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किडनी को हेल्दी रखने के लिए बस करने होंगे 5 काम

किडनी हमारे शरीर में एक मौन योद्धा की तरह काम करती है। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित और रक्तचाप को नियंत्रित करती है। खराब जीवनशैली की देन डायबिटीज और ब्लडप्रेशर इसे नुकसान तो पहुंचा ही रहे हैं, कुछ अज्ञात कारण भी है, जो धीरे-धीरे किडनी की ताकत को खत्म कर रहे हैं।

हालांकि कुछ लोग अब नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी पीने की आदत अपनाकर किडनी को सेहतमंद रखने के प्रति जागरूक हो रहे हैं, लेकिन किडनी को लेकर कुछ भ्रम भी बना रहता है, जिसे समझना आवश्यक है।

केवल बुजुर्गों को होती है किडनी की बीमारी!
उम्र के बढ़ने के साथ किडनी समेत अनेक अंगो की क्षमता प्रभावित होती है। हालांकि, यह बदलाव धीमी गति से होता है, इसलिए तात्कालिक लक्षण नहीं उभरता । किडनी की बीमारी पैसे तो बच्चे से लेकर बूढ़े तक किसी उम्र के व्यक्ति हो सकती है। डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, मोटापा लंबे समय तक बना रहता है तो इसका दुष्प्रभाव किडनी पर पड़ता है। मान लीजिए किसी को 35 वर्ष की उम्र में डायबिटीज हुई और अगले 20-25 वर्षों तक यह समस्या बनी रही तो किडनी खराब हो सकती है। यही कारण है कि बुढ़ापे में किडनी, हार्ट अटैक की आशंका अपेक्षाकृत बढ़ जाती है। किडनी की बीमारी संक्रमण सूजन या अन्य कारण से भी हो सकती है। कुछ मामलों में यह बीमारी बचपन में ही हो जाती है।

क्या अधिक पानी पीने से सही रहती है किडनी !
पर्याप्त पानी पीना अच्छी बात है, खासकर जो व्यक्ति स्वस्थ है, उसे दिनभर में छह से आठ गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। आजकल आरामदेह जीवनशैली और एसी में रहने के कारण प्यास कम लगती है। गर्मी में लोग पर्याप्त पानी पीते हैं, पर अन्य मौसम में कम कर देते हैं। शारीरिक मेहनत नहीं करने के कारण पसीना कम आता है। इससे डिहाइड्रेशन की आशंका बढ़ जाती है। यही किडनी स्टोन का कारण बन सकता है। पर्याप्त पानी नहीं पीने से यूरिन गाढ़ा आता है। जबकि, यूरिन साफ और हल्के रंग में आना चाहिए। बहुत अधिक पानी से किडनी सुरक्षित हो जाएगी, ऐसा भी नहीं है। लेकिन, पर्याप्त पानी पी रहे है तो किडनी में स्टोन बनने, रक्तसंचार बाधित होने का रिस्क कम हो जाता है।

स्टोन होने के कारण होती है किडनी की बीमारी!
अगर किडनी में स्टोन है और वह लंबे समय तक बना रहता है तो एक समय के बाद वह किडनी की कार्यक्षमता को बाधित करने लगता है। मान लीजिए एक तरफ की किडनी में स्टोन हो गया है और इससे एक किडनी डैमेज हो जाती है तो दूसरी किडनी सही चलती रहती है। किडनी का फंक्शन तो चल रहा है, पर दो आर्गन में से एक तो खराब हो जाता है। इसलिए अगर समय पर स्टोन का सही उपचार नहीं हुआ तो आगे चलकर यही स्टोन किडनी की बीमारी का रूप ले सकता है। कई बार दोनों तरफ स्टोन बन जाते हैं, तो उससे समस्या गंभीर हो सकती है। केवल स्टोन बनने से बीमारी नहीं होती, उसका सही उपचार नहीं होने पर ही बीमारी की आशंका रहती है।

क्या आनुवंशिक कारणों से ही खराब होती है किडनी?
कुछ मामलो में देखा गया है कि फैमिली हिस्ट्री की वजह से कम उम्र में ही किडनी की बीमारी हो जाती है। अगर परिवार में डायबिटीज है तो इसे लेकर सतर्क हो जाना चाहिए। इसी तरह अगर परिवार में किसी को किडनी की समस्या हो चुकी है, तो आपको भी हो सकती है। ऐसे लोगों को वर्ष में एक बार किडनी की जांच अवश्य करानी चाहिए। कुछ बीमारी जीन में ही होती है। इससे किडनी में थैलिया बनने लगती है, जिससे किडनी डैमेज हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति स्वस्थ है या हल्का-फुल्का कोई डिसआर्डर है तो भी 35 वर्ष की उम्र के बाद साल में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन जांब, कोलेस्ट्राल, लिपिड प्रोफाइल और लिवर का टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए।

