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ये हैं लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया की हार के 5 ‘कसूरवार’, यशस्वी जायसवाल की गलती पड़ी बहुत भारी

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नई दिल्‍ली । इंग्लैंड(England) ने भारत(India) के खिलाफ पहला टेस्ट पांच विकेट से जीता। मेजबान टीम(Host team) ने लीड्स(Leeds) में 371 रनों का टारगेट आसानी से चेज किया। भारत ने दूसरी पारी में 364 रन बनाए थे। वहीं, भारत के 471 रनों के जवाब में इंग्लैंड ने पहली पारी में 465 जोड़े थे। जानिए, लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया की हार के 5 ‘गुनहगार’ कौन हैं?

यशस्वी जायसवाल
सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में शतक जमाया लेकिन उनकी फील्डिंग के दौरा काफी निराश किया। उन्होंने मैच में चार कैच टपकाए। यशस्वी द्वारा इंग्लैंड की दूसरी पारी में बेन डकेट का छोड़ा गया कैच तो भारत को बहुत भारी पड़ा। डकेट जब 97 के निजी स्कोर पर थे, तब यशस्वी ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर उन्हें जीवनदान दिया। डकेट 149 रन बनाकर पवेलियन लौटे। वह जब आउट हुए, तब तक इंग्लैंड जीत के करीब पहुंच गया था।

जसप्रीत बुमराह
भारत के धाकड़ पेसर जसप्रीत बुमराह ने लीड्स टेस्ट की पहली पारी में पंजा खोला था मगर वह दूसरी पारी में कमाल नहीं दिखा पाए। बुमराह ने 19 ओवर गेंदबाजी करते हुए 57 रन खर्च किए लेकिन एक भी सफलता नहीं मिली। बुमराह के विकेट नहीं लेने से इंग्लैंड पर दबाव नहीं बन सका।

मोहम्मद सिराज
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज मैच में असरदार नजर नहीं आए। उन्हें इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जमकर निशाना बनाया। सिराज ने पहली पारी में 27 ओवर में 122 रन लुटाने के बाद दो विकेट चटकाए। वहीं, सिराज दूसरी पारी में 14 ओवर में 51 रन देकर कोई विकेट नहीं ले सके।

करुण नायर
अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर कमबैक टेस्ट में विफल रहे। आठ साल बाद भारतीय टीम के लिए खेलने वाले नायर का पहली में खाता नहीं खुला था। वह दूसरी पारी में सिर्फ 20 रन ही जुटा सके। उन्होंने छठे नंबर पर उतरने के बाद 54 गेंदों का सामना करने के बाद तीन चौके लगाए। नायर अगर बड़ी पारी खेलते तो शायद भारतीय टीम और दमदार टारगेट दे सकती थी।

रविंद्र जडेजा
इंग्लैंड दौरे पर फिलहाल रविंद्र जडेजा सबसे अनुभवी भारतीय खिलाड़ी हैं। हालांकि, स्पिनर ऑलराउंडर जडेजा का अनुभव पहले टेस्ट में काम नहीं आया। वह ना तो बल्ले से और ना ही गेंद से कोई खास धमाल मचा सके। 36 वर्षीय खिलाड़ी के बल्ले से पहली पारी में 11 रन निकले। उन्होंने इस दौरान 23 ओवर में 68 रन दिए पर विकेट नहीं मिला। जडेजा ने दूसरी पारी में जरूर नाबाद 25 रन बनाए लेकिन गेंद से बेअसर रहे। उन्होंने 24 ओवर में सर्वाधिक 104 रन लुटाए और एक विकेट ही लिया।

हार्दिक पांड्या को डेट कर चुकी हैं ईशा गुप्ता? बोलीं- समय कम था

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मुंबई। साल 2018 में ऐसी चर्चा थी कि बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता (Esha Gupta ) और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) के बीच कुछ चल रहा है। अफवाहें थीं कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं, लेकिन कभी किसी ने खुलकर इस बारे में बात नहीं की। अब आखिरकार ईशा गुप्ता ने खुद इस रिश्ते पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ-साफ बताया कि उनका और हार्दिक पांड्या का कैसा रिश्ता था। ईशा ने दिए इंटरव्यू में कहा, “हां, कुछ वक्त तक हमारी बात होती थी। हम डेटिंग की स्टेज तक पहुंचे ही नहीं। बस दो-तीन बार मिले, कुछ महीने बात हुई और फिर सब खत्म हो गया। ये वो दौर था जब लगता है शायद कुछ हो जाए, शायद न हो। लेकिन डेटिंग जैसा कुछ नहीं था।”

