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मॉनसून सीजन में गिले कपड़ों को मिनटों सुखाने का जानें आसान तरीका; घर ले आएं ये सस्ता डिवाइस

Trick to dry wet clothes in the rain: मॉनसून सीजन में लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसमें एक आम समस्या गिले कपड़ों सुखाने की होती है। धूप न निकलने के कारण कपड़े जल्दी सूख नहीं पाते। वहीं, कई दिनों तक कपड़ों के गिले रहने से बदबू भी आने लगती है। ऐसे में हम आपको एक ऐसे डिवाइस के बारे में बताने वाले हैं, जो आपके गिले कपड़ों को मिनटों में सुखा देगा।

दरअसल, Electric Clothes Dryer नाम के डिवाइस की इन दिनों बाजार में बड़ी डिमांड है, जोकि कम जगह में भी गिले कपड़ों को तेजी से सुखा सकता है। इस डिवाइस के अंदर कपड़े हैंगर की तरह लटका दिए जाते हैं, जहां मशीन के अंदर से गर्म हवा से कुछ ही मिनटों में कपड़े सूख जाते हैं। इस कमाल के गैजेट का इस्तेमाल बरसात के साथ-साथ सर्दियों में भी किया जा सकता है। इसका पोर्टेबल डिजाइन इसे और ज्यादा खास बना देता है और इसमें बिजली की खपत भी कम होती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बाजार में इस समय कई तरह के Electric Clothes Dryer मौजूद हैं, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इनकी कीमत 2,000 से 5,000 रुपये के बीच है। आप Amazon, Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म से भी इसे ऑर्डर कर सकते हैं। इस डिवाइस को छोटे घरों और अपार्टमेंट्स के लिए भी परफेक्ट माना गया हैं जहां धूप नहीं आती या बालकनी नहीं होती है।

ओला रोडस्टर X प्लस की डिलीवरी देशभर में शुरू, फुल चार्ज में 252Km की रेंज

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नई दिल्ली: देश की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता ओला इलेक्ट्रिक ने अपनी बहुप्रतीक्षित मोटरसाइकिल रोडस्टर X+ के 4.5 kWh वेरिएंट की डिलीवरी पूरे भारत में शुरू कर दी है। यह मॉडल उन ग्राहकों के लिए खास है जो हाई परफॉर्मेंस, स्टाइल और लंबी रेंज की तलाश में हैं। एक्स-शोरूम कीमत ₹1.30 लाख रखी गई है और अब यह देशभर में ओला के सभी डीलरशिप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।

इस बाइक की खास बात यह है कि इसे एक बार फुल चार्ज करने पर 252 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है और इसकी टॉप स्पीड 125 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह महज 2.7 सेकेंड में 0 से 40 km/h की रफ्तार पकड़ सकती है, जो इसे एक परफॉर्मेंस बाइक्स की रेस में काफी आगे ले जाती है। देशभर में शुरू हुई डिलीवरी के साथ ओला रोडस्टर X+ इलेक्ट्रिक बाइक अब भारत के दोपहिया वाहन बाजार में एक नई क्रांति लाने को तैयार है। दमदार स्पीड, लंबी रेंज, और उन्नत तकनीक के साथ यह बाइक निश्चित रूप से ग्राहकों की पहली पसंद बनने की ओर अग्रसर है।

पांच वेरिएंट्स में उपलब्ध रोडस्टर X सीरीज

ओला की रोडस्टर X सीरीज कुल 5 वेरिएंट्स में लॉन्च की गई है:

