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फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज रोकने से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया, कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी ने की थी मांग

नई दिल्ली: फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ (Udaipur Files) की रिलीज रोकने से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ने मना कर दिया है. कन्हैयालाल मर्डर केस (Kanhaiyalal case) के आरोपी मोहम्मद जावेद (Mohammad Javed) ने याचिका दाखिल की थी. याचिका में कहा गया है कि फिल्म के प्रदर्शन से जयपुर की NIA कोर्ट में चल रहा मुकदमा प्रभावित हो सकता है. निष्पक्ष न्याय के लिए फिल्म की रिलीज पर रोक जरूरी है.

मोहम्मद जावेद के वकील ने जस्टिस सुधांशु धुलिया और जोयमाल्या बागची की बेंच से तुरंत सुनवाई का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि फिल्म का ट्रेलर 4 जुलाई को जारी हुआ है. उसे देखकर लगता है कि फिल्म को आरोप पक्ष की बातों के आधार पर बनाया गया है, अगर इसे दिखाया गया तो निचली अदालत में चल रहा मुकदमा प्रभावित हो सकता है. बेंच के दोनों जजों ने थोड़ी देर आपस में चर्चा की. उसके बाद जस्टिस धुलिया ने सुनवाई से मना करते हुए कहा, “आप संबंधित कोर्ट के सामने मामला उठाइए.” वकील ने कहा कि फिल्म शुक्रवार (11 जुलाई, 2025) को रिलीज होने वाली है, इसलिए तुरंत सुनवाई ज़रूरी है. इस पर जज ने कहा, “फिल्म को रिलीज होने दीजिए.”

जून 2022 में उदयपुर में दर्जी का काम करने वाले कन्हैयालाल की निर्मम हत्या हुई थी. उस समय पैगम्बर मोहम्मद के बारे में नूपुर शर्मा के एक बयान को लेकर काफी विवाद चल रहा था. कन्हैयालाल ने नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया था. इसलिए मोहम्मद रियाज़ और मोहम्मद गौस ने उन्हें मार डाला, आरोप है कि कई और लोगों ने हत्या में सहयोग किया. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाला जावेद भी उनमें से एक है.

एनसी क्लासिक ने देश को कुछ लौटाने का मेरा सपना साकार किया – नीरज चोपड़ा

नई दिल्ली,। भारतीय एथलेटिक्स के गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने कहा है कि देश में उन्हें व्यापक स्तर पर समर्थन और प्यार मिला है। वह हमेशा से इसे वापस करने का सपना देखते थे। ‘एनसी क्लासिक’ के माध्यम से उन्हें देश को कुछ वापस करने का सपना साकार हुआ। 27 साल के नीरज चोपड़ा ने श्री कांतीरवा स्टेडियम, बेंगलुरु में आयोजित एनसी क्लासिक का पहला संस्करण जीता। नीरज ने प्रतियोगिता में 86.18 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका।

नीरज ने कहा, “मुझे बहुतों का शुक्रिया अदा करना है। दोस्तों और परिवार से लेकर अधिकारियों और संगठनों तक। लेकिन अभी के लिए, मैं इसे सरल रखूंगा। अपने देश को कुछ वापस देना मेरा एक छोटा सा सपना था, जो ‘नीरज चोपड़ा क्लासिक’ के साथ साकार हुआ।” उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता को जीतना विशेष था, लेकिन उससे भी अधिक विशेष इसके आयोजन की प्रक्रिया थी।

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लिखा, “मैं उन सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाने में अपनी भूमिका निभाई। दूर-दूर से आए एथलीटों से कहना चाहता हूं कि हम अगली बार और बेहतर करने की कोशिश करेंगे। कांतीरवा में आए सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि यह वास्तव में सबसे अच्छे माहौल में से एक था, जिसे मैंने अपने सबसे पसंदीदा खेल को खेलते हुए अनुभव किया।”

केन्या के जूलियस येगो 84.51 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि श्रीलंका के रुमेश पथिरगे 84.34 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा ने अपने अभियान की शुरुआत फाउल के साथ की। दूसरे प्रयास में उनका थ्रो 82.99 मीटर लंबा रहा। तीसरे प्रयास में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो 86.16 मीटर लंबा फेंका, जो निर्णायक रहा। चौथे प्रयास में फाउल और पांचवें में 84.07 मीटर और छठे प्रयास में उन्होंने 82.22 मीटर लंबा थ्रो फेंका।