क्या दोनों कपल बन सकते थे? इस पर ईशा बोलीं, “शायद हो सकता था, लेकिन शायद किस्मत में नहीं था। वैसे भी उस वक्त हार्दिक और उनके दोस्त एक रिएलिटी में किए गए बयानबाजी के चलते मुश्किल में थे। तब तक हमारी बातचीत भी बंद हो चुकी थी।”ईशा ने ये भी बताया कि ‘कॉफी विद करण’ के विवादित एपिसोड का उन पर कोई असर नहीं पड़ा। ईशा बोलीं, “तब तक मैं काफी मजबूत हो चुकी थी। जब वो एपिसोड आया, तब तक तो हमारी बात भी खत्म हो चुकी थी। मुझे फर्क नहीं पड़ा और वैसे भी वो लोग पहले ही बहुत कुछ झेल रहे थे।”

रिश्ता कैसे खत्म हुआ? इस पर ईशा ने कहा, “हम दोनों को समझ आ गया था कि हम एक जैसे नहीं हैं, हमारी पसंद-नापसंद अलग है। मुझे लाइमलाइट से ज्यादा फैमिली और रियल लाइफ पसंद है। हार्दिक के बारे में कुछ गलत नहीं कहूंगी, बस हम दोनों अलग थे और हमें जल्दी ही ये एहसास हो गया।” ईशा ने साफ किया कि हार्दिक पांड्या में या उनमें कोई कमी नहीं थी, बस दोनों की सोच और लाइफस्टाइल अलग थी इसलिए बात आगे नहीं बढ़ी।

Rajpal Yadav Gets Relief in Cheque Bounce Case, High Court Allows Melbourne Trip

New Delhi: The Delhi High Court has given conditional permission to Bollywood actor Rajpal Yadav to travel to Melbourne in a cheque bounce case. The actor will participate in the promotional events of his upcoming film ‘Mera Kale Rang Da Yaar’ from June 27 to July 5, 2025. The court clarified that this permission will be subject to certain conditions, including depositing a fixed deposit receipt (FDR) of Rs 1 lakh in the court registry. Also, one has to provide his mobile number and email ID, which should be active at all times during the foreign trip.

Further, the High Court directed that his passport deposited in the trial court be handed over to him for travelling abroad but it would be mandatory to submit it again in the court after his return to India. The case is registered under Section 138 of the Negotiable Instruments Act, 1881, in which Rajpal Yadav was sentenced last year. He and his wife had filed a petition in the Delhi High Court against this sentence. In June 2024, the court stayed his sentence, believing that he is not a serious offender and there is scope for reform and resolution in his case. The court had suggested both the parties to explore the possibilities of mutual settlement, which is currently pending in the Mediation Center of Delhi High Court.

Let us tell you that in 2010, Rajpal Yadav, as a director, took a loan of Rs 5 crore for his film ‘Aata-Pata Lapata’, but he could not return this amount. After which seven different complaints related to cheque bounce were filed against him and others. In this case, Karkardooma Court sent several notices to Rajpal, but he did not appear in the court. In 2013, he was sent to judicial custody for 10 days. He spent four days in jail from 3 to 6 December 2013, after which a division bench of the Delhi High Court suspended his sentence on his appeal.

मानसून में त्वचा की हर परेशानी का हल है शहद, जानें इसके जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली । बरसात का मौसम आते ही वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे हमारी स्किन चिपचिपी हो जाती है। कभी-कभी त्वचा ड्राई भी लगने लगती है, और सबसे बड़ी परेशानी होती है पिंपल्स, दाने या फंगल इंफेक्शन की। ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा की सही देखभाल नहीं करें, तो चमकदार और हेल्दी स्किन सिर्फ सपना बनकर रह जाती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि घर पर ही मौजूद एक बेहद साधारण चीज ‘शहद’ आपकी त्वचा की सुरक्षा और खूबसूरती दोनों को बनाए रखने में काफी मदद कर सकता है।