—2.5 kWh बैटरी वाला बेस मॉडल: ₹99,999

—3.5 kWh वैरिएंट: ₹1,09,999

—4.5 kWh स्टैंडर्ड ट्रिम: ₹1,24,999

—4.5 kWh X प्लस वेरिएंट: ₹1,30,000

—9.1 kWh हाई-एंड वैरिएंट: ₹1,99,999

कंपनी ने शुरुआती 5,000 ग्राहकों को ₹10,000 का स्पेशल बेनिफिट भी दिया था।

501 किलोमीटर रेंज वाला हाई-एंड मॉडल भी उपलब्ध

जो ग्राहक अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज की तलाश में हैं, उनके लिए ओला ने 9.1 kWh बैटरी वाला एक हाई-एंड मॉडल भी पेश किया है, जो एक बार चार्ज करने पर 501 किलोमीटर तक चलने का दावा करता है। इसमें ओला का नया 4680 भारत सेल तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इसमें 11 किलोवाट पीक पावर वाली मोटर दी गई है, जिससे यह एक पावरफुल राइडिंग अनुभव प्रदान करती है।

टेक्नोलॉजी और डिज़ाइन में भी है अव्वल

रोडस्टर X प्लस को सिर्फ पावर और रेंज के लिहाज से ही नहीं, बल्कि डिजाइन और तकनीकी विशेषताओं के आधार पर भी काफी उन्नत माना जा रहा है। इसमें लगा मिड-माउंटेड मोटर और चेन ड्राइव सिस्टम, एकीकृत MCU (Motor Control Unit) के साथ कार्य करता है, जो टॉर्क डिस्ट्रीब्यूशन को कुशलता से नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य एक्सीलरेशन और एनर्जी एफिशियंसी को एक साथ बेहतर बनाना है।

ग्राहकों के लिए अब और भी ज्यादा विकल्प

ओला की यह नई पेशकश भारतीय ईवी बाइक बाजार में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है। ग्राहक अब अपनी जरूरत और बजट के अनुसार 2.5 kWh से लेकर 9.1 kWh तक के विकल्प चुन सकते हैं। साथ ही, हर वेरिएंट में परफॉर्मेंस और रेंज के बीच बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है।

ओला रोडस्टर X+ उन युवाओं और दैनिक यात्रियों के लिए एक शानदार विकल्प है जो एक स्टाइलिश, इको-फ्रेंडली और तेज इलेक्ट्रिक बाइक की तलाश में हैं।

उत्तर प्रदेश ने नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में की है क्रांति : राजीव रंजन

लखनऊ । केंद्रीय मत्स्य पालन विभाग, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जिसने नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति की है। दूसरे राज्यों के लिए उत्तर प्रदेश ने प्रेरणा देने का काम किया है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भारत में पशु नस्लों का विकास कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूपी ऐसा राज्य है, जिसने नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति की है। दूध के उत्पादन के क्षेत्र में भारत विश्व में प्रथम स्थान पर है यह कीर्तिमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के चलते ही अर्जित हुआ है। उन्होंने पशुपालन विभाग को अलग मंत्रालय का दर्जा दिया, केवल दर्जा ही नहीं बल्कि बेहतर ढंग से काम करने के लिए बड़ी परियोजनाएं भी शुरू कराई। जिससे हमने वैश्विक कीर्तिमान हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसान केंद्रित व्यवस्था बनाकर काम कर रही है, नस्ल सुधार के लिए बड़े पैमाने पर काम किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश में बहुत सुधार भी हुआ है। यह ज़मीन पर दिखाई भी दे रहा है। प्रदेश ने नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन, पशु आरोग्य की दिशा में बड़े सुधारात्मक और अनुकरणीय कार्य किए गए हैं। पशुपालन के क्षेत्र में छोटे किसान, भूमिहीन या मजदूर वर्ग से आते हैं। इनमें सर्वाधिक महिलाएं हैं। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में भी बत्तीस फीसदी महिलाएं काम कर रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नस्ल सुधार की दिशा में हम आईवीएफ और सेक सॉर्टेड सीमन पर काम किया जा रहा है। आईवीएफ तकनीक महंगी है लेकिन सेक सॉर्टेड सीमेन की विधि सस्ती है और किसानों के लिए लाभकारी है। इससे नब्बे फीसदी बछिया ही पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि हम विश्व में दुग्ध उत्पादन की दिशा में नंबर एक जरूर हैं लेकिन उत्पादकता के मामले में पीछे हैं। हम एक्सपोर्ट में पीछे हैं। हम देश के नौ राज्यों को एफएमडी फ्री स्टेट बनाने में काम कर रहे हैं, उत्तर प्रदेश भी इसमें सम्मिलित है, जिससे दुग्ध उत्पाद बाहर के देशों में बिक्री के लिए भेजा जा सकेगा।

