSW MG और महिंद्रा ने मारी बाज़ी

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार लगातार तेजी से बढ़ रहा है और इसी का प्रमाण मई 2025 के बिक्री आंकड़ों से मिलता है। मई महीने में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में सालाना आधार पर 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस सेगमेंट के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संकेत है।

टाटा मोटर्स ने बनाए मजबूत पांव, फिर भी बिक्री में आई गिरावट

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने मई 2025 में कुल 4351 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। हालांकि यह संख्या पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत कम है और मासिक स्तर पर भी लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। टाटा मोटर्स ने लंबे समय तक इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है, लेकिन अन्य कंपनियों की तेज़ी से बढ़ती बिक्री के चलते प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है।

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने किया जबरदस्त प्रदर्शन

मई महीने में जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने 3765 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो पिछले साल इसी अवधि की तुलना में लगभग 150 प्रतिशत अधिक है। साथ ही मासिक आधार पर भी 9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। एमजी मोटर की विंडसर ईवी सबसे अधिक बिकने वाली कार रही, जिसने कंपनी के लिए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री में भारी उछाल

देसी ऑटोमेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। मई 2025 में कंपनी ने अपनी एक्सईवी 9ई, बीई 6 और एक्सयूवी400 मॉडल की कुल 2632 यूनिट्स बेचीं, जो सालाना आधार पर 343 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। हालांकि, मासिक आधार पर बिक्री में करीब 11.65 प्रतिशत की कमी आई है, जो मौसमी या बाजार की कुछ अनिश्चितताओं को दर्शा सकती है।

हुंडई मोटर इंडिया की इलेक्ट्रिक कारों की मांग में भारी तेजी

दक्षिण कोरियाई ऑटोमेकर हुंडई मोटर इंडिया ने मई महीने में 606 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में 488 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की क्रेटा ईवी सबसे ज्यादा बिक रही है और यह लोकप्रियता इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में हुंडई की स्थिति को मजबूत करती है।

बीवाईडी इंडिया और बीएमडब्ल्यू इंडिया ने भी बढ़ाया दबदबा

चीन की कंपनी बीवाईडी इंडिया ने 494 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो सालाना 179 प्रतिशत और मासिक रूप से 43 प्रतिशत की तेजी दर्शाती हैं। वहीं, जर्मन लग्जरी वाहन निर्माता बीएमडब्ल्यू इंडिया ने भी मई में 174 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो मासिक 38 प्रतिशत और सालाना 135 प्रतिशत की वृद्धि है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी भारत में तेजी से बढ़ रही है।

अन्य कंपनियों का भी अच्छा प्रदर्शन

सिट्रोएन ब्रांड की 123 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं, जो मासिक आधार पर 156 प्रतिशत और सालाना 41 प्रतिशत की वृद्धि है। मर्सिडीज बेंज ने 88, वॉल्वो ने 33 और किआ इंडिया ने 26 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। किआ ने जहां सालाना बिक्री में 18 प्रतिशत की वृद्धि देखी, वहीं मासिक बिक्री में 16 प्रतिशत की गिरावट आई है।

यह स्पष्ट है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। सरकारी नीतियों के समर्थन, बढ़ती पर्यावरणीय जागरूकता और उपभोक्ता मांग में इजाफा इस सेक्टर के विस्तार को गति दे रहे हैं। हालांकि कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी कड़ी हो गई है, लेकिन इस उभरते बाजार में आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में यह बढ़ोतरी भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्रांति के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

रोहित शर्मा और विराट कोहली नहीं तो क्या हुआ, अब ये बल्लेबाज लेगा अंग्रेजों से मोर्चा

India vs England: भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज से पहले सबसे ज्यादा चर्चा तीन नामों की हो रही है। पहले दो नाम तो विराट कोहली और रोहित शर्मा के हैं और तीसरा नाम शुभमन​ गिल का है। लेकिन इस बीच एक और भारतीय बल्लेबाज है, जो चर्चा का विषय तो नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि उस खिलाड़ी ने सीरीज से पहले ही ऐसा धमाका किया है कि इंग्लिश कैंप में हंगामा मचा हुआ है। हम बात कर रहे हैं केएल राहुल की, जो इंडिया ए की ओर से खेल रहे हैं और इंग्लैंड लायंस को चारो खाने चित्त कर दिया है।