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, शहद गाढ़ा, मीठा तरल होता है जो मुख्य रूप से फ्रक्टोज और ग्लूकोज नाम की प्राकृतिक शर्करा से बना होता है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, अमीनो एसिड, विटामिन्स, एंजाइम्स, मिनरल्स और कई अन्य पोषक तत्व भी होते हैं। लोग सदियों से त्वचा की देखभाल में इसका इस्तेमाल करते आए हैं। शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण इसे मानसून स्किनकेयर के लिए परफेक्ट बनाते हैं। शहद लगाने से त्वचा के रोमछिद्र साफ रहते हैं, जिससे मुंहासे और फोड़े-फुंसी नहीं होते। इसमें मौजूद एक एंजाइम हाइड्रोजन पेरॉक्साइड छोड़ता है, जो कीटाणुओं को मारता है।

मानसून में अक्सर घाव या फंगल इंफेक्शन हो जाते हैं, खासकर पैरों और शरीर के गीले हिस्सों में। ऐसे में शहद को सीधे घाव या जली हुई त्वचा पर लगाने से घाव जल्दी भरता है और सूजन भी कम होती है। शहद को पिटीरायसिस, टीनिया, सेबोरिया, डैंड्रफ, डायपर रैश, सोरायसिस, बवासीर और एनल फिशर जैसी समस्याओं के इलाज में भी प्रयोग किया गया है। सौंदर्य प्रसाधनों (कॉस्मेटिक्स) में शहद का इस्तेमाल बहुत आम है। शहद एक बेहतरीन एमोलिएंट (त्वचा को नरम करने वाला), ह्यूमेक्टेंट (नमी बनाए रखने वाला), आरामदायक और हेयर कंडीशनर है। ये त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद करता है, झुर्रियों को कम करता है और त्वचा का पीएच संतुलन बनाए रखता है, जिससे त्वचा बीमारियों से सुरक्षित रहती है।

अब सवाल आता है कि शहद त्वचा पर कैसे काम करता है? अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, शहद का काम इस बात पर भी निर्भर करता है कि वह किस पौधे या फूल से प्राप्त हुआ है। अलग-अलग प्रकार के शहद में अलग तरह के एंटीऑक्सीडेंट, साइटोकाइन्स का निर्माण और मैट्रिक्स मेटालोप्रोटीन एंजाइम्स के प्रभाव देखने को मिलते हैं। ये सभी तत्व मिलकर त्वचा की मरम्मत करते हैं और घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करते हैं, खासकर जब त्वचा पर चोट या संक्रमण हो। यानी शहद न केवल सौंदर्य के क्षेत्र में, बल्कि चिकित्सा में भी और अधिक उपयोगी है।

इंडो-इटालियन डीवा जॉर्जिया एंड्रियानी एक बार फिर एक प्रमुख म्यूज़िक लेबल के साथ नए गाने में नज़र आएंगी?

मुंबई: जॉर्जिया एंड्रियानी ने हिंदी गानों और संगीत के प्रति अपने प्यार को कभी नहीं छिपाया है, और उन्होंने कई बार यह स्वीकार किया है कि भारत के सिनेमा और मनोरंजन जगत के प्रति उनके प्रेम ने ही उन्हें कुछ साल पहले अपना सब कुछ समेट कर भारत आने के लिए प्रेरित किया। भारतीय मनोरंजन जगत में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत तेलुगु एक्शन-कॉमेडी सीरीज़ ‘कैरोलाइन कमाक्षी’ में एक चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाकर की। इसके बाद उन्होंने ‘नॉन-स्टॉप धमाल’ और ‘मार्टिन’ जैसी फिल्मों में विशेष गानों के ज़रिए खुद को स्थापित किया और अपनी प्रतिभा तथा परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया।

अब एक बार फिर मनोरंजन के लिए तैयार, खबरों के मुताबिक जॉर्जिया ने कथित तौर पर इंडस्ट्री के एक प्रमुख संगीत लेबल के साथ एक और गाना साइन किया है। यह गाना वही सब कुछ लेकर आ रहा है जिसके लिए जॉर्जिया जानी जाती हैं – दिलकश बोल, कर्णप्रिय धुन और दमदार डांस मूव्स। जॉर्जिया के कुछ चर्चित डांस नंबर्स जिसमें मीका सिंह के साथ ‘रूप तेरा मस्ताना’ और जुबिन नौटियाल की आवाज़ में ‘दिल जिससे ज़िंदा हैं’ शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली थी।