मंत्री रंजन ने कहा कि वाराणसी दुग्ध संघ प्रदेश के दुग्ध उत्पादन की दिशा में मील का पत्थर है। जहां पहले चौदह हजार लीटर दूध ही उत्पादित होता था, अब दो लाख लीटर से ज्यादा का उत्पादन वहां से हो रहा है। जो सोसायटीज पहले सौ-दो सौ लीटर दूध देती थी अब वह पांच हजार से भी ज्यादा लीटर का दूध दुग्ध संघ को दे रहे हैं। किसानों को आज गोबर का भी पैसा मिल रहा है। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड ने यहां पर काम किया है। असंगठित क्षेत्र संगठित हुआ है। इससे किसानों को लाभ मिला है। अभी मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से कानपुर, कन्नौज और गोरखपुर के दुग्ध प्लांट भी एनडीडीबी संचालित करने जा रही है। इससे इन जिलों के किसानों को भी लाभ मिलने जा रहा है। पशुपालक किसान देश की अर्थव्यवस्था में अब सीधा योगदान दे रहे हैं।

गाजियाबाद: कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम, पुलिस ने बनाए 5 कंट्रोल रूम और 10,000 ‘कांवड़ मित्र’

गाजियाबाद । सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिले में 85 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ मार्ग को 124 बीट में विभाजित किया है, प्रत्येक बीट की लंबाई 700-800 मीटर है। हर बीट में एक सब-इंस्पेक्टर की अगुवाई में चार पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो दिन-रात ड्यूटी पर रहकर समस्याओं का तुरंत समाधान करेंगे। इसके अलावा, 10,000 कांवड़ मित्र नियुक्त किए गए हैं, जो पुलिस के साथ मिलकर कांवड़ियों की मदद करेंगे। ये कांवड़ मित्र कांवड़ियों की सुविधा और यात्रा को निर्बाध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए गाजियाबाद में पांच मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें मेरठ तिराहा और तीनों जोनल कंट्रोल रूम शामिल हैं। इनके अधीन अस्थायी उप-कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जैसे राज चौपला, निवाड़ी रोड और एनएच-9 चौराहा। इन कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मार्ग पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर पर 550 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि भक्त आसानी से दर्शन कर सकें। पिछले साल मंदिर के प्रवेश द्वार पर भीड़ के दबाव को देखते हुए इस बार एक बफर जोन बनाया गया है, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी।

मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय कर सीसीटीवी की व्यवस्था भी की गई है। कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अगर किसी कांवड़िए की कांवड़ खंडित हो जाती है, तो उन्हें तुरंत गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार से 1,400 लीटर गंगाजल मंगवाया गया है। यह गंगाजल विभिन्न थानों में वितरित किया गया है, ताकि कांवड़िए बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें। गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने कहा, “हमारा उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाना है। सभी व्यवस्थाएं इस तरह की गई हैं कि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो और वे अपना जलाभिषेक शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर सकें।”

साउथ के जाने-माने एक्टर कोटा श्रीनिवास राव नहीं रहे, 83 की उम्र में निधन

Kota Srinivasa Rao Death: दक्षिण भारतीय सिनेमा को एक गहरा झटका लगा है। 83 वर्षीय वरिष्ठ अभिनेता कोटा श्रीनिवास राव का निधन हो गया है। उन्होंने चार दशकों से भी अधिक समय तक अपने बहुआयामी अभिनय से न केवल तेलुगु, बल्कि तमिल, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में अपनी गहरी छाप छोड़ी। कोटा श्रीनिवास राव का करियर 1978 में फिल्म प्राणम खरीदू से शुरू हुआ था।