केएल राहुल ने इंग्लैंड पहुंचते ही बटोरी सुर्खियां
इंग्लैंड सीरीज से ठीक पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था, इसलिए उनके बारे में बात हो रही है, वहीं शुभमन​ गिल पहली बार टेस्ट कप्तानी करेंगे, इसलिए भी सुर्खियों में बने हुए हैं। इंग्लैंड सीरीज के लिए चुनी गई टीम इंडिया में केएल राहुल सबसे ​अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने इंग्लैंड में भी खूब टेस्ट खेले हैं और रन भी बनाए हैं। जब इंग्लैंड लायंस के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए भारत की ए टीम चुनी गई थी, तब केएल राहुल का नाम उसमें नहीं था, लेकिन इसके बाद भी राहुल ने खुद ही आगे बढ़कर बीसीसीआई से कहा कि वे इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दूसरा मैच खेलना चाहते हैं, इसके बाद उन्हें मौका मिला और इसका भरपूर फायदा राहुल ने उठाया।

इंग्लैंड लायंंस के खिलाफ पहली पारी में जड़ा शतक और फिर अर्धशतकीय पारी
केएल राहुल ने इस मैच में पारी का आगाज करते हुए शानदार शतक लगाया। उन्होंने 168 बॉल पर 116 रनों की बेहतरीन पारी खेली और इस दौरान 15 चौकों के साथ एक सिक्स भी लगाया। इसके बाद मैच की दूसरी पारी में भी राहुल ने 64 बॉल पर 51 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से नौ चौके आए। यानी राहुल को जहां एक ओर सीरीज से पहले प्रैक्टिस का मौका मिल गया, वहीं उन्होंने ये भी बता दिया कि उनका बल्ला इस सीरीज के दौरान अंग्रेजों की जमकर खबर लेगा।

इंग्लैंड के खिलाफ ऐसे हैं केएल राहुल के टेस्ट में आंकड़े
अब जरा आपको बताते हैं कि इंग्लैंड के खिलाफ केएल राहुल के टेस्ट आंकड़े आखिर हैं कैसे। राहुल ने अब तक इंग्लैंड के खिलाफ 13 मैचों में 955 रन बनाए हैं। यानी वे हजार रन के करीब हैं। इस दौरान राहुल का औसत 39.79 का है, वहीं उन्होंने तीन शतक के साथ ही दो अर्धशतक लगाए हैं। अब बात अगर इंग्लैंड की सरजमीं की करें तो इंग्लैंड में अब तक 9 टेस्ट खेलकर राहुल ने 614 रन बनाए हैं। जहां उनका औसत 34.11 का है। राहुल ने इंग्लैंड में अ​ब तक दो शतक और एक अर्धशतक लगाया है। इस बार ये संख्या बढ़ती हुई नजर आए तो चौंकिएगा नहीं।

अपनी टीम को बदलेगा धाकड़ खिलाड़ी, रिपोर्ट्स में हुआ खुलासा; ले चुका 300 से ज्यादा विकेट

Saurabh Kumar: घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश की तरफ से खेलने वाले सौरभ कुमार अब आंध्र प्रदेश की टीम से खेलने वाले हैं। इस बदलाव के लिए उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ और आंध्र क्रिकेट संघ दोनों से इजाजत मिल गई। बस बीसीसीआई की तरफ से सहमति की जरूरत है, जो सिर्फ औपचारिकता होने की उम्मीद है।

आंध्र से खेलने के लिए उत्साहित हैं सौरभ कुमार
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक सौरभ कुमार ने कहा कि मैं आंध्र के लिए खेलने को उत्साहित हूं। मैं आने वाले सीजन का इंतजार कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं आंध्र को कम से कम इस फॉर्मेट में खिताब और रणजी ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंचा पाऊंगा।

अभी तक हासिल किए कुल 399 विकेट
32 साल के स्टार ऑलराउंडर सौरभ कुमार इंग्लैंड सीरीज के अलावा बांग्लादेश और श्रीलंका के विदेशी दौरों पर भारतीय टीम का हिस्सा थे। उनका घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन दमदार रहा है। उन्होंने 79 फर्स्ट क्लास मैचों में 2374 रन बनाए हैं, जिसमें उनके बल्ले से 2 शतक और 15 अर्धशतक निकले हैं। इसके अलावा लिस्ट-ए के 39 मैचों में उन्होंने 340 रन बनाए हैं। इसके अलावा फर्स्ट में उन्होंने 324 विकेट, लिस्ट-ए में 51 विकेट और टी20 क्रिकेट में 24 विकेट हासिल किए हैं। कुल मिलाकर वह अभी तक 399 विकेट हासिल कर चुके हैं।