नीरज चोपड़ा ने इस इवेंट का सह-आयोजन जेएस डब्ल्यू स्पोर्ट्स के साथ मिलकर किया था। इवेंट को भारतीय एथलेटिक्स और विश्व एथलेटिक्स संघ की मान्यता प्राप्त थी।

यूरोप दौरे पर भारत-ए पुरुष हॉकी टीम की शानदार शुरुआत, आयरलैंड को 6-1 से धोया

आइंडहोवन । भारत-ए पुरुष हॉकी टीम ने हॉकी क्लब ओरांजे-रूड में आयरलैंड पर 6-1 से शानदार जीत के साथ अपने यूरोप दौरे की शुरुआत की। भारत ने सभी चार क्वार्टर में शानदार प्रदर्शन किया और कोई भी गलती नहीं की। उत्तम सिंह ने टीम के लिए पहला गोल दागा और इसके बाद अमनदीप लाकड़ा ने टीम की बढ़त को और मजबूत किया। इसके बाद आदित्य लालागे ने लगातार दो गोल दागकर टीम को जीत दिलाई। फॉरवर्ड सेल्वम कार्थी और बॉबी सिंह धामी ने भी एक-एक गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

भारत की चुस्त-दुरुस्त रक्षापंक्ति के सामने आयरलैंड सिर्फ एक गोल ही कर सका। भारत का अगला मुकाबला 9 जुलाई को आयरलैंड से होगा, जहां उसे एक और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद होगी। इस मुकाबले को भी जीतकर भारत यूरोप दौरे में अपनी लय को बरकरार रखना चाहेगा। इसके बाद अगले दो सप्ताह में भारतीय टीम फ्रांस, इंग्लैंड, बेल्जियम और मेजबान नीदरलैंड को चुनौती देगी।

इन मुकाबलों का उद्देश्य खिलाड़ियों की मजबूती और तैयारियों को परखना है। इस समय नेशनल सेटअप भारतीय सीनियर टीम के लिए एक मजबूत टैलेंट पूल तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इस दौरे के जरिए हॉकी इंडिया का मकसद भारतीय पुरुष नेशनल टीम के लिए प्रतिभा का दायरा बढ़ाना और भारतीय हॉकी की अगली पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव देना है। कप्तान संजय यूरोप दौरे को टीम की ताकत और कमजोरियों को समझने का एक बेहतरीन मौका समझते हैं। कप्तान के अनुसार उनके पास अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है और यह दौरा टीम को उसकी मौजूदा स्थिति को परखने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रदान करेगा।

कप्तान मानते हैं कि इस तरह का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भविष्य में अपनी मुख्य टीम को मजबूत करने और लंबे समय में एक अच्छी बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने में मदद करेगा।

बर्थडे स्पेशल : न्यूजीलैंड का विस्फोटक बल्लेबाज, जिसने देश के लिए लगाया सबसे धीमा शतक

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड क्रिकेट की बेहतरीन टीमों में से एक मानी जाती है। इसकी वजह टीम में शामिल ऑलराउंडर्स रहे हैं। कीवी टीम में हर दौर में अच्छे ऑलराउंडर्स रहे हैं, जो अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाते रहे हैं। इन्हीं ऑलराउंडर्स में से एक नाम स्कॉट स्टायरिस का है। स्टायरिस 2000 में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट जीतने वाली न्यूजीलैंड टीम के सदस्य रहे हैं। स्कॉट स्टायरिस को उनकी बढ़िया बल्लेबाजी और मीडियम पेस गेंदबाजी के लिए जाना जाता है। अपने करियर में उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर कई मैच न्यूजीलैंड को जीताए हैं। लेकिन, एक ऐसा मैच भी था, जिसमें स्टायरिस ने बेहद धीमी बल्लेबाजी की थी। उस पारी में उन्होंने शतक लगाया था लेकिन वह न्यूजीलैंड की तरफ से वनडे में सबसे धीमा शतक साबित हुआ। इस मैच में न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा था।

2007 वनडे विश्व कप में न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच मैच खेला जा रहा था। कीवी टीम ने महज चार रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए स्टायरिस कुछ ज्यादा ही डिफेंसिव हो गए। स्टायरिस ने 152 गेंद पर शतक लगाया। यह न सिर्फ उनका बल्कि न्यूजीलैंड की तरफ से वनडे का सबसे धीमा शतक है। उस पारी में स्टायरिस ने 157 गेंद पर 8 चौको की मदद से 111 रन की पारी खेली। स्टायरिस की धीमी पारी की वजह से कीवी टीम 50 ओवर में 7 विकेट पर 219 रन बना सकी। श्रीलंका ने 45.1 ओवर में 4 विकेट पर 222 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया।

