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हरियाणा में दर्दनाक हादसा : ट्रक और पिकअप वाहन में भीषण टक्कर, पांच लोगों की मौत; 17 घायल

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बहादुरगढ़: केएमपी एक्सप्रेस-वे पर बहादुरगढ़ के निलौठी गांव के पास मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ट्रक और पिकअप वाहन की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए। घायलों में चार महिलाएं और दो बच्चियां भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, घायलों में से अधिकांश को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी यात्री उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं और महेंद्रगढ़ जा रहे थे।

यह हादसा केएमपी से कटरा एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज के पास हुआ। दोनों वाहन मानेसर की ओर जा रहे थे। टक्कर लगते ही पिकअप में सवार यात्री सड़क पर जा गिरे। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांचवें ने बुधवार सुबह रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही केएमपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है, हालांकि वे अभी बहादुरगढ़ नहीं पहुंचे हैं।

मेलानिया ट्रंप के लिए ‘विशेष पत्र’ के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दिया धन्यवाद

न्यूयार्क: अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक ‘शांति पत्र’ भेजा, जिसमें उन्होंने युद्ध के कारण पीड़ित यूक्रेनी बच्चों के लिए सुरक्षा की अपील की। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कहा कि मैं और मेरी पत्नी ओलेना जेलेंस्का अमेरिका की प्रथम महिला के पत्र से बहुत प्रभावित हुए हैं। इसके बाद जेलेंस्की ने ट्रंप को एक पत्र दिया। साथ ही यह भी कहा कि पत्र आपकी पत्नी के लिए है।

सोमवार को राष्ट्रपति जेलेंस्की ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक की शुरुआत अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप को धन्यवाद देकर की। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं इस युद्ध के सबसे दर्दनाक और कठिन मुद्दों में से एक – रूस द्वारा यूक्रेनी बच्चों के अपहरण पर ध्यान देने के लिए मेलानिया ट्रंप का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। हम उनकी संवेदना और पुतिन को लिखे उनके पत्र के लिए तहे दिल से आभारी हैं।”

उन्होंने लिखा, “यह मुद्दा युद्ध की मानवीय त्रासदी के केंद्र में है। कम से कम 20,000 बच्चों को हमसे छीन लिया गया है। मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से यूक्रेन की प्रथम महिला ओलेना जेलेंस्का का आभार पत्र मेलानिया तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। मेलानिया की आवाज मायने रखती है और इस विषय को मजबूती देती है।”

जेलेंस्की ने लिखा, “हम हर बच्चे को घर वापस लाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। यही बात हमारे युद्धबंदियों और नागरिकों पर भी लागू होती है, जो रूस में वर्षों से – कुछ तो 2014 से बेहद कठोर परिस्थितियों में रखे गए हैं। हजारों लोगों को रिहा किया जाना है। यह शांति स्थापित करने का एक हिस्सा है। हम सबके लिए सब प्रारूप में युद्धबंदियों की अदला-बदली पर एक समझौते की दिशा में काम करेंगे और हमें ऐसे मजबूत दोस्तों का शुक्रिया अदा करना है, जो हमारी मदद करते हैं।”

ज्ञात हो कि 15 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात अलास्का में हुई थी। डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की पहली महिला मेलानिया ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति के लिए एक विशेष पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने यूक्रेन के अपहरण किए गए बच्चों की सुरक्षा और शांति की मांग की थी।

वहीं कल सोमवार को हुई बैठक के बाद, ट्रंप और जेलेंस्की ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति के साथ व्हाइट हाउस आए यूरोपीय नेताओं के एक बड़े समूह से मिलने के बाद वह पुतिन को फोन करने की योजना बना रहे हैं।

यूरोपीय नेताओं में नाटो महासचिव मार्क रूट, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर शामिल थे।

ओपनएआई ने भारतीय यूजर्स के लिए लॉन्च किया ‘चैटजीपीटी गो’, 399 रुपए प्रति माह शुल्क के साथ मिलेगी सर्विस