क्या डायलिसिस ही है किडनी की बीमारी का एकमात्र उपचार?
किडनी का फंक्शन दो तरह से प्रभावित होता है। एक अस्थायी तौर और दूसरा स्थायी तौर पर रक्तसंचार कम या बाधित होने, एक्सीडेंट, डेंगू, बुखार, उल्टी-दस्त जैसे कारणों से अस्थायी समस्या हो सकती है। इसका समय पर सही उपचार हो जाए, तो किडनी रिकवर कर जाती है। आमतौर पर डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन गंभीर स्थिति में एक-दो बार डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। क्रोनिक किडनी डिजीज में स्थायी तौर पर नुकसान हो जाता है। इसमें अगर दोनों किडनी की क्षमता कम या खत्म हो गई है तो समस्या जड़ से खत्म नहीं होती। आठ से दस वर्ष में किडनी काम करना बंद कर देती है, तब डायलिसिस कराने की जरूरत पड़ती है।

किडनी को दुरुस्त रखने के पांच उपाय
अगर डायबिटीज है तो ब्लड शुगर और ब्लडप्रेशर को नियंत्रित रखे।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, सक्रियता और संतुलित आहार का ध्यान रखे।

दिन में कम से कम एक बार घर का बना भोजन जरूर करे। बाहर के भोजन

और जंक फूड का सेवन करने से बचे।

दिन में 40 मिनट से लेकर एक घंटे की एक्सरसाइज के लिए अवश्य समय निकाले। इसमें योग- व्यायाम, जिम आदि कुछ भी कर सकते है।

धूमपान और शराब का सेवन करने से बचे। दर्दनिवारक और एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक प्रयोग ना करें।

एंटीबायोटिक्स और पेन किलर को लेकर सतर्कता
एंटीबायोटिक दवाएं डाक्टर के परामर्श पर ही लेनी चाहिए। विशेषज्ञ द्वारा इसकी एक खुराक निर्धारित की जाती है। इस सीमा को पार करना जोखिम भरा हो सकता है। कुछ एंटीबायोटिक्स सीधे तौर पर किडनी को नुकसान भी पहुंचाती हैं। एंटीबायोटिक्स को कभी भी लंबे समय तक नहीं लेना चाहिए। इससे बैक्टीरिया का रेजिस्टेस भी बन जाता है। दूसरी बात, हर एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट्स होते है। इसका प्रभाव फेफड़ों, आंखो या किडनी पर कहीं न कहीं हो सकता है।

पाचन की समस्याओं को दूर करने के लिए रोज खाएं दो कीवी

अगर आपको अक्सर पाचन से जुड़ी समस्याएं रहती हैं जैसे- कब्ज या अपच तो आपके लिए कीवी काफी फायदेमंद (Kiwi Benefits) साबित हो सकती है। ये हम नहीं एक स्टडी कह रही है। जी हां एक स्टडी के मुताबिक रोज दो कीवी खाने से पाचन की समस्याएं दूर हो सकती हैं। आइए जानें रोज दो कीवी खाने से और क्या फायदे मिल सकते हैं।

क्या आप जानते हैं एक कीवी में इतना विटामिन-सी होता है कि वह एक वयस्क की रोज की विटामिन-सी की जरूरत का 80% हिस्सा पूरा कर सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं, कीवी में विटामिन-ई, के, कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होते हैं (Benefits of Eating Two Kiwi Daily)। इसलिए कीवी किसी सुपरफूड से कम नहीं है।

पाचन के लिए कैसे फायदेमंद है कीवी?
लेकिन शायद आपको ये नहीं पता होगा कि अगर आप रोजाना दो कीवी खाना शुरू कर देंगे, तो आपको पाचन से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। जी हां, 2022 में हुई एक स्टडी के मुताबिक, रोजाना दो कीवी खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है और पाचन तंत्र मजबूत होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कीवी केवल पाचन स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि और भी कई तरह से फायदेमंद है? आइए जानते हैं रोज दो कीवी खाने से आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं।

पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
कीवी में प्राकृतिक रूप से एक्टिनिडिन एंजाइम पाया जाता है, जो प्रोटीन को पचाने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें फाइबर की मात्रा भी ज्यादा होती है, जो आंतों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है। 2022 की स्टडी के अनुसार, जो लोग रोज दो कीवी खाते हैं, उन्हें कब्ज और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