हालांकि इस मैच को छोड़ दिया जाए तो स्टायरिस की लोकप्रियता एक विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में रही है। उनका जन्म 10 जुलाई 1975 को ब्रिसबेन, ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। न्यूजीलैंड के लिए उन्होंने 1999 में वनडे में डेब्यू किया था। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 2011 में समाप्त हुआ। स्कॉट स्टायरिस ने 29 टेस्ट में 5 शतक और 6 अर्धशतक की मदद से 1586, 188 वनडे में 4 शतक और 28 अर्धशतक लगाते हुए 4483 और 31 टी20 में 578 रन बनाए। वह दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज भी थे। उनके नाम टेस्ट में 20, वनडे में 137 और टी20 में 18 विकेट हैं। वह आईपीएल में भी खेल चुके हैं। संन्यास के बाद स्टायरिस कमेंट्री में व्यस्त रहते हैं।

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज को यकीन, ‘फैब फोर’ में जगह बना सकते हैं शुभमन गिल

नई दिल्ली । इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज मार्क रामप्रकाश ने भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की शानदार बल्लेबाजी तकनीक को सराहा है। रामप्रकाश के मुताबिक गिल ने ‘फैब फोर’ (विराट कोहली, जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन) के दौर के बल्लेबाजों की जगह लेने की क्षमता दिखाई है। लीड्स में शुभमन गिल ने 147 और आठ रन की पारी खेली, जिसके बाद एजबेस्टन में 269 और 161 रन जड़ दिए। गुरुवार से लॉर्ड्स में शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से पहले, गिल ने पांच मैचों की सीरीज में 585 रन जोड़ लिए हैं।

रामप्रकाश ने बुधवार को ‘द गार्जियन’ में लिखा, “हमें गिल की सिर्फ सहनशक्ति, स्किल और रन बनाने की भूख की सराहना ही नहीं करनी चाहिए, बल्कि एक युवा टीम के नए कप्तान के रूप में उदाहरण पेश करने की भी तारीफ करनी चाहिए। कप्तानी अक्सर किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसी कप्तानी के चलते गिल अधिक फोकस्ड हो गए हैं। पिछले तीन हफ्तों में ही उन्होंने अपने टेस्ट करियर के तीन सर्वोच्च स्कोर बना दिए हैं।”

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज ने कहा, “हम एक ऐसे दौर के अंत की ओर बढ़ रहे हैं, जिसे तथाकथित ‘फैब फोर’ (विराट कोहली, जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन) ने लंबे समय तक प्रभावित किया है। अब ऐसे खिलाड़ियों की तलाश जारी है, जो उनकी जगह ले सकें। गिल ने दिखा दिया है कि वह उस स्थान को भर सकते हैं, और वह भी एक बेहद पारंपरिक शैली में। वह सभी फॉर्मेट खेलते हैं, बेहतरीन रूप से खुद को ढाल लेते हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की नींव एक क्लासिक तकनीक पर टिकी है।”

रामप्रकाश 1991 से 2002 तक इंग्लैंड के लिए 52 टेस्ट खेले, जिसके बाद टीम के बल्लेबाजी कोच भी रहे। रामप्रकाश का मानना ​​है कि इंग्लैंड ने दो मुकाबलों में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले से गिल को बड़े रन बनाने का मौका दिया। इसके साथ ही उन्होंने बेन स्टोक्स की अगुवाई वाली टीम से दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को आउट करने के लिए नए तरीके सोचने को कहा है। रामप्रकाश ने कहा, “इंग्लैंड ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जिससे गिल को खेल पर नियंत्रण पाने का मौका मिला। यह विरोधियों को थकाने और उन्हें तनाव में डालने का मौका था। इसके बाद भारत को स्कोरबोर्ड के दबाव का फायदा उठाने का मौका मिला। मेहमान टीम को खेल के अंत में संभावित रूप से खराब हो रही पिच पर गेंदबाजी करने का मौका मिला। यही वजह है कि कप्तान टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हैं।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “इंग्लैंड इस फैसले पर विचार करेगा। इंग्लैंड की टीम सीरीज के शेष मैचों में गिल के प्रभाव को कम करने के तरीकों पर विचार कर रही है। गिल शुरुआती दो मैचों में इंग्लैंड के इस्तेमाल किए गए गेंदबाजों के आदी हैं। गिल उन गेंदबाजों की योजना, विविधता और गति को अच्छी तरह समझते हैं।”