अमेरिकी तकनीकी दिग्गज ओपनएआई ने मंगलवार को भारतीय यूजर्स के लिए एक नए सब्सक्रिप्शन प्लान, ‘चैटजीपीटी गो’ लॉन्च करने की घोषणा की। कंपनी की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘चैटजीपीटी गो’ जीएसटी सहित 399 रुपए प्रति माह की दर से उपलब्ध है, जिसका भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है।

उद्देश्य

इस नई योजना का उद्देश्य भारत में यूजर्स के लिए उन्नत एआई टूल्स को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। ‘चैटजीपीटी गो’ की सभी सुविधाएं जीपीटी-5 द्वारा संचालित हैं, जहां यूजर्स भारतीय भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं। ‘चैटजीपीटी गो’ मुफ्त योजना की तुलना में जीपीटी-5 के साथ दस गुना अधिक मैसेज लिमिट प्रदान करता है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह प्रतिदिन दस गुना अधिक इमेज जनरेशन प्रदान करता है। यूजर्स प्रतिदिन 10 गुना अधिक फाइल और इमेज अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, इसमें पर्सनलाइज्ड रिस्पॉन्स के लिए दोगुनी मेमोरी भी है।

नया ऑप्शन

यह नया ऑप्शन मौजूदा सब्सक्रिप्शन टायर के साथ उपलब्ध है, जिसमें 1,999 रुपए प्रति माह की दर से चैटजीपीटी प्लस भी शामिल है, जो पावर यूजर्स के लिए प्राथमिकता पहुंच, तेज प्रदर्शन और उच्च उपयोग सीमा प्रदान करता है।

पेशेवरों और उद्यमों के लिए

इसके अलावा, ओपनएआई उन पेशेवरों और उद्यमों के लिए चैटजीपीटी प्रो प्रदान करता है जिन्हें “उच्चतम स्केल, कस्टमाइजेशन और एडवांस्ड मॉडलों तक एक्सेस की आवश्यकता होती है, जिसकी कीमत जीएसटी सहित 19,900 रुपए प्रति माह है।

भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार

चैटजीपीटी के उपाध्यक्ष और प्रमुख निक टर्ली ने कहा कि भारत में लाखों लोग सीखने, काम करने, रचनात्मकता और समस्या-समाधान के लिए प्रतिदिन चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘चैटजीपीटी गो’ इन क्षमताओं को अधिक सुलभ बनाता है और यूपीआई का उपयोग कर भुगतान करना आसान बनाता है।

कंपनी के अनुसार, भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है और सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। जीपीटी-5 सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है, प्लस सब्सक्राइबर्स को इसका अधिक इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा और प्रो सब्सक्राइबर्स को जीपीटी-5 प्रो का एक्सेस मिलेगा।

2017 से पहले अपराधियों को पकड़ने में सालों लग जाते थे, अब 24 से 48 घंटों में दबोचे जा रहे

लखनऊ। भारतीय परंपरा में जब भी मंथन हुआ है, उससे कोई ना कोई अमृत जरूर निकला है। यह वैदिक काल से चली आ रही परंपरा है और इन परंपराओं के परिणाम स्वरूप ही हम देश में चार प्रमुख कुंभ स्थानों पर आयोजन देखते हैं। ये आयोजन भारत की पुरानी ज्ञान परंपरा को जीवित रखते हैं। यह समाज में एकता और विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम बनते हैं। इसी परंपरा के तहत लखनऊ में तीन दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।

ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट आॅफ फॉरेंसिक साइंसेज के तीसरे स्थापना दिवस पर साइबर युद्ध के आयाम, बहुपक्षीय कानूनी ढांचे, फॉरेंसिक और रणनीतिक प्रतिकार विषय पर आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल समिट के उद्धाटन में कही। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर, एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब, अटल पुस्तकालय का उद्धाटन किया। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को स्मार्ट टैबलेट वितरित किया। इसके अलावा 75 मोबाइल फॉरेंसिक वैन का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा ज्ञान के लिए सभी रास्तों को खोलने का समर्थन किया है। भारतीय संस्कृति का मानना है कि समय के साथ अपने आप को विकसित और तैयार करना अनिवार्य है। वर्ष 2017 से पहले अपराधियों को पकड़ने में सालों लग जाते थे, लेकिन अब 24 से 48 घंटों के भीतर अपराधियों को पकड़ लिया जाता है। इस बदलाव की मुख्य वजह टेक्नोलॉजी और फॉरेंसिक विज्ञान का बेहतर उपयोग है।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल चार फॉरेंसिक लैब थीं, जिनकी स्थिति भी ठीक नहीं थी। वही वर्तमान अब तक 12 नई लैब्स तैयार की जा चुकी हैं और छह अन्य निर्माणाधीन हैं। वहीं 75 जनपदों में फॉरेंसिक साक्ष्य को एकत्र करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए सभी 75 जनपदों में साइबर थाने की स्थापना की गई है, और 1587 थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। यहां मास्टर ट्रेनर के जरिये मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद से हर अपराध में फॉरेंसिक साक्ष्य को अनिवार्य कर दिया गया है। जुलाई 2024 से सभी 7 वर्ष से ऊपर के अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं साइबर अपराधों के लिए यूपी पुलिस ने एक मजबूत कदम उठाये हैं। सीएम ने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए साइबर मुख्यालय की स्थापना की दिशा में कदम आगे बढ़ाया गया है। महाकुंभ के आयोजन में भी टेक्नोलॉजी का बेहतरीन उपयोग किया गया था, जिसकी सफलता ने इसे एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी कार्यशैली में सुधार कर चुकी है और किसी भी अपराधी को कानून से बचने का कोई मौका नहीं मिलता है। यह केवल पुलिस बल की कड़ी मेहनत और स्मार्ट तकनीकी उपायों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस बल को आधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ अपने आप को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम समाज बना सकें। सरकार का यह प्रयास है कि देश की सबसे बड़ी यूपी पुलिस की ताकत को आधुनिक बनाने है, जो लगातार जारी रहेगा।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस को आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां हमें गर्व से याद कर सकें। उन्होंने कहा कि सेमिनार वर्तमान की चुनौतियों से निपटने के लिए समाज को तैयार करेगा और भविष्य में उत्तर प्रदेश पुलिस को और भी बेहतर बनाएगा। इस अवसर पर डीजीपी राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आईटी एंड इलेक्ट्रानिक अनुराग यादव, एडिशनल सेक्रेटरी आईटी भारत सरकार अभिषेक सिंह, एडीजी टेक्निकल नवीन अरोड़ा, उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक साइंसेज के निदेशक जीके गोस्वामी आदि उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश के इन एक्सप्रेसवे पर नहीं चलेगा FASTag Annual Pass, यहां जानें पूरी डिटेल्स

शुक्रवार, 15 अगस्त से पूरे देश में ‘फास्टैग एनुअल पास’ लागू हो गया है। अपनी गाड़ी के लिए फास्टैग एनुअल पास एक्टिव करने के लिए 3000 रुपये का एकमुश्त भुगतान करना होगा, यानी इसकी कीमत 3000 रुपये है। 3000 रुपये का फास्टैग एनुअल पास 1 साल या 200 ट्रिप के लिए वैलिड होगा। ये पास सिर्फ नॉन-कमर्शियल वाहनों जैसे- प्राइवेट कार, जीप और वैन के लिए मान्य है। 15 अगस्त यानी फास्टैग एनुअल पास लागू के पहले ही दिन शाम 4:30 बजे तक, लगभग 1.2 लाख यूजर्स ने फास्टैग एनुअल पास खरीदा और करीब 1.24 लाख ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। हालांकि, ये एनुअल पास उत्तर प्रदेश के 4 प्रमुख एक्सप्रेसवे पर नहीं चलेगा।

यूपी के इन 4 एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगा फास्टैग एनुअल पास

जी हां, उत्तर प्रदेश के 4 प्रमुख एक्सप्रेसवे- यमुना एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ये फास्टैग एनुअल पास नहीं चलेगा यानी यहां ये लागू नहीं होगा। इन चारों एक्सप्रेसवे पर आपके सामान्य फास्टैग खाते से ही टोल का पैसा कटेगा। दरअसल, उत्तर प्रदेश के ये चारों एक्सप्रेसवे राज्य सरकार के अधीन आने वाले स्टेट हाईवे हैं और फास्टैग एनुअल पास सिर्फ केंद्र सरकार के अधीन आने वाले नेशनल हाईवे पर ही लागू है। स्टेट हाईवे से गुजरने पर आपके सामान्य फास्टैग अकाउंट से ही टोल का पैसा कटेगा।