इम्युनिटी बूस्टर
कीवी विटामिन-सी का बेहतरीन सोर्स है। एक कीवी में संतरे से भी ज्यादा विटामिन-सी होता है, जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को मजबूत करता है। नियमित रूप से दो कीवी खाने से सर्दी-जुकाम और इन्फेक्शन का खतरा कम होता है।

दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
कीवी में पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं। इससे दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है।

नींद की गुणवत्ता में सुधार
कीवी में सेरोटोनिन पाया जाता है, जो अच्छी नींद लेने में मदद करता है। रोज दो कीवी खाने से इनसोम्निया की समस्या दूर करने में मदद मिल सकती है।

त्वचा और बालों के लिए लाभदायक
विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर कीवी त्वचा की चमक बढ़ाता है और झुर्रियों को कम करता है। साथ ही, यह बालों के झड़ने की समस्या को भी कम कर सकता है।

वजन घटाने में सहायक
कीवी में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कंट्रोल करने में मदद करता है।

क्या कीवी का छिलका खाना चाहिए?
कई लोग ऐसा मानते हैं कि कीवी का पूरा फायदा पाने के लिए उसका छिलका भी खाना पड़ता है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। हेल्दी डाइजेशन के लिए आप कीवी का सिर्फ गुदा खाएंगे, तो भी आपको फायदा मिलेगा और कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।

क्‍या आपकी भी सूख जाती हैं आंखें? तो दवा लेने से पहले करें ये 5 काम

आज के समय में ज्यादातर लोगों का स्‍क्रीन टाइम बढ़ गया है। द‍िनभर मोबाइल, लैपटॉप और टीवी देखने से हमारी आंखों को ज्‍यादा नुकसान हाे रहा है। आंखें हमारे शरीर का नाजुक अंग होती हैं। ऐसे में जब आप द‍िनभर स्‍क्रीन पर देखेंगे तो आंखों में जलन, खुजली और ड्राइनेस यानी क‍ि सूखेपन की समस्‍या हो सकती है। अब आंखों में ड्राइनेस होना तो बहुत नॉर्मल हो गया है। कई बार ड्राइनेस इतनी ज्‍यादा बढ़ जाती है कि आंखें लाल होने लगती हैं।

यहां तक क‍ि हमें देखने में भी मुश्किल होता है। लेक‍िन हम आपको बता दें क‍ि आंखों की ये समस्या केवल स्क्रीन टाइम की वजह से ही नहीं, बल्कि धूल-मिट्टी, प्रदूषण, नींद की कमी, पानी की कमी और खराब खानपान से भी हो सकती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो ये आगे चलकर आंखों की रोशनी पर भी असर डालती है। हालांक‍ि कुछ Home Remedies से इसे ठीक क‍िया सकता है।

आज का हमारा लेख भी इसी व‍िषय पर है। हम आपको बता दें क‍ि ये नुस्खे न सिर्फ आपकी आंखों को राहत देंगे, बल्कि नेचुरल तरीके से उनकी देखभाल भी करेंगे। आइए इस लेख में जानते हैं ऐसे कुछ असरदार घरेलू उपायों के बारे में जो बिना क‍िसी साइड इफेक्ट के आंखों की ड्राइनेस को दूर करने में मददगार साब‍ित हाे सकते हैं –

डाइट में शाम‍िल करें हरी पत्‍तेदार सब्‍ज‍ियां
आपको बता दें कि हरी पत्तेदार सब्जियाें में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाई जाती है। ये आंखों को हेल्दी रखने का काम करते हैं। साथ ही आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम करते हैं। ऐसे में आपको इन्‍हें अपनी डाइट में जरूर शाम‍िल करना चाह‍िए।

स्क्रीन टाइम करें कम
आंखों की ड्राइनेस को दूर करने के ल‍िए सबसे अच्‍छा तरीका होता है क‍ि आप स्‍क्रीन टाइम कम कर दें। अगर आप ऑफ‍िस में लगातार घंटों बैठकर काम करते हैं तो 20-20-20 रूल को जरूर फाॅलो करके देखें। इसमें हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक ल‍िया जा सकता है। इसमें आपको 20 फीट तक दूर देखना होता है।

नट्स भी खाएं
ड्राई फ्रूट्स में ऐसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं जो आंखों की ड्राइनेस को दूर करने का काम करते हैं। इनमें मौजूद विटामिन-ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड आंखों में Fluid बनाने का काम करते हैं। आप अपनी डाइट में मूंगफली, अखरोट, काजू को शाम‍िल कर सकते हैं।