कोटा श्रीनिवास राव ने 750 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें उन्होंने खलनायक, सहायक और हास्य भूमिकाओं को पूरी जीवंतता के साथ निभाया। उनका अभिनय गहराई, संजीदगी और सहजता का अद्वितीय संगम था। उन्हें 9 बार नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 2015 में पद्म श्री से भी नवाजा गया। कोटा राव की अंतिम दिनों की एक तस्वीर हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें वे कमजोर और बीमार नजर आ रहे थे।

श्रीनिवास राव के पैरों में चोट के निशान थे, जिससे उनके प्रशंसकों में चिंता फैल गई थी। उनका यह स्वास्थ्य संघर्ष अंततः उनके निधन में बदल गया, जिससे उनके चाहने वालों को बड़ा झटका लगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि उनकी भूमिकाएं अमर रहेंगी। यह तेलुगु सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है।

टॉलीवुड मेगास्टार चिरंजीवी ने एक्स पर अपने लंबे पोस्ट में राव को कई प्रतिभाओं का धनी कहा है। उनके शानदार करियर को याद करते हुए, उन्होंने उनकी स्क्रीन उपस्थिति की तारीफ की है। चिरंजीवी ने कहा है वह अपने पीछे एक शून्य छोड़ गए हैं। रवि तेजा ने कोटा श्रीनिवास राव को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने राव के निधन पर गहरा दुःख जताया। उन्होंने बताया कि उनके करियर पर राव का प्रभाव था।

कोटा राव सिर्फ कलाकार ही नहीं बल्कि जनसेवक भी थे। वे 1999 से 2004 तक विजयवाड़ा ईस्ट से विधायक भी रहे। उनकी प्रमुख फिल्मों में दम्मू, सन ऑफ सत्यमूर्ति, डेंजरस खिलाड़ी और भद्र जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में शामिल हैं। उन्होंने जिस सहजता से विभिन्न किरदारों को जिया, वो उन्हें अभिनय की दुनिया में अद्वितीय बनाता है। उनका निधन एक युग का अंत है। कोटा श्रीनिवास राव अपने अभिनय और सार्वजनिक सेवा दोनों के माध्यम से हमेशा याद किए जाएंगे।

AI से नहीं घटती है क्रिएटिविटी, शंकर महादेवन ने शेयर किया अपना अनुभव

Shankar Mahadevan: दुनिया के मशहूर गायक और संगीतकार शंकर महादेवन को आज हर कोई जानता हैं, उन्होंने अपने गानों से इंडस्ट्री में एक खास पहचान बनाई है, साथ ही बीते ढाई दशक से वह बेहद एक्टिव हैं। हाल ही में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक गाना तैयार किया है। उन्होंने इस अनुभव को शानदार बताते हुए कहा कि एआई सिर्फ एक तकनीक है, जो हमारे काम को आसान और तेज बनाती है।

शंकर महादेवन ने एआई पर की खुलकर बात
शंकर महादेवन ने बातचीत के दौरान कहा कि “एआई एक टूल है, जैसे कैलकुलेशन के लिए हम कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते हैं। वैसे ही एआई भी एक सहायक तकनीक है। इससे हमारी सोच या क्रिएटिविटी में कोई कमी नहीं आती। एआई को क्या करना है, ये तय करने वाले हम ही होते हैं। इससे काम और बेहतर हो सकता है।”