एक्सप्रेसवे का नामकहां से कहां तकअथॉरिटी
यमुना एक्सप्रेसवेग्रेटर नोएडा-आगराराज्य संचालित
पूर्वांचल एक्सप्रेसवेलखनऊ-गाजीपुरराज्य संचालित
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवेइटावा-चित्रकूटराज्य संचालित
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवेआगरा-लखनऊराज्य संचालित

फास्टैग एनुअल पास एक्टिव होने के बाद बन जाएंगे दो खाते

फास्टैग एनुअल पास के लिए 3000 रुपये की पेमेंट करने के बाद ये एक्टिव हो जाएगा, एक्टिव होने के लिए इसमें कुछ देर का समय लगता है। एनुअल पास एक्टिव होने के बाद आपकी गाड़ी में लगे फास्टैग में दो खाते बन जाएंगे। एक खाता एनुअल पास का होगा और एक खाता आपका सामान्य फास्टैग खाता होगा, जो पहले से चलता आ रहा है। अगर आपके फास्टैग में एनुअल पास एक्टिव है और जब आप नेशनल हाईवे से गुजरेंगे तो टोल का पैसा आपके एनुअल पास से कटेगा। इसी तरह, जब आप स्टेट हाईवे से होकर जाएंगे तो टोल का पैसा आपके साधारण फास्टैग से कटेगा।

नई टेक्नोलॉजी के साथ जल्द लौटेगी 90s की आइकॉनिक कार टाटा सिएरा

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नई दिल्ली: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में 90 के दशक की यादें ताजा होने जा रही हैं। टाटा मोटर्स अपनी आइकॉनिक एसयूवी टाटा सिएरा को नए अवतार में पेश करने की तैयारी कर रही है। यह वही कार है जिसने 1990 के दशक में भारतीय ग्राहकों के बीच लोकप्रियता हासिल की थी और अब कंपनी इसे नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक फीचर्स के साथ लॉन्च करने जा रही है। इस साल की शुरुआत में टाटा ने भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में इसका कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किया था और हाल ही में इसे टेस्टिंग के दौरान फिर से देखा गया है। उम्मीद है कि कंपनी दिवाली 2025 तक इसे भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है।
दमदार इंजन और इलेक्ट्रिक वेरिएंट

टाटा सिएरा में 1.5-लीटर पेट्रोल और डीजल इंजन मिलने की संभावना है। इसके अलावा, इसमें टाटा हैरियर वाला 2.0-लीटर मल्टीजेट इंजन भी दिया जा सकता है। खास बात यह है कि सिएरा का इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी बाजार में आएगा, जिसमें अलग-अलग बैटरी विकल्प मौजूद रहेंगे। टाटा ने हाल ही में अपनी हैरियर ईवी में ‘क्वाड व्हील ड्राइव’ फीचर पेश किया था और यही सुविधा सिएरा के टॉप वेरिएंट में भी मिलने की संभावना है।

प्रीमियम इंटीरियर और हाई-टेक फीचर्स

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई टाटा सिएरा का इंटीरियर प्रीमियम और आधुनिक होगा। इसमें डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, बड़ा इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन और कुल तीन स्क्रीन शामिल होंगी, जिनका आकार लगभग 12.3 इंच होगा। फ्लोटिंग डिज़ाइन वाली ये स्क्रीन कार को फ्यूचरिस्टिक लुक देती हैं। इसके अलावा, फ्लोटिंग सेंटर कंसोल, पैनोरमिक सनरूफ, चार-स्पोक स्टीयरिंग व्हील और टच-बेस्ड एसी कंट्रोल जैसे फीचर्स भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