यह नया गाना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। विभिन्न शैलियों को अपने अंदाज़ में पेश करने की क्षमता ने उन्हें उनकी समकालीन कलाकारों से अलग पहचान दिलाई है। जबकि उनके पहले के गाने और डांस नंबरों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, उनके नवीनतम प्रोजेक्ट को एक ऐसे प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है जो जॉर्जिया के करियर की दिशा बदल सकता है।

प्रेगनेंसी में योगासन करना है बेहद फायदेमंद, कई समस्‍याओं से रहेंगी दूर

नई दिल्ली। गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान प्रतिदिन योगाभ्यास आपको तंदुरुस्त रखता है और प्रसव के दौरान मन व शरीर को भी केंद्रित रखने में भी मदद करता है। प्रतिदिन योगासन (Yoga) करने से आपका शरीर क्रियाशील रहता है और गर्भावस्था (Pregnancy) में आमतौर पर होने वाली समस्याएं जैसे कब्ज और उल्टी आने से भी बचाता है। प्रतिदिन योगासन (Yoga) करने से शरीर से तनाव निकल जाता है जिससे प्रसव आराम से होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्भाशय, गर्भाशय की नलिका और श्रोणि के हिस्से से तनाव निकल जाता है जिससे प्रसव में कोई दुविधा नहीं होती।

प्रेगनेंसी (Pregnancy) के दौरान महिला के शरीर को कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में कुछ आसान योग (Yoga) करने से महिला का शरीर एक्टिव होगा और तमाम परेशानियों से राहत मिलेगी। इसके अलावा योगासन (Yoga) से बच्चे की ग्रोथ भी बेहतर होगी। ये भी माना जाता है कि प्रेगनेंसी (Pregnancy) के दौरान योग करने से नेचुरल प्रसव की संभावनाएं ज्यादा होती हैं, साथ ही महिला का प्रसव आसानी से हो जाता है। आज इस लेख के माध्‍यम से आज हम आपको बतानें जा रहें हैं कूछ योगासन कें बारें में तो आइये जानतें हैं –

बटरफ्लाई (Butterfly) :
जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएं। पीठ सीधी रखें। अब घुटनों को मोड़कर तलवों को आपस में मिलाएं। दोनों हाथों से दोनों पैरों के पंजों को उंगलियां क्रॉक करते हुए कसकर पकड़ें। पैरों को तितली के पंखों की तरह ऊपर-नीचे हिलाएं। सहज श्वांस के साथ गति धीरे-धीरे बढ़ाएं। क्षमतानुसार ही करें। इसके बाद सामान्य स्थिति में लौट आएं। इस आसन को करने से कमर दर्द, सायटिका, पीठ दर्द होने पर इसे न करें।

ध्यान (meditation) :
इसके लिए आप सामान्य रूप से आलथी पालथी मारकर भी बैठें। इसके बाद सामान्य रूप से सांस लेते हुए उन पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें। आपको बस ये नोटिस करना है कि कब सांस ली और कब छोड़ी। इसके अलावा ओम का उच्चारण करें। इससे मूड स्विंग, तनाव, डिप्रेशन जैसी कई समस्याओं में लाभ मिलेगा ।

सुखासन :
किसी आसन पर आलथी पालथी लगाकर बैठें। हाथों को गोद में या घुटनों पर रखें। पीठ, गर्दन और सिर सीधा रखें। आंखों को बंद करें और इस अवस्था में अनुभव करें कि शरीर में स्थित सातों चक्रों से ऊर्जा निकल रही है और आपको उसका लाभ मिल रहा है। जितनी देर इस मुद्रा में बैठ सकें, उतनी ही देर बैठें। जबरन नहीं बैठें। इससे मानसिक रूप से शांति मिलती है, मन शांत होता है और गर्भस्थ शिशु पर सकारात्मक विचार का असर पड़ता है।