उन्होंने यह भी बताया कि वो जीवन में दो चीजों से हमेशा दूर रहते हैं, गुस्सा और अहंकार। उनके अनुसार, गुस्से में इंसान का खुद पर नियंत्रण नहीं रहता और अहंकार इंसान को दूसरों के लिए अच्छा सोचने से रोकता है। उनका मानना है कि इन दोनों चीजों से दूर रहकर ही जीवन में सच्ची खुशी और सफलता पाई जा सकती है। शंकर ने याद किया कि कैसे ‘दिल चाहता है’ फिल्म का पूरा साउंडट्रैक उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर सिर्फ साढ़े तीन दिन में तैयार कर लिया था। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी और उनके साथियों की जोड़ी, एहसान नूरानी और लाय मेंडोसा- पिछले 25-26 वर्षों से एक साथ काम कर रही है।

शंकर ने आगे टीमवर्क के बारे में बात की और उन्होंने कहा कि “हम एक परिवार हैं, और परिवार में बहस होती रहती है। लेकिन इन बहसों और अलग नजरियों से ही कुछ नया और बेहतर निकलता है।” हालांकि, आज के दौर में पैन इंडिया फिल्मों के चलते लोगों का म्यूजिक टेस्ट भी बदल गया है। अब सिर्फ हिंदी नहीं, बल्कि तेलुगु, मलयालम जैसे भाषाओं के गाने भी पसंद किए जा रहे हैं। शंकर का मानना है कि इससे हम सभी एक-दूसरे की संस्कृति को समझ पा रहे हैं और म्यूजिक भी अब ज्यादा आसान और दिलचस्प हो गया है।

बिग बॉस फेम कशिश कपूर के घर 4 लाख की चोरी, नौकर पर लगा आरोप, पुलिस कर रही तलाश

Bigg Boss fame Kashish Kapoor: मुंबई में रहने वाली टेलीविजन एक्ट्रेस और बिग बॉस फेम कशिश कपूर के घर से चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अंबोली इलाके में स्थित उनके फ्लैट से एक घरेलू नौकर ने 4 लाख रुपये नकद चुरा लिए और फरार हो गया। यह रकम कशिश ने अपनी मां को भेजने के लिए अलमारी में रखी थी। अब अंबोली पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कशिश कपूर मूल रूप से बिहार के पूर्णिया की रहने वाली हैं और मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) के न्यू अंबिवली सोसाइटी, वीरा देसाई रोड में रहती हैं। उन्होंने कई टेलीविजन शो और रियलिटी सीरीज में हिस्सा लिया है। उन्हें रियलिटी शो बिग बॉस के जरिए लोकप्रियता हासिल हुई थी। जानकारी के मुताबिक, घर में काम करने वाला नौकर सचिन कुमार चौधरी बीते पांच महीनों से कशिश के यहां काम कर रहा था।

कशिश कपूर रोज सुबह 11:30 बजे आता और दोपहर 1 बजे तक घर छोड़ देता था। कशिश ने बताया कि उन्होंने कुल 7 लाख रुपये अलमारी में रखे थे, लेकिन जब 9 जुलाई को अपनी मां को पैसे भेजने के लिए रकम निकालनी चाही तो उन्हें केवल 2.5 लाख रुपये ही मिले। बाकी 4.5 लाख रुपये गायब थे। जब कशिश ने घर में पूछताछ की, तो नौकर सचिन घबरा गया।

कशिश कपूर ने जब उसकी जेब की तलाशी लेनी चाही तो उसने इंकार कर दिया और अचानक 50,000 रुपये लेकर घर से भाग गया। इसके बाद एक्ट्रेस ने अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने IPC की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही क्राइम ब्रांच की एक टीम को भी आरोपी की तलाश में लगाया गया है।

पुलिस की प्राथमिक जांच में यह साफ है कि घर में और कोई बाहरी घुसपैठ नहीं हुई थी। सभी शक की सुई नौकर पर ही जा रही है। अब पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी जांच के जरिए आरोपी को पकड़ने में जुटी है। कशिश कपूर को बिग बॉस 18 में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में एंट्री करने के बाद लोकप्रियता मिली। वे एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं। वह ‘एमटीवी स्प्लिट्सविला 15’ में भी दिखाई दी थीं।