आकर्षक एक्सटीरियर और दमदार लुक

टेस्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों से पता चलता है कि टाटा सिएरा को बॉक्सी और मजबूत डिजाइन में तैयार किया गया है। इसमें पूरी चौड़ाई वाली एलईडी लाइट स्ट्रिप, सीक्वेंशियल एलईडी टर्न इंडिकेटर और नया बम्पर डिजाइन देखने को मिलेगा। डैशबोर्ड पर डुअल-टोन फिनिश, सॉफ्ट-टच मटीरियल और फैली हुई एम्बिएंट लाइटिंग इसे और भी प्रीमियम लुक देती है। स्टीयरिंग व्हील पर चार-स्पोक डिजाइन और बीच में ब्रांड का चमकता लोगो इसे और आकर्षक बनाता है।

नई टाटा सिएरा का उद्देश्य सिर्फ 90’s की यादों को ताजा करना नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रिक विकल्पों के साथ भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करना है। दिवाली 2025 तक इसके लॉन्च होने से एसयूवी सेगमेंट में एक बार फिर कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

पाकिस्तान के इतिहास में सबसे घातक मानसूनी बारिश : अब तक 657 लोगों की मौत

इस्लामाबाद । पाकिस्तान अपने इतिहास में सबसे घातक मानसूनी बारिश से जूझ रहा है। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को बताया कि जून के अंत से लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 657 लोगों की मौत हो गई है और करीब 1,000 लोग घायल हो गए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के आंकड़ों के अनुसार, 26 जून से अब तक बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में मारे गए 657 लोगों में से 171 बच्चे और 94 महिलाएं थीं।

सभी प्रांतों में, खैबर-पख्तूनख्वा (के-पी) सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 390 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 288 पुरुष, 59 बच्चे और 43 महिलाएं शामिल हैं।

इस बीच, पंजाब में 164 मौतें हुईं, जिनमें से ज्यादातर बच्चे थे, जबकि सिंध में 28, बलूचिस्तान में 20, पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में 32, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 15 और इस्लामाबाद में बारिश से उत्पन्न आपदाओं में आठ लोगों की मौत हुई।

एनडीएमए के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र (एनईओसी) ने पंजाब, के-पी, बलूचिस्तान, पीओके और सिंध के कुछ हिस्सों सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया।

यह चेतावनी खैबर पख्तूनख्वा में व्यापक विनाश के बाद जारी की गई है, जहां प्रांत में आई सबसे विनाशकारी बाढ़ में 300 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के अनुसार, रविवार तक, शुक्रवार को बादल फटने, बिजली गिरने और अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 323 हो गई, जिसमें से 209 मौतें बुनेर जिले में हुईं, जो इस आपदा का केंद्र था।

मृतकों में 273 पुरुष, 29 महिलाएं और 21 बच्चे शामिल हैं, जबकि घायलों में 123 पुरुष, 23 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं।

पीडीएमए ने बताया कि इस आपदा में अब तक 336 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 230 आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं और 106 पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं।

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने एनडीएमए के अध्यक्ष इनाम हैदर के हवाले से कहा, “अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण पीओजीबी और खैबर पख्तूनख्वा की कई बस्तियों से संपर्क टूट गया है। लापता लोगों की तलाश जारी है और कल और राहत सामग्री भेजी जाएगी।”

एनडीएमए ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की सलाह दी है।

त्वचा को चमकदार और गठिया जैसी बीमारियों को हराने में कारगर ये ‘सुपरफ्रूट’

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नई दिल्ली,। विटामिन और मिनरल्स से भरपूर अंजीर एक ऐसा ड्राई फ्रूट है, जो न केवल त्वचा को चमकदार बनाने में सहायक है बल्कि इसके रोजाना सेवन से गठिया, लकवे तथा पेशाब में जलन जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अंजीर खाने से लोगों को कई तरह के फायदे होते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर को मजबूती मिलती है। फाइबर की अधिकता से पाचन क्रिया भी ठीक तरीके से काम करती है। भरपूर मात्रा में मिनरल्स होने के कारण इसका नियमित सेवन खासकर त्वचा के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। इससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार होती है। इसके अलावा, इसमें भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है, जो दिल को स्वस्थ और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय इसके रोजाना सेवन की सलाह देता है। मंत्रालय के अनुसार, “अंजीर एक ‘सुपरफ्रूट’ है जो केवल स्वाद ही नहीं, सेहत की गारंटी भी देता है। यह शरीर की ताकत बढ़ाता है, प्राकृतिक रूप से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और गठिया, लकवे तथा पेशाब में जलन जैसी समस्याओं में राहत देता है। रोजाना अंजीर का सेवन बेहद फायदेमंद होता है।”