अच्‍छी नींद लें
आंखों को हेल्‍दी रखने के ल‍िए जरूरी है क‍ि आप अच्‍छी नींद लें। इससे आंखों को ताे आराम म‍िलेगा ही, साथ ही ड्राइनेस की समस्‍या भी दूर होगी।

खुद को रखें हाइड्रेट
शरीर में पानी की कमी होने से भी आंखें ड्राई हो जाती हैं। इसके ल‍िए जरूरी है क‍ि आप भरपूर मात्रा में पानी प‍िएं। पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है। इसका असर आपके पूरे शरीर पर देखने को म‍िलता है।

गलत तरीके से सांस लेना बन सकता है गर्दन-पीठ और कंधे के दर्द की वजह

सांस लेने का तरीका भी हमारे सेहत और बीमार होने का संकेत देता है। बचपन से हम सभी को स‍िखाया जाता रहा है क‍ि हमें हमेशा नाक से ही सांस लेना चाहि‍ए। हालांक‍ि, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मुंह से सांस लेते हैं। सांस लेना तो नेचर की देन है। लेक‍िन आपको बता दें क‍ि आपके गलत तरह से सांस लेने की आदत से आपको तनाव, शरीर में दर्द जैसी द‍िक्‍कतों का सामना करना पड़ सकता है।

आपको बता दें क‍ि हम कैसे सांस लेते हैं, इसका असर सिर्फ हमारे शरीर को ऑक्सीजन देने तक सीमित नहीं है। ये हमारी मूवमेंट क्वॉलिटी, पॉश्चर और दर्द पर भी असर डालता है। अक्सर हम सांस लेने को सिर्फ ज‍िंदा रहने के ल‍िए मानते ह‍ैं, लेक‍िन आपकी सांस लेने का तरीका बताता है क‍ि आपका शरीर कितनी अच्छी तरह से काम कर रहा है।

गलत तरीके से सांस लेने से बढ़ सकता है तनाव
अगर आप हल्का और तेजी से सांस लेते हैं, तो ये आपके शरीर के संतुलन, मूवमेंट और मसल्‍स में तनाव बढ़ सकता है। आज का हमारा लेख भी इसी वि‍षय पर है। हम आपको बताएंगे क‍ि गलत‍ तरीके से सांस लेने पर आपको कौन-काैन सी द‍िक्‍कतें हो सकती हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से-

कम हो जाता है डायफ्राम का इस्‍तेमाल
जब भी हम तनाव में होते हैं, तो हमारा शरीर fight-or-flight मोड में चला जाता है। इससे हमारी सांसें तेज और सीने के ऊपरी हिस्से से ली जाने लगती हैं। धीरे-धीरे ये तरीका आदत बन जाता है। इस तरह से सांस लेने की आदत से डायफ्राम ( जो सांस लेने की मांसपेशी हाेती है) का इस्‍तेमाल कम हो जाता है। ऐसे में गले और कंधे के मसल्‍स पर ज्‍यादा दबाव पड़ता है।

ये समस्‍याएं भी बढ़ती हैं
इस कारण पॉश्चर तो ब‍ि‍गड़ता ही है। साथ ही रीढ़ की हड्डी भी ड‍िस्‍बैलेंस हो जाती है। इससे गर्दन के झुकने, कंधों में अकड़न और पीठ दर्द की समस्‍या बढ़ जाती है। इससे ये बात तो साफ है क‍ि आपके सांस लेने का तरीका भी आपके पॉश्चर पर असर डालता है। जब तक सांस लेने के तरीके को नहीं सुधारा जाएगा, स्ट्रेचिंग या एक्सरसाइज भी पूरी तरह से असर नहीं करेगी।

कैसे ध्‍यान दें?
सबसे पहले तो आप सीधा लेट जाइए, घुटनों को मोड़कर पैर जमीन पर टिकाएं और अपने हाथ को नीचे की पसलियों पर रखें। अब धीरे-धीरे सांस लेना और छोड़ना शुरू करें। अगर आपको सांस लेते समय गर्दन या कंधों में कोई हलचल महसूस होती है, या पसलियों में कोई खास मूवमेंट नहीं होती है तो आप shallow breathing कर रहे होते हैं।