मुरादाबाद में दर्दनाक हादसा : नदी में डूबने से तीन बच्चियों की मौत, गांव में पसरा मातम

मुरादाबाद। जिले के भगतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढीरियादान में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चियों की नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक बच्चियों की उम्र क्रमशः 8, 9 और 10 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चियां गांव के पास के खेतों में घास काटने गई थीं। घास लेने के दौरान गर्मी और थकावट की वजह से बच्चियों ने पास की नदी में नहाने का निर्णय लिया। लेकिन नदी में पानी का स्तर अधिक होने और गहराई का अंदाज़ा न होने के कारण तीनों बच्चियां पानी में डूब गईं।

स्थानीय ग्रामीणों ने जब बच्चियों की चप्पलें और घास नदी किनारे देखीं, तो खोजबीन शुरू की गई। कुछ ही देर में तीनों बच्चियों के शव पानी से बाहर निकाले गए। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से शवों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का हाल बेहाल
तीनों बच्चियों की मौत की खबर सुनते ही परिवारों में कोहराम मच गया। गांव के लोग बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों के घरों पर पहुंच रहे हैं और हर आंख नम है। गांव का माहौल शोकाकुल बना हुआ है।

प्रशासन ने जताया शोक, की सहायता की घोषणा
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है।

स्थानीय लोगों की मांग – नदी किनारे लगाई जाए चेतावनी बोर्ड
इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और बच्चों को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है उत्तर प्रदेश सरकार – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति (Towards the dignity and safety of Sisters and Daughters) पूर्णतः प्रतिबद्ध है (Is fully Committed) । सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी जो समाज के लिए एक उदाहरण बने। सीएम योगी का रिएक्शन ऐसे समय में आया है जब बलरामपुर में जलालुद्दीन के घर पर बुलडोजर एक्शन हुआ है।

सीएम योगी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जलालुद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।” उन्होंने आगे लिखा, ”उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।”

बता दें कि यूपी एटीएस ने एक संगठित धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए खुद को सूफी संत बताने वाले छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह पर विदेशी फंडिंग, करोड़ों की संपत्ति खरीद, प्रेमजाल और प्रलोभन के जरिए सैकड़ों लोगों का अवैध धर्मांतरण कराने का आरोप है। उत्तर प्रदेश के एडीजी एलओ अमिताभ यश ने बताया था कि छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन खुद को हजरत जलालुद्दीन पीर बाबा के रूप में प्रोजेक्ट करता है। जानकारी मिली थी कि वह बलरामपुर के उतरौला में धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। इसकी जांच एसटीएफ ने की। ग्रुप के एजेंट युवाओं को प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराते हैं। इसके अलावा नाबालिगों का भी धर्मांतरण गैंग द्वारा करवाया गया। इनके 40 खातों में विदेशों से 100 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई, जिसका इस्तेमाल धर्मांतरण के लिए किया गया।

समय से पहले पहुंचे मानसून ने बदला फसलों का पैटर्न, कृषि रसायन क्षेत्र में सुधार के संकेत

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नई दिल्ली। समय से पहले मानसून (Mansoon) के आगमन से खरीफ फसलों (Kharif Crops)के उत्पादन में वृद्धि होगी। रिपोर्ट के अनुसार अब तक बुवाई क्षेत्र (Sowing Area) में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे फसल उत्पादन में बढ़त की उम्मीद है। मानसून के जल्दी आने के कारण फसल के पैटर्न में बदलाव आया है। इससे खास तौर पर मक्का की खेती का क्षेत्रफल बढ़ा है। लेकिन दक्षिण और पश्चिम भारत में कुछ क्षेत्रों में अब मकई की जगह कपास की बुआई की जा रही है। हालांकि, बीते सीजन की कम बचत के चलते इस बार भंडारण की संभावनाएं भी अधिक हैं। वहीं मक्का संकर बीजों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।