कन्नड़ एक्ट्रेस मंजुला पर पति का हमला, चाकू से किए कई वार, अस्पताल में भर्ती

Kannada Actress Manjula: कभी प्यार से शुरू हुई एक शादी अब हिंसा की दर्दनाक कहानी बन गई है। कन्नड़ टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री मंजुला उर्फ श्रुति पर उनके पति अमरेश ने बेरहमी से चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना बेंगलुरु के हनुमंतनगर इलाके में हुई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। 20 साल पहले प्रेम विवाह के बंधन में बंधी मंजुला और अमरेश की शादीशुदा जिंदगी पिछले कुछ महीनों से तनावपूर्ण चल रही थी। मंजुला ने दहेज और घरेलू हिंसा को लेकर अपने पति के खिलाफ तीन महीने पहले शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दोनों अलग रहने लगे थे। हालांकि, पुलिस की मध्यस्थता से गुरुवार को दोनों में सुलह हो गई और उन्होंने फिर से साथ रहने का फैसला किया।

विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती हुईं मंजुला
लेकिन सुलह के ठीक अगले दिन, यानी शुक्रवार को जब उनके बच्चे कॉलेज चले गए थे, तब अमरेश ने मंजुला पर हमला कर दिया। उसने पहले मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया और फिर पसलियों, गर्दन और जांघों पर चाकू से कई बार वार किए। इतना ही नहीं, उसने मंजुला का सिर दीवार पर भी मारा। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मंजुला को बचाया। तुरंत ही उन्हें विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुलिस आरोपी से कर रही है पूछताछ
डीसीपी वेस्ट डिवीजन एस. गिरीश के मुताबिक, अमरेश एक ऑटो चालक हैं और दोनों के दो बच्चे हैं। जांच में सामने आया कि उनके वैवाहिक जीवन में लंबे समय से विवाद चल रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। यह वारदात एक बार फिर समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा की तरफ इशारा करती है। प्यार से शुरू हुई शादी, जब जहर बन जाती है, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान महिलाओं को ही भुगतना पड़ता है। इस घटना ने एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या मध्यस्थता से सुलह ही हर मामले का हल होता है।

एली अवराम ने सलमान संग लिंकअप की अफवाह पर तोड़ी चुप्पी, दिया यूजर्स करारा जवाब

Elli AvrRam: बॉलीवुड एक्ट्रेस एली अवराम इन दिनों यूट्यूबर आशीष चंचलानी संग अपने लिंकअप को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में आशीष ने इंस्टाग्राम पर एली के साथ एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें दोनों रोमांटिक अंदाज में नजर आए। इसके बाद फैंस ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि ये दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। हालांकि अब तक दोनों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन इसी बीच एली अवराम का एक पुराना बयान फिर से वायरल हो गया है, जो उन्होंने अभिनेता सलमान खान के साथ अपने कथित अफेयर पर दिया था। दरअसल, 2013 में एली ‘बिग बॉस 7’ का हिस्सा थीं, जिसे सलमान खान होस्ट कर रहे थे। शो में दोनों की नजदीकियों को लेकर दर्शकों और मीडिया में काफी चर्चा रही।

बिग बॉस 7 के दौरान और उसके बाद भी सलमान और एली को कई बार एक साथ स्पॉट किया गया, यहां तक कि एली को सलमान के पारिवारिक आयोजनों में भी देखा गया था। इन अफवाहों पर एली ने बाद में खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सलमान एक बेहतरीन इंसान हैं और शो में मेरे गाइड की तरह थे। उन्होंने कई बार मेरी मदद की, जब भी मैं किसी स्थिति को लेकर कन्फ्यूज होती थी।

एली ने साफ किया कि सलमान खान हमेशा सपोर्टिव रहे, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हमारे बीच कोई रोमांटिक रिश्ता था। एली अवराम की जिंदगी में कोई गॉडफादर नहीं है और अगर कोई है, तो वो उनके अपने पिता हैं। उन्होंने कहा कि वे आज जिस मुकाम पर हैं, वह सिर्फ अपनी मेहनत और लगन की बदौलत है, किसी से मिले खास सपोर्ट की वजह से नहीं। एली ने यह भी कहा कि वो ऐसी अफवाहों को मजाक में लेकर हंसी में टाल देती हैं और इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देतीं। उनका फोकस सिर्फ अपने काम पर है।