लंबा सांस छोड़ना क्यों जरूरी?
Deep Breathing एक अच्‍छा तरीका हो सकता है। लेक‍िन असली बदलाव तभी आता है जब आप धीरे-धीरे और पूरी तरह से सांस लेते और छोड़ते हैं। इससे हमारा पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है, जो शरीर को शांत करता है और रिकवरी में मदद करता है। जब हम धीरे-धीरे सांस छोड़ते हैं, तो डायफ्राम की पोजीशन रीसेट होती है और अगली सांस बेहतर होती है।

इन तरीकों से सुधरती है सांस की क्‍वाल‍िटी
सांस को लंबे समय तक रोकने और धीरे-धीरे छोड़ने से कार्बन डाइऑक्साइड सहन करने की क्षमता भी बढ़ती है, जिससे सांस की क्‍वाल‍िटी में सुधार आता है और तनाव को मैनेज करना भी सीख पाते हैं। सांस को बेहतर बनाने के ल‍िए आप कुछ अभ्‍यास कर सकते हैं।

एक्सटेंडेड एक्सहेल टेक्‍न‍िक
इसको करने के ल‍िए सबसो पहले आप आराम से बैठ जाएं और अपने हाथ नीचे की पसलियों पर रख लें। अब चार सेकंड तक नाक से सांस लें। 8 सेकंड तक नाक या मुंह से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इसके बाद दो सेकंड का छोटा सा ब्रेक लें। ये प्रक्र‍िया आपको कम से कम 10 से 12 बार दोहराना है।

वर्कआउट से पहले सांसों पर कैसे दें ध्‍यान
वर्कआउट से पहले सांस पर ध्यान देना सही रहेगा। इससे शरीर की तैयारी बेहतर होगी।
इसके अलावा एनर्जी वाली एक्सरसाइज करते समय सांस छोड़ते हुए जोर लगाएं।
स्ट्रेचिंग या योग करते समय सांस को गाइड की तरह इस्तेमाल करें।
हल्के कार्डियो के दौरान नाक से सांस लेना बेहतर होता है।

आंवला जूस के यह फायदे जानकार रह जाएंगे हैरान, आप भी जरूर जानें-

Amla Juice Benefits: आज की भागदौड़ भरी दुनिया में, अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बहुत से लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, पाचन में सुधार करने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्राकृतिक उपचारों की तलाश करते हैं। ऐसा ही एक शक्तिशाली उपाय है आंवला जूस, जिसे भारतीय करौदा भी कहा जाता है। आंवला आवश्यक विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट का एक समृद्ध स्रोत है जो एक स्वस्थ जीवन शैली में योगदान दे सकता है।

आंवला जूस कई तरह के फायदे देता है, जिसमें त्वचा और बालों की सेहत को बेहतर बनाने से लेकर वजन घटाने और दिल की सेहत को बेहतर बनाने तक शामिल है। यह आपकी दिनचर्या में एक बहुमुखी जोड़ है और इसे सुबह के डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में या हर्बल चाय में मिलाकर पिया जा सकता है। यह पारंपरिक उपाय समय की कसौटी पर खरा उतरा है। इस लेख में, हम आंवला जूस के छह प्रमुख स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानेंगे और इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के सरल तरीके बताएंगे।

आंवला जूस के स्वास्थ्य लाभ

  1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

आंवला जूस विटामिन सी का एक बेहतरीन स्रोत है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। नियमित सेवन से सर्दी, खांसी और मौसमी फ्लू जैसी आम बीमारियों से बचा जा सकता है।

  1. पाचन को बढ़ाता है

आंवला जूस पाचन में सुधार और एसिडिटी को कम करके आंत के स्वास्थ्य का समर्थन करता है। यह पोषक तत्वों के अवशोषण को भी बढ़ाता है, जिससे समग्र पाचन क्रिया बेहतर होती है।

  1. त्वचा और बालों के स्वास्थ्य में सुधार करता है

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, आंवला जूस उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है, झुर्रियों को कम करता है और त्वचा को प्राकृतिक चमक प्रदान करता है। यह बालों को भी मजबूत बनाता है, रूसी को रोकता है और बालों का झड़ना कम करता है।

  1. वजन घटाने में सहायक

मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देकर, आंवला जूस तेजी से वसा कम करने में मदद करता है। यह पेट भरा होने का एहसास भी देता है, अनावश्यक लालसा को कम करता है और वजन प्रबंधन में सहायता करता है।

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  1. रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है

आंवला जूस मधुमेह वाले व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है और शुगर स्पाइक्स को कम करता है।