पर्वतासन (Emblem) :
ये आसन सामान्यतः खड़े होकर किया जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) को बैठकर करना चाहिए। इसके लिए पहले सुखासन में बैठें। पीठ सीधी रखें। अब सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और हथेलियों को जोड़कर ऊपर नमस्कार की मुद्रा बनाएं। कोहनी सीधी रहनी चाहिए। कुछ समय इसी मुद्रा में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस क्रम को तीन से पांच बार दोहराएं। इससे शरीर की स्ट्रेचिंग हो जाएगी और कमर दर्द में आराम मिलेगा।

नोट – उपरोक्‍त दी गई जानकारी व सुझाव सामान्‍य जानकारी के लिए हैं इन्‍हें किसी प्रोफेशनल डॉक्‍टर की सलाह के रूप में न समझें । कोई भी बीमारी या परेंशानी हो तो डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें ।

मधुमेह मरीजों के लिए बेहद लाभकारी ये दो योगासान, जानें करने का तरीका

नई दिल्ली। डायबिटीज (diabetes) के मरीजों अपनी डाइट का ख्याल रखने के साथ योग भी करना चाहिए, जिससे कि उनका शुगर लेवल कंट्रोल रह सके. मॉर्निंग वॉक (morning walk) करने के अलावा कुछ आसन ऐसे हैं, जिसे हर डायबिटीज मरीज को करना चाहिए. डायबिटीज जैसी बीमारी को दूर करने के लिए प्राणायाम की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस के लिए कपालभाति, अग्निसार, बंध तथा नाड़ी शोधन प्राणायाम (Nadi Shodhana Pranayama) का अभ्यास बहुत फायदेमंद हैं।

मेरुवक्रासन की अभ्यास विधि
दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैला कर बैठ जाएं। पैरों को आपस में जुड़ा रखें। दाएं पैर को घुटने से मोड़ कर इसके पंजे को बाएं पैर के घुटने के बाई ओर रखें। बाएं हाथ की कुहनी को दाएं पैर के घुटने के पास रखते हुए इसके पंजे को स्पर्श करने का प्रयास करें। दाएं हाथ को पीठ के पीछे रखते हुए धड़ को दाई ओर मोड़ने का प्रयास करें। इस स्थिति में आरामदायक अवधि तक रुकें। इसके बाद वापस पूर्व स्थिति में आएं। यही क्रिया दूसरी तरफ भी करें।

अग्निसार प्राणायाम की अभ्यास विधि
ध्यान के किसी भी आसन, पद्मासन, सिद्धासन या सुखासन (Siddhasana or Sukhasana) पर रीढ़, गला व सिर को सीधा कर बैठ जाएं। ज्यादा बेहतर पद्मासन होता है। एक गहरी श्वास अंदर लेकर पूरी श्वास मुंह के द्वारा बाहर निकालें। अब श्वास को बाहर रोक कर दोनों हाथों को घुटनों पर सीधा रख कर पेट को जल्दी-जल्दी अंदर-बाहर करें। जब तक श्वास को सहजता से रोक सकते हैं, तब तक पेट को अंदर बाहर करते रहें। किसी भी प्रकार की असहजता होने के पहले ही पेट को सामान्य करें और फिर हाथ को सामान्य रखते हुए श्वास को अंदर लेकर सहज करें। इसकी तीन-चार आवृत्तियों का अभ्यास करें।

हेल्थ टिप्स पर भी दें ध्यान
कार्बोहाइड्रेट, स्टार्च तथा वसायुक्त(starchy and fatty) आहार कम लेना चाहिए। चोकर वाली रोटी, दही, सब्जियां, सलाद का सेवन प्रतिदिन करें। भोजन नियमित समय पर लें। भूख से अधिक भोजन नहीं करें। बार-बार भोजन करना भी ठीक नहीं होता।

नोट- उपरोक्त दी गई जानकारी व सूचना सामान्य उद्देश्य के लिए दी गई है। हम इसकी सत्यता की जांच का दावा नही करतें हैं । कोई भी सवाल या परेंशनानी हो तो डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें।