वहीं एली अवराम की बात करें तो वह एक टैलेंटेड एक्ट्रेस और डांसर हैं, जो मूल रूप से स्वीडन की रहने वाली हैं। एली ने भारत में अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘बिग बॉस 7’ से की थी और तभी से वह लोगों के दिलों में जगह बना चुकी हैं। वह ‘मिकी वायरस’, ‘नाम शबाना’, ‘किस किस को प्यार करूं’, और हाल ही में ‘गुडबाय’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। अपने बोल्ड और ग्लैमरस लुक के साथ-साथ डांस स्किल्स के लिए भी वह मशहूर हैं।

शुभमन गिल ने दिलाई विराट कोहली की याद, लॉर्ड्स में ‘प्रिंस’ बन गए ‘किंग’…

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भारतीय टीम इस वक्त इंग्लैंड के दौरे में है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में ‘शुभमन सेना’ इंग्लिश टीम के खिलाफ तीसरा टेस्ट मुकाबला खेल रही है। इस सीरीज में कप्तान शुभमन गिल का मैदान पर अलग रूप देखने को मिल रहा है। वो पूरे जोश और विश्वास के साथ मैदान पर दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा गिल बल्ले से भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके इस रूप को देखते हुए फैंस को गिल के रूप में विराट कोहली की याद आ रही है।

इंग्लैंड सीरीज में शुभमन गिल लीडिंग फ्राम द फ्रंट का उदाहरण पेश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वो पहली पारी में बल्ले से कुछ कमाल नहीं कर पाए, लेकिन वो कप्तान के तौर पर टीम की जिम्मेदारी बखूबी उठा रहे हैं। लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन वो अंपायर से भिड़ते हुए नजर आए। इसके बाद तीसरे दिन वो बल्लेबाज जैक क्रॉली से भिड़े।

टेस्ट फॉर्मेट में टीम इंडिया के नए कप्तान शुभमन गिल का ये रूप देखते हुए फैंस विराट कोहली को याद कर रहे हैं। साल 2021 में विराट कोहली को इंग्लिश टीम के खिलाफ कुछ इस प्रकार का गुस्सा आया था। उस दौरान मैदान पर बवाल मच गया। ठीक ऐसा ही शनिवार को लॉर्ड्स के मैदान पर भी देखा गया।

क्रॉली से भिड़े गिल
लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड खेल खत्म होने से करीब 6 मिनट पहले मैदान पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरी। इस दौरान जैक क्रॉली ने स्ट्राइक ली। ऐसे में उन्होंने गेंदबाज बुमराह को आखिरी ओवर में 2 बार गेंद करने से रोका। जिसके बाद इस ओवर को पूरा होने में करीब 6 मिनट लगे। ऐसे में कप्तान गिल खुश नहीं थे। वो जैक क्रॉली के साथ जाकर भिड़ गए। गिल का ये गुस्सा साल 2021 में विराट कोहली के गुस्से जैसा था।

विराट ने 2021 में दिखाया था रौद्र रूप
टीम इंडिया इससे पहले साल 2021 के दौरान इंग्लैंड के दौरे पर आई थी। उस वक्त भी बीते शनिवार के जैसा माहौल पैदा हो गया। उस वक्त टीम इंडिया की कप्तानी विराट कोहली करते थे। उन्होंने मैच के दौरान इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट के साथ झगड़ा किया था। ऐसे में कोहली ने टीम के अन्य खिलाड़ियों का भी हौसला बढ़ाया था। जिसके कारण टीम इंडिया उस मुकाबले को अपने नाम करने में कामयाब हो पाई थी।