इसके अलावा, घरेलू और वैश्विक कीमतें काफी हद तक स्थिर हैं और आने वाले समय में दामों में बड़ी वृद्धि की संभवाना कम है। यह स्थिति तकनीकि इनपुट निर्माताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि स्थिर कीमतों और बढ़ते वॉल्यूम के चलते उन्हें मजबूत सीजन की उम्मीद है। सबसे बुरा दौर काफी हद तक पीछे छूट चुका है और क्षेत्र धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ रहा है। इस साल मानसून के जल्दी आने के कारण धारणा सकारात्मक है, जिससे घरेलू कंपनियों के ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा हमें 8 प्रतिशत की मामूली वार्षिक राजस्व वृद्धि की उम्मीद है, जिसे आंशिक रूप से खरीफ सीजन में घरेलू मात्रा वृद्धि से समर्थन मिलेगा। हम घरेलू कृषि रसायन में 6 प्रतिशत, निर्यात में 11 प्रतिशत और बीज में 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की उम्मीद करते हैं। बेहतर उत्पादन मिश्रण और अधिक दक्षता पर ध्यान केंद्रित करने के कारण हमें पहली तिमाही में 13.2 प्रतिशत ईबीआईटीडीए मार्जिन की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू कृषि-रसायनों में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कृषि रसायन क्षेत्र में सुधार हो रहा है। यह पिछले कुछ समय से काफी दबाव में था, जिसका मुख्य कारण प्रमुख क्षेत्रों में प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियां, चीन द्वारा वैश्विक चैनल स्टॉक की अधिक डंपिंग, कीमतों पर दबाव बढ़ना, भू-राजनीतिक तनाव और टैरिफ अनिश्चितताएं थी।

आकाश दीप ने जिस गेंद पर उड़ाए जो रूट के स्टंप्स, क्या वो नो बॉल थी?

नई दिल्ली। आकाश दीप (Aakaash Deep) ने जिस गेंद पर जो रूट जैसे दिग्गज के स्टंप्स बिखेरे, उस गेंद की लीगैलिटी पर सवाल उठ रहे हैं। आकाश दीप (Aakaash Deep) ने वाइड ऑफ क्रीज (Wide of the Crease) जाकर ये गेंद फेंकी थी, जिसे जो रूट ने डिफेंड करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके ऑफ स्टंप को उखाड़कर ले गई थी। ये गेंद लीगल थी या नहीं या फिर अंपायर से कोई चूक हुई? इस पर अब मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी एमसीसी का बयान सामने आ गया है, जो इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए नियम तैयार करती है। एमसीसी का मानना ​​है कि जो रूट के डिसमिसल में कुछ भी गलत नहीं है।

दावा था का आकाश दीप ने जो गेंद जो रूट को डाली, उस गेंद पर उनका पैर बॉलिंग की साइड में रिटर्न क्रीज से टच हुआ था। ये सच है कि आकाश दीप का पैर रिटर्न क्रीज से टच हुआ था, लेकिन नियमों को देखें तो पाएंगे कि रिटर्न क्रीज को छूना कोई गुनाह नहीं है, बल्कि आपका पहला इम्पैक्ट उस पर ना हो। इस केस में आकाश दीप का पंजा क्रीज के अंदर था और जब वे गेंद करने के लिए आगे गए तब उनका पैर रिटर्न क्रीज को टच किया। इस तरह आकाश दीप की ये गेंद पूरी तरह लीगल थी, जिस पर जो रूट आउट हुए।

आकाश दीप ने दसवें ओवर की दूसरी गेंद पर जो रूट को क्लीन बोल्ड किया था। अनुभवी इंग्लिश बल्लेबाज भारतीय तेज गेंदबाज की अंदर आती गेंद से पूरी तरह से चकरा गया, लेकिन कुछ ही देर बाद गेंदबाज के पिछले पैर की की फुटेज सामने आई, जिससे मीडिया के एक वर्ग में इस बात को लेकर हंगामा मच गया कि यह बैकफुट नो बॉल थी और इसलिए गेंद लीगल नहीं थी, जिस पर बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाना था। कुछ कमेंटेटरों ने ऑन एयर कमेंट किया कि यह नो बॉल होनी चाहिए थी। इनमें इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट भी शामिल थे, लेकिन रवि शास्त्री ने इस गेंद को पूरी तरह लीगल माना।

क्रिकबज के मुताबिक, एमसीसी के प्रवक्ता ने इस मामले को लेकर कहा, “पिछले सप्ताह इंग्लैंड के खिलाफ भारत के टेस्ट मैच के चौथे दिन, आकाश दीप की गेंद पर सवाल उठे थे, जिस पर जो रूट बोल्ड हो गए थे, कुछ प्रशंसकों और कमेंटेटरों का मानना ​​था कि यह नो बॉल थी, जबकि आकाश दीप असामान्य रूप से क्रीज पर वाइड लैंड हुए और उनका पिछला पैर रिटर्न क्रीज के बाहर जमीन को छूता हुआ दिखाई दिया, तीसरे अंपायर ने नो बॉल नहीं कहा। एमसीसी को यह स्पष्ट करते हुए खुशी हो रही है कि यह लॉ के मुताबिक सही निर्णय था।”