कॉफी में प्रोटीन पाउडर मिलाकर पिएंगे तो तेजी से कम होगा वजन

लखनऊ: आज के समय में ज्‍यादातर लोग मोटापे की समस्‍या से परेशान हैं। इसके ल‍िए लोग जि‍म जाने से लेकर डाइट‍िंग करने तक, न जाने क्‍या-क्‍या करते हैं। अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं और दिन की शुरुआत कॉफी से करते हैं, तो आपके लिए एक छोटा-सा बदलाव बड़ा असर दिखा सकता है। जी हां, भारत में ज्‍यादातर लोग कॉफी पीते हैं तो अगर आप अपनी रेगुलर कॉफी में थोड़ा प्रोटीन पाउडर मिला लें, तो ये आपकी हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकती है।

दरअसल, प्रोटीन हमारे पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है। इससे आप ओवरईट‍िंग से बच सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कॉफी में मौजूद कैफीन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। इससे तेजी से फैट बर्न होता है। अगर आप इन दोनाें को एक साथ म‍िला लेंगे तो सोने पर सुहागा जैसा काम करेगा। इससे वजन तो तेजी से कम होगा ही, साथ ही आपकी सेहत को और भी जबरदस्‍त फायदे म‍िलेंगे।

इसलिए अब कॉफी सिर्फ सुबह की ताजगी देने वाला ड्रिंक नहीं रही, बल्कि यह आपकी फिटनेस जर्नी का हिस्सा भी बन सकती है। आज का हमारा लेख भी इसी व‍िषय पर है। हम आपको प्रोटीन वाली कॉफी पीने के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से –

प्रोटीन वाली कॉफी पीने के फायदे
प्रोटीन कॉफी वजन घटाने में मददगार होती है। अगर आप अपनी बॉडी को स्लिम- ट्रिम और फिट रखना चाहते हैं, तो इसका सेवन करना शुरू कर दें। इससे मेटाबॉलिज्म तो स्ट्रॉग होगा ही, साथ ही आप ओवरईट‍िंग से बचे रहेंगे। इसे एक्सरसाइज करने से एक घंटे पहले पीनी फायदेमंद होगा।

इसके अलावा आप इसे वर्कआउट के आधे घंटे बाद भी पी सकते हैं।

इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलेगी। साथ ही मसल रिकवरी में भी मदद मिलेगी।

प्रोटीन पाउडर को कॉफी में मिलाकर पीने से ब्‍लड सकुर्लेशन बेहतर होता है। इससे ब्‍लड प्रेशर तो कंट्रोल में रहता ही है, साथ ही शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद म‍िलती है। य‍े आपके दिल की सेहत को भी सुधारने का काम करता है।

इसके अलाका कॉफी में मौजूद कैफीन तनाव को कम करता है।

इससे मूड अच्‍छा हाेता है। वहीं प्रोटीन फोकस बढ़ाने में मददगार होता है। इससे आपका द‍िमाग भी एक्‍ट‍िव रहता है। आपकी मेमोरी भी तेज होती है।

मोटे लोगों को अक्‍सर मेटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्या हो जाती है।

ऐसे में प्रोटीन कॉफी मेटाबॉलिक सिंड्रोम के खतरे को कम करता है।

ये तेजी से फैट को बर्न करता है।

बॉक्स ऑफिस भिड़ंत: ‘सुपरमैन’ की धमाकेदार शुरुआत, ‘मालिक’ और ‘आंखों की गुस्ताखियां’ में कड़ा मुकाबला

11 जुलाई को सिनेमाघरों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है, क्योंकि एक साथ 10 से अधिक फिल्में रिलीज हुई हैं। इनमें हॉलीवुड की ‘सुपरमैन’, बॉलीवुड की ‘मालिक’ (राजकुमार राव) और ‘आंखों की गुस्ताखियां’ (विक्रांत मैसी और शनाया कपूर) के साथ-साथ साउथ की 7-8 फिल्में शामिल हैं। इस तगड़े क्लैश में कौन सी फिल्म बाजी मारेगी, इस पर ट्रेड एक्सपर्ट्स ने अपनी राय दी है।

‘मालिक’ को मिलेगी ठोस शुरुआत
ट्रेड एक्सपर्ट राज बंसल के अनुसार, राजकुमार राव की ‘मालिक’ पहले दिन 3.5 से 4 करोड़ रुपये की कमाई कर सकती है। राजकुमार की लोकप्रियता और उनकी हालिया फिल्मों के प्रदर्शन को देखते हुए इसे इंडस्ट्री में ‘लकी मस्कट’ माना जा रहा है। अगर फिल्म का कंटेंट दर्शकों को पसंद आया, तो वीकेंड पर इसका कलेक्शन बढ़ सकता है।