अंजीर में विटामिन सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। अंजीर में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और नेचुरल शुगर होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है।

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं, अंजीर को रात में पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। इसका पानी पीना भी बेहद फायदेमंद होता है। अंजीर का पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जो वजन घटाने में सहायक होता है। यह शरीर में फैट बर्निंग प्रोसेस को भी बढ़ाने में मदद करता है।

अंजीर में पोटैशियम के अलावा कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट से जुड़ी समस्‍या में बेहद फायदेमंद होता है। इसके साथ ही यह वजन को कम करने में भी अहम भूमिका निभाता है।

अंजीर अपने गुणों के चलते बेहद खास है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।

फॉर्च्यूनर को टक्कर देने आ रही ये 3 धांसू SUV, इनमें फोर्ड मॉडल भी शामिल!

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लखनऊ: फुल-साइज एसयूवी सेगमेंट में पिछले 10 सालों से भारतीय मार्केट में टोयोटा फॉर्च्यूनर का दबदबा बना हुआ है। इस दौरान फोर्ड एंडेवर, पजेरो और जीप मेरिडियन जैसी गाड़ियां भी आईं, लेकिन कोई भी इसकी बादशाहत नहीं तोड़ पाई। अब इस मुकाबले को और रोचक बनाने के लिए तीन नई 7-सीटर प्रीमियम एसयूवी भारतीय बाजार में एंट्री करने जा रही हैं। इनमें एमजी की नई फ्लैगशिप मेजेस्टर, वोक्सवैगन की टायरोन और सबसे ज्यादा चर्चा में फोर्ड एंडेवर की वापसी शामिल है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स—
एमजी मेजेस्टर

एमजी मोटर इंडिया अपनी नई फ्लैगशिप एसयूवी मेजेस्टर को लॉन्च करने की तैयारी में है। इसे हाल ही में भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में पेश किया गया था। कंपनी इसे चुनिंदा MG Select डीलरशिप्स से बेचेगी। खास बात यह है कि मेजेस्टर आने के बाद भी कंपनी की ग्लॉस्टर बंद नहीं होगी।

—यह एसयूवी चीन-स्पेक Maxus D90 पर बेस्ड होगी।

—इसमें डुअल 12.3-इंच स्क्रीन, लेवल-2 ADAS, और एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स मिलेंगे।

—पावर के लिए इसमें 2.0L ट्विन-टर्बो डीजल इंजन दिया जाएगा।

वोक्सवैगन टायरोन

वोक्सवैगन भी भारतीय बाजार में अपनी नई 7-सीटर एसयूवी टायरोन लेकर आ रही है। इसे टिगुआन का बड़ा वर्जन माना जा रहा है और कई बार इसे भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा भी गया है।

—इसके अक्टूबर 2025 तक लॉन्च होने की संभावना है।

—इसमें 2.0L टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलेगा।

—खास बात यह है कि इसे वोक्सवैगन के औरंगाबाद प्लांट में लोकल असेंबल किया जा सकता है, जिससे इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है।

फोर्ड एंडेवर

सबसे ज्यादा चर्चा फोर्ड एंडेवर की वापसी को लेकर है। फोर्ड इंडिया 2026 में दोबारा भारतीय बाजार में एंट्री करने की योजना बना रही है और उम्मीद यही है कि एंडेवर इसकी सबसे बड़ी पेशकश होगी।

—एंडेवर हमेशा से अपनी दमदार ऑफ-रोड प्रेजेंस, शानदार राइड क्वालिटी और प्रीमियम फीचर्स के लिए मशहूर रही है।

—अगर यह वापसी करती है तो फॉर्च्यूनर के लिए यह सबसे बड़ा चैलेंज साबित हो सकती है।

टोयोटा फॉर्च्यूनर ने पिछले एक दशक से फुल-साइज एसयूवी सेगमेंट पर कब्जा जमाया हुआ है। लेकिन अब एमजी मेजेस्टर, वोक्सवैगन टायरोन और फोर्ड एंडेवर की एंट्री इस मुकाबले को और दिलचस्प बना देगी। देखना होगा कि क्या इनमें से कोई एसयूवी फॉर्च्यूनर के लंबे शासन को चुनौती दे पाती है या नहीं।