योग करने के साथ ही उसका महत्व भी बताया बॉलीवुड अभिनेत्रियों ने

मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्रियों (Bollywood Actresses) ने योग करने के साथ ही (Along with doing Yoga) उसका महत्व भी बताया (Also explained its Importance) । शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, मलाइका अरोड़ा, ईशा कोप्पिकर, नेहा धूपिया, दीया मिर्जा और नीतू कपूर ने योग करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए। इन वीडियोज में वह अधोमुखश्वानासन से लेकर धनुरासन, चक्रासन, भेकासन, गोमुखासन, हलासन, सर्वांगासन और शीर्षासन तक हर योगासन का अभ्यास करती दिखीं। सभी ने अपने फैंस को योग के लिए प्रेरित किया और बताया कि ये सिर्फ शरीर के लिए नहीं, बल्कि मन और आत्मा के लिए भी कितना जरूरी है। मलाइका अरोड़ा ने योग दिवस पर एक शानदार वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “योग सिर्फ एक दिन करने की चीज नहीं है, यह तो पूरी जिंदगी के लिए है। अगर दिन की शुरुआत योग से होती है, तो अंत शांति और शुक्रिया के एहसास के साथ होता है। यही असली सुकून है।”

शिल्पा शेट्टी ने वीडियो शेयर करते हुए योग दिवस पर अपनी बात बड़े ही गहरे अंदाज में रखी। उन्होंने लिखा, “जब हमारे पास कोई चीज एक ही होती है, तो उसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है। इस बार की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ है। हमारे जीवन में संतुलन बहुत जरूरी है, चाहे वो शरीर का हो, मन का हो या आत्मा का। अच्छी सेहत को कमाना पड़ता है, संभालकर रखना पड़ता है। योग सिर्फ पोज नहीं, बल्कि सोच है। यह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी धरती और समाज के लिए है।” वीडियो में नीतू कपूर अपनी बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी के साथ योग करती दिखीं। उन्होंने लिखा, ”सबसे अच्छी विरासत कोई चीज या पैसा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के लिए प्यार और योग जैसी अच्छी आदतें हैं।”

दीया मिर्जा ने योग दिवस की इस साल की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ को ध्यान में रखते हुए कैप्शन में लिखा, ”योग सिर्फ शरीर को नहीं, पूरे समाज को जोड़ने की ताकत रखता है। जैसे हम योग में सांसों पर ध्यान देते हैं, वैसे ही हमें साफ हवा की अहमियत भी समझनी चाहिए। साफ हवा चाहिए तो धरती को भी सेहतमंद रखना होगा। हमें मिलकर आवाज उठानी होगी ताकि देशभर के सभी लोग भी साफ हवा को प्राथमिकता दें।” वहीं नेहा धूपिया ने अपनी पोस्ट में लिखा, “योग ने मेरी जिंदगी बदल दी है।” ईशा कोप्पिकर ने भी योग करते हुए वीडियो शेयर की और खूबसूरत मैसेज लिखा—”जब “जब शरीर लय में चलता है और सांसें आराम से बहती हैं, तो इंसान खिलने लगता है।”

Google messages ऐप के लिए हुई कई नए फीचर की घोषणा, अब मिलेंगे WhatsApp जैसे Features, जानें पूरी डिटेल्स

नई दिल्ली: गूगल ने बीते हफ्ते अपने गूगल मैसेज ऐप के लिए कई नए फीचर की घोषणा की है। इसमें RCS चैट में सभी के लिए नोटिफिकेशन स्नूज करने और टेक्स्ट मैसेज डिलीट करने की सुविधा शामिल है। ये फीचर्स अब स्टेबल यूजर्स के लिए बड़े स्तर पर उपलब्ध हैं। ये फीचर यूजर्स को रिसिव होने वाले मैसेज के लिए नोटिफिकेशन स्नूज करने देता है। वहीं दूसरा ऑप्शन चैट में शामिल सभी लोगों के लिए मैसेज डिलीट करने की सुविधा देता है जो WhatsApp पर मौजूद ऑप्शन के समान है। हालांकि, गूगल मैसेज ऐप के पुराने वर्जन पर मौजूद लोग अभी भी डिलिट किए गए टेक्स देख पाएंगे।

गूगल मैसेज में डिलीट फॉर एवरीवन ऑप्शन पर भी कुछ महीनों से काम चल रहा है। इसे सबसे पहले फरवरी में ऐप के कोड में देखा गया था। कंपनी ने इसे बीटा यूजर्स के लिए जारी किया था। अब इसे गूगल मैसेज ऐप में बड़े स्तर पर उपलब्ध करा दिया गया है। किसी मैसेज पर लॉन्ग प्रेस करने पर और फिर ट्रैश बटन पर टैप करने से दो ऑप्शन डिलीट फॉर एवरीवन और डिटील फॉर मी आते हैं। पहला ऑप्शन इसे भेजने वाले और रिसीवर दोनों के डिवाइस से हटा देता है।