‘आंखों की गुस्ताखियां’ की कमजोर शुरुआत
विक्रांत मैसी और शनाया कपूर की ‘आंखों की गुस्ताखियां’ को स्क्रीन और प्रचार के मामले में कमजोर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। राज बंसल का अनुमान है कि यह फिल्म पहले दिन 1 से 1.25 करोड़ रुपये कमा सकती है, जबकि सुमित कडेल इसे 50 लाख से 1 करोड़ के बीच मानते हैं। फिल्म का गाना ‘नजारा’ चर्चा में रहा, लेकिन ट्रेलर और अन्य गानों को उतनी लोकप्रियता नहीं मिली, जिससे इसकी शुरुआत कमजोर रहने की आशंका है।

‘सुपरमैन’ का दबदबा
हॉलीवुड की ‘सुपरमैन’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। सुमित कडेल के अनुसार, इसकी एडवांस बुकिंग शानदार रही है और पहले दिन भारत में 8 से 10 करोड़ रुपये का कलेक्शन हो सकता है। सुपरमैन की फ्रेंचाइजी और इसकी वैश्विक फैन फॉलोइंग इसे ‘जुरासिक वर्ल्ड’ और ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ जैसी फिल्मों की श्रेणी में लाती है, जो अपनी पहचान के दम पर कमाई करती हैं।

प्रमोशन में ‘मालिक’ आगे
राज बंसल ने बताया कि ‘मालिक’ की टीम ने सोशल मीडिया से लेकर ग्राउंड-लेवल प्रमोशन तक में खासी मेहनत की है, जबकि ‘आंखों की गुस्ताखियां’ का प्रचार तुलनात्मक रूप से कमजोर रहा। ‘सुपरमैन’ को इसके ब्रांड वैल्यू और फैनबेस के कारण ज्यादा प्रमोशन की जरूरत नहीं पड़ी।

कंटेंट और वर्ड-ऑफ-माउथ तय करेंगे विजेता
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस क्लैश में कंटेंट और दर्शकों की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी। राज बंसल ने कहा कि आजकल वर्ड-ऑफ-माउथ सबसे बड़ी ताकत है। अगर ‘मालिक’ या ‘आंखों की गुस्ताखियां’ की कहानी दर्शकों से जुड़ती है, तो वीकेंड पर इनका प्रदर्शन सुधर सकता है। वहीं, ‘सुपरमैन’ अपनी मजबूत फैन फॉलोइंग के दम पर शुरुआती बढ़त ले सकती है।

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने किए 7 एक्सपेरिमेंट , फिर बदला धरती पर वापसी का समय

नई दिल्ली। Axiom-04 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) गए भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला जल्द ही धरती पर वापसी कर सकते हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने उनके लौटने की जानकारी दी है। ISRO के अनुसार, शुभांशु 14 जुलाई को अंतरिक्ष से वापसी करेंगे और वो 15 जुलाई को पृथ्वी पर पहुंच जाएंगे। शुभांशु के साथ ISS में गए बाकी 3 अंतरिक्ष यात्री भी स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से वापस आएंगे।

कैलिफोर्निया में होगी वापसी

ISRO ने सोशल मीडिया पर शुभांशु की वापसी की जानकारी देते हुए बताया कि, ISS से ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की अनडॉकिंग के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री अमेरिका के कैलिफोर्निया के पास मौजूद तट पर 15 जुलाई 2025 को दोपहर 3 बजे (भारतीय समयानुसार) पहुंचेंगे। बता दें कि शुभांशु शुक्ला 14 दिन के मिशन पर ISS के लिए रवाना हुए थे। वो ISS में जाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वहीं, भारतीय अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद वो अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं।

ISS में शुभांशु ने कई तरह के एक्सपेरिमेंट भी किए हैं। इसकी जानकारी देते हुए ISRO ने कहा कि गगनयात्री शुभांशु शुक्ला ने भारत के Axiom-04 मिशन के तहत 7 माइक्रोग्रैवटी एक्सपेरिमेंट किए हैं। इनमें से 4 एक्सपेरिमेंट सफल हो गए हैं और बाकी 3 एक्सपेरिमेंट भी कामयाबी के बेहद करीब हैं।

रविवार यानी कल सभी अंतरिक्ष यात्री अपने एक्सपेरिमेंट के सैंपल पैक करना शुरू करेंगे। फ्लाइट सर्जन की देख-रेख में सभी धरती पर वापसी की तैयारी करेंगे। शुभांशु की वापसी का पूरा देश बेहद बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

15 अगस्त को मुरादाबाद जनपद के 5 ग्राम प्रधानों को दिल्ली के लाल किले से किया जाएगा सम्मानित

मुरादाबाद। मुरादाबाद जनपद की 5 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को लालकिले से 15 अगस्त को सम्मानित किया जायेगा. जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित जल शक्ति संरक्षण योजना के अंतर्गत चलाए जा रहे “कैच द रेन” अभियान में 5 ग्राम पंचायतों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है . जल संरक्षण के क्षेत्र में इन पंचायतों द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यो के लिए सम्मानित किया जाएगा.