सौरभ कुमार ने किया अच्छा प्रदर्शन
घरेलू क्रिकेट में पिछले कुछ समय से सौरभ कुमार ने अच्छा प्रदर्शन किया है और अपने खेल का लोहा मनवाया है। आंध्र क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने कहा कि इस कदम को मंजूरी दे दी गई है, लेकिन कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। हम बीसीसीआई की मंजूरी के लिए अबे कुरुविला को लिखेंगे। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि उन्हें आंध्र की टीम के कई सीनियर्स प्लेयर्स का सपोर्ट हासिल है। जिसमें कप्तान रिकी भुई, हनुमा विहारी और केएस भरत शामिल हैं।

वसीम अकरम का बड़ा कीर्तिमान होगा चकनाचूर, जसप्रीत बुमराह करेंगे कारनामा

Wasim Akram vs Jasprit Bumrah: दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों में से एक जसप्रीत बुमराह एक बड़े कीर्तिमान के काफी करीब खड़े हैं, जो ​कीर्तिमान अब से सालों पहले पाकिस्तान के वसीम अकरम ने रचा था, अब उसके टूटने की बारी आ गई है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले ही टेस्ट में बुमराह अकरम का कीर्तिमान चकनाचूर कर देंगे। इसके बाद जसप्रीत बुमराह की बादशाहत कायम हो जाएगी।

वसीम अकरम के नाम है अब तक ये कीर्तिमान
पाकिस्तान के कप्तान रहे पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम का बड़ा कीर्तिमान अब टूटने के काफी करीब है। दरअसल वसीम अकरम एशिया के ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने सेना देशों में सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। सेना देशों से अर्थ साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से है। इसे अंग्रेजी में SENA लिखा जाता है। एशियन गेंदबाज के तौर पर वहां पर सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज अभी तक वसीम अकरम हैं। जिन्होंने 146 विकेट अपने नाम किए हैं। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने अब तक सेना देशों में 145 टेस्ट विकेट ले लिए हैं।

जसप्रीत बुमराह को चाहिए केवल 2 और विकेट
जसप्रीत बुमराह जैसे ही इंग्लैंड में एक और विकेट लेंगे, वे वसीम अकरम की बराबरी पर पहुंच जाएंगे, वहीं दो विकेट लेते ही वे उनसे आगे निकल जाएंगे। जसप्रीत बुमराह के लिए दो विकेट पहले ही टेस्ट में लेना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। हो सकता है कि अगर पहले टेस्ट में भारत की पहले गेंदबाजी आ जाए तो बुमराह 20 जून को ही ये कीर्तिमान अपने नाम कर सकते हैं।

वसीम अकरम और जसप्रीत बुमराह के बाद इनका नाम
इन दो तेज गेंदबाजों के बाद तीसरे नंबर पर भारत के ही अनिल कुंबले आते हैं। जिन्होंने एशियन गेंदबाज के तौर पर सेना देशों में 141 विकेट अपने नाम किए हैं। इशांत शर्मा ने 130 और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ने 125 विकेट चटकाए हैं। इसके बाद नाम मोहम्मद शमी का आता है, जो 123 विकेट ले चुके हैं। शमी के पास भी कुछ रिकॉर्ड बनाने के मौके थे, लेकिन वे इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए चुने ही नहीं गए हैं।

ऐसा रहा है बुमराह और अकरम का रिकॉर्ड
वसीम अकरम ने साल 1985 में अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था और साल 2002 में अपना आखिरी टेस्ट खेला था। उन्होंने कुल 104 टेस्ट मैच खेलकर 414 विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं बात अगर जसप्रीत बुमराह की करें तो 2018 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था और अब वे अकरम के रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं। बुमराह ने अब तक केवल 45 टेस्ट खेलकर ही 205 विकेट अपने नाम करने में कामयाबी हासिल कर ली है। ये रिकॉर्ड तो बुमराह इसी सीरीज के दौरान तोड़ देंगे, लेकिन देखना ये होगा कि वे और कौन कौन से रिकॉर्ड इस दौरान तोड़ने में कामयाब होते हैं।