एमसीसी ने संबंधित कानून का हवाला देते हुए कहा कि कानून 21.5.1 में कहा गया है, “पैरों के संबंध में डिलीवरी निष्पक्ष होने के लिए, डिलीवरी स्ट्राइड में गेंदबाज का पिछला पैर उसकी बताई गई डिलीवरी के तरीके से संबंधित रिटर्न क्रीज के भीतर ही लैंड होना चाहिए और उसे टच नहीं करना चाहिए। एमसीसी ने हमेशा उस क्षण को परिभाषित किया है जब पिछला पैर जमीन के साथ संपर्क का पहला बिंदु होता है। जैसे ही पैर का कोई हिस्सा जमीन को छूता है, वह पैर जमीन पर माना जाता है और उस समय पैर की स्थिति को बैकफुट नो बॉल के रूप में देखा जाता है।”

इस केस में स्पष्ट रूप से, जिस समय आकाश दीप का पैर पहली बार जमीन को छूता है तो उनका बैकफुट अंदर था और रिटर्न क्रीज को नहीं छू रहा था। हो सकता है कि उसके पैर का कुछ हिस्सा बाद में क्रीज के बाहर जमीन को छू गया हो – यह इस नियम के लिए प्रासंगिक नहीं है। लैंडिंग के समय वह क्रीज के भीतर था और इसलिए इसे लीगल डिलीवरी माना जाना सही था। रूट का विकेट भारत के लिए एक बड़ी सफलता थी और इसने 608 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा कर रहे इंग्लैंड को चौथे दिन के तीसरे सत्र में 3 विकेट पर 50 रन पर सीमित कर दिया।

क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ FIR, गाजियाबाद की युवती ने लगाए यौन शोषण के आरोप

गाजियाबाद। आईपीएल (IPL) की इस वर्ष की विजेता टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) (Royal Challengers Bangalore (RCB) के गेंदबाज (Bowler) यश दयाल (Yash Dayal.) के खिलाफ गाजियाबाद (Ghaziabad.) में यौन शोषण केस दर्ज किया गया है। इंदिरापुरम की रहने वाली एक युवती ने क्रिकेटर यश दयाल पर शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप लगाया था। युवती ने उनके खिलाफ 21 जून को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।

युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह पांच साल पहले सोशल मीडिया के जरिये क्रिकेटर के संपर्क में आई थी। बातचीत बढ़ने पर यश दयाल ने शादी करने का झांसा देकर उसका भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया। युवती ने बताया था कि यश ने उसे अपने परिवार से उनकी बहू के रूप में मिलवाया था। इससे वह उस पर पूरी तरह से भरोसा करने लगी थी। महिला ने आगे आरोप लगाया कि जब उसने कथित धोखे के बारे में यश दयाल से बात की, तो उसे शारीरिक हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। यश ने उसे आर्थिक रूप से भी अपने ऊपर निर्भर कर दिया था।

युवती का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि क्रिकेटर के दो-तीन अन्य युवतियों से भी संबंध हैं। क्रिकेटर द्वारा अन्य लड़कियों को भी इसी तरह प्रलोभन दिया गया है। पीड़िता ने बताया कि उसने महिला हेल्पलाइन पर भी कॉल की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दी। इसमें कहा गया है, “उसके पास सबूत के तौर पर चैट, स्क्रीनशॉट, वीडियो कॉल और तस्वीरें आदि हैं।” युवती ने कहा था कि वह पांच साल से एक क्रिकेटर के साथ रिश्ते में थी। उसने शादी का झांसा देकर उसका मानसिक और शारीरिक शोषण किया। पुलिस द्वारा इस मामले में जांच के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई।

गौरतलब है कि यश दयाल इस महीने की शुरुआत में आरसीबी की ऐतिहासिक आईपीएल 2025 खिताबी जीत का हिस्सा थे, उन्होंने 15 मैचों में 13 विकेट लिए थे। उन्होंने सभी घरेलू फॉर्मेट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है और अभी तक भारत के लिए नहीं खेले हैं।