फिलहाल, ये RCS चैट तक ही सीमित है और सभी यूजर्स के लिए नॉन RCS मैसेज हटाए नहीं जा सकते हैं। इसके अलावा गूगल मैसेज ऐप के पुराने वर्जन को चलाने वाले डिवाइस पर मैसेज अभी भी नजर आ सकते हैं। चैट पेज के लिए एक और नया फीचर इसमें मदद करता है जो उन कॉन्टैक्ट को दिखाता है जिनके फोन पर RCS चालू है। इस बीच गूगल ने मैसेज ऐप पर स्नूज नोटिफिकेशन फीचर भी पेश किया है। ऐप के होम पेज से किसी कंवर्सेशन पर लॉन्ग प्रेस करने पर एक नई विंडो खुलती है जिसमें अलग-अलग समय अवधि दिखती है। यूजर्स एक घंटे, 8 घंटे, 24 घंटे और हमेशा के लिए बातचीत के लिए नोटिफिकेशन स्नूज करना चयन कर सकता है। इसके बाद बातचीत ग्रे हो जाएगी जिसके नीचे चयनित समय या तारीख नजर आएगी।

गूगल ने ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए ‘सुरक्षा चार्टर’ लॉन्च किया

नई दिल्ली। गूगल ने मंगलवार को ‘सेफर विद गूगल इंडिया समिट’ के दौरान अपने नए ‘सुरक्षा चार्टर’ का अनावरण किया। इससे भारत के डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। यह पहल यूजर्स को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने, जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि एआई को जिम्मेदारी से विकसित किया जाए। यह सुरक्षा चार्टर तीन प्रमुख लक्ष्यों के इर्द-गिर्द बना है जिसमें इंटरनेट यूजर्स को घोटालों और धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना, सरकारों और व्यवसायों के लिए साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और लोगों की सुरक्षा करने वाले जिम्मेदार एआई सिस्टम का निर्माण करना शामिल हैं।

पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गूगल का ‘डिजिकवाच’ कार्यक्रम है, जो वित्तीय घोटालों के खिलाफ पहले ही एआई-पावर्ड प्रोडक्ट्स और जागरूकता अभियानों से 17.7 करोड़ से अधिक भारतीयों तक पहुंच चुका है।
गूगल के सिस्टम एआई के साथ और अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं। इसकी सर्च अब 20 गुना अधिक घोटाले वाली वेबसाइटों की पहचान करती है और ग्राहक सेवा और सरकारी प्लेटफार्मों पर स्कैम अटैक में क्रमशः 80 प्रतिशत और 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। मैसेजिंग में गूगल मैसेज हर महीने 500 मिलियन से ज्यादा स्कैम टेक्स्ट को ब्लॉक कर रहा है।

भारत में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जाने वाले गूगल पे ने संभावित धोखाधड़ी के बारे में यूजर्स को चेतावनी देने के लिए 4.1 करोड़ से ज्यादा अलर्ट भेजे हैं। इसने अकेले 2024 में 13,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद की। कंपनी के गूगल प्ले प्रोडेक्ट ने अक्टूबर 2024 में भारत में पायलट किए जाने के बाद से 1.3 करोड़ डिवाइस पर लगभग 6 करोड़ जोखिम भरे ऐप इंस्टॉल को ब्लॉक किया है। गूगल बड़े पैमाने पर साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी काम कर रहा है। इसने खतरों का जल्द पता लगाने और उस जानकारी को दूसरी कंपनियों और सरकारी निकायों के साथ साझा करने के लिए एक नया एआई पावर्ड एप्रोच पेश किया है।

गूगल सिक्योरिटी में इंजीनियरिंग की उपाध्यक्ष हीदर एडकिंस ने बताया कि ऑनलाइन खतरे अब मशीन की गति से विकसित हो रहे हैं। एआई की सीखने, तर्क करने और बड़े पैमाने पर कार्य करने की क्षमता डिफेंडर्स को हमलावरों से पहले की तुलना में कहीं आगे रहने की अनुमति दे रही है।