फॉक्सकॉन के बेंगलुरु प्लांट में आईफोन 17 का उत्पादन हुआ शुरू, एप्पल ने भारत में बढ़ाया उत्पादन

ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज और एप्पल की प्रमुख सप्लायर फॉक्सकॉन ने अपने नए बेंगलुरु फैक्ट्री में आईफोन 17 का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह इस फैक्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह चीन के बाहर फॉक्सकॉन की दूसरी सबसे बड़ी आईफोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है और लगभग 2.8 बिलियन डॉलर (लगभग 25,000 करोड़ रुपए) के निवेश से स्थापित की गई है।

देवनहल्ली स्थित बेंगलुरु यूनिट अब फॉक्सकॉन के चेन्नई प्लांट के साथ-साथ चालू हो गई है, जहां आईफोन 17 का उत्पादन भी चल रहा है। यह पिछले साल लगभग इसी समय-सीमा में आईफोन 16 सीरीज के स्थानीय उत्पादन के बाद है, जो इसके वैश्विक और भारत में लॉन्च से पहले था।

हालांकि, एप्पल या फॉक्सकॉन ने अभी तक इस घटनाक्रम पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। इस साल की शुरुआत में कई चीनी इंजीनियरों के अचानक चले जाने के बाद नई यूनिट को कुछ समय के लिए झटका लगा था, लेकिन फॉक्सकॉन ने इस कमी को पूरा करने के लिए ताइवान और दूसरे स्थानों से विशेषज्ञों को लाने में कामयाबी हासिल की है।

दरअसल, एप्पल भारत को एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने पर बड़ा दांव लगा रहा है। कंपनी द्वारा इस वर्ष आईफोन उत्पादन को 6 करोड़ यूनिट तक बढ़ाने की उम्मीद है, जबकि 2024-25 में यह 3.5-4 करोड़ यूनिट था। वहीं, 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष में, एप्पल ने भारत में 60 प्रतिशत अधिक आईफोन असेंबल किए, जिनकी अनुमानित कीमत 22 अरब डॉलर है।

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में कंपनी की ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। 31 जुलाई को वित्तीय परिणामों की घोषणा के बाद, उन्होंने खुलासा किया कि जून 2025 में अमेरिका में बेचे गए अधिकांश आईफोन भारत में बने थे। दूसरी तिमाही के आय परिणामों पर कॉल के दौरान, कुक ने यह भी पुष्टि की कि जून तिमाही के दौरान अमेरिका में बेचे गए सभी आईफोन भारत से भेजे गए थे।

एसएंडपी ग्लोबल के एक विश्लेषण से पता चलता है कि 2024 में अमेरिका में आईफोन की बिक्री 75.9 मिलियन यूनिट तक पंहुच गई। मार्च 2025 तक भारत से निर्यात 3.1 मिलियन यूनिट होने के साथ, इस मांग को पूरा करने के लिए एप्पल को या तो अपनी क्षमता बढ़ाकर शिपमेंट दोगुना करना होगा या घरेलू बाजार के लिए अधिक डिवाइस भेजने होंगे।

इस बीच, भारत के स्मार्टफोन बाजार में एप्पल की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। 2025 की पहली छमाही में आपूर्ति सालाना 21.5 प्रतिशत बढ़कर 5.9 मिलियन यूनिट हो गई, जिसमें आईफोन 16 सबसे अधिक शिप किए जाने वाले मॉडल के रूप में उभरा।

केवल जून तिमाही में, भारत में एप्पल की शिपमेंट सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत बढ़ी, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत हो गई। हालांकि, आईडीसी के अनुसार, व्यापक भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीनी ब्रांडों का दबदबा बना रहा, जिसमें इसी तिमाही में वीवो 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा।

बेंगलुरु फैक्ट्री के लॉन्च को एप्पल की चीन से दूर अपने उत्पादन आधार में विविधता लाने और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करने की रणनीति में एक प्रमुख कदम के रूप में देखा जा रहा है।