डीसी मनरेगा आरपी भगत ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना, जल स्रोतों को पुनर्भरण (रिचार्ज) करना तथा जल निकायों के पुनरुद्धार के साथ साथ जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है. यह अभियान वर्ष 2022 से 2024 तक देशभर में चलाया गया जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी रही. इस योजना में सर्वश्रेष्ठ कार्य मुरादाबाद जिले के 5 ग्राम पंचायत का चयन किया गया है. ब्लॉक मूंढा पांडे से गांव भदासना के ग्राम प्रधान चमन, बिलारी ब्लॉक से गांव मोहम्मद सादिकपुर की ग्राम प्रधान आरती देवी, ठाकुरद्वारा ब्लॉक का गांव पडला की ग्राम प्रधान प्रगति त्यागी, छजलैट ब्लाक से गांव कासमपुर की ग्राम प्रधान महरून निशा और भगतपुर ब्लाक से बिलावाला गांव से ग्राम प्रधान नितिन कुमार चयन किए गए है.

चयन प्रक्रिया के बाद उन्हें 14 अगस्त को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा योजना के मानक अनुसार क्रियांवन किए जाने पर स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर दिल्ली के लाल किले पर सम्मानित किया जाना है. इन ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है, उन्होंने स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण सामूहिक प्रयास किए गए जिसमें कई बड़ी ग्राम पंचायतों जल संरक्षण के लिए किए कार्य प्रयासों बनाए गए तालाबों में भरे बारिश के पानी से गांव में पानी की पूर्ति की जा रही है. साथ ही वर्षा जल संचयन प्रणाली का निर्माण पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार, जल निकासी व्यवस्था में सुधार एवं ग्रामीणों को जल बचत के लिए जागरूक किया जाता है.

इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं और जल स्तर में सुधार भी दर्ज किया गया है. ग्राम पंचायतों की इस उपलब्धि पर जनपद वासियों में हर्ष का वातावरण है. यह सम्मान न केवल मुरादाबाद के लिए गौरव की बात है बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा.

सीएम योगी बोले- औरंगजेब के सनातन धर्म को मिटाने के अभियान में पहली चुनौती गुरु तेग बहादुर महाराज से मिली

Lucknow: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ आज श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान दिवस के 350 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने साहिब श्री गुरु तेग बहादुर महाराज की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को समर्पित श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया है। यह यात्रा लखनऊ से शुरू होकर विभिन्न शहरों से गुजरते हुए दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा शीशगंज साहिब तक जाएगी।

सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को लखनऊ के गुरुद्वारा नाका हिंडोला से ‘श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा’ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “… गुरु तेग बहादुर महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस कार्यक्रम के माध्यम से उनकी यात्रा और 350 वर्षों के संपूर्ण इतिहास को जीवंत किया जा रहा है। वह युग कैसा रहा होगा जब औरंगजेब जैसा क्रूर और बर्बर शासक था? उस दौरान हर जगह से अत्याचार की खबरें आती थीं। औरंगजेब का उद्देश्य सनातन धर्म को मिटाना था। इस्लामीकरण के अपने व्यापक अभियान में, उसे पहली चुनौती गुरु तेग बहादुर महाराज से मिली।”

सीएम योगी कहा, “जिस उद्देश्य से सिख गुरुओं ने अपना त्याग व बलिदान दिया था, आज वर्तमान पीढ़ी को, उस शहादत की परम्परा को फिर से वर्तमान प्रत्यक्ष में जीवंत बनाए रखने के लिए एक नई रणनीति के तहत कार्य करने की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा, “आज ‘श्री गुरु तेग बहादुर संदेश यात्रा’ का शुभारम्भ करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है। मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूं और विश्वास करता हूं कि यह यात्रा श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज, सिख गुरुओं की उस महानता को जो उन्होंने देश और धर्म के लिए अपने आप को जिस भाव के साथ आगे बढ़ाया था, उससे हम सब एक नई प्रेरणा प्राप्त करेंगे।”