Home Blog Page 26

किन्नरों ने की युवक की पीट-पीटकर हत्या, पूछताछ करने पर कपड़े उतारकर थाने में काटा जमकर बवाल

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई. शौकीन गार्डन में एक अज्ञात युवक की स्थानीय लोगों और किन्नरों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसके बाद युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई. युवक की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है. पुलिस हत्या के कारण और मृतक की पहचान को लेकर जांच में जुटी है.

ये है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे एक 35 वर्षीय युवक शौकीन गार्डन के पास देखा गया था. कुछ ही देर में स्थानीय लोगों ने उस पर हमला कर दिया. हमलावरों में कुछ किन्नर भी शामिल थे. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले आई. हालत गंभीर होने के चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

सड़क पर किन्नरों ने काटा बवाल
उधर, युवक को थाने लाने की सूचना मिलते ही कई किन्नर थाने पहुंच गए और पुलिस पर उसे छोड़ने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. किन्नरों ने सड़क पर कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया और थाने के बाहर लेट गए. पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी. जैसे ही युवक की मौत की खबर आई, सभी किन्नर मौके से खामोशी से चले गए.

जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला है. सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है. शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक की हत्या किसी साजिश के तहत तो नहीं की गई.

लगे ये गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने युवक पर बच्चा चोरी और ड्रोन उड़ाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस को घटनास्थल से ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है. पुलिस का मानना है कि मामला संदिग्ध है और नशे की हालत या किसी गलतफहमी के चलते युवक को पीटा गया हो सकता है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.

कारगिल विजय दिवस पर भावुक हुईं सेलिना जेटली, पिता की वीरता और परिवार के बलिदान को किया याद

मुंबई । कारगिल विजय दिवस के 26 साल होने पर बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस इंडिया सेलिना जेटली ने एक भावुक वीडियो साझा किया। दिवंगत पिता कर्नल विक्रम कुमार जेटली को याद किया। कारगिल युद्ध के दौरान वे भारतीय सेना में कार्यरत थे। सेलिना ने उस समय के दर्द और जज्बातों को खुलकर साझा किया। ये वीडियो उन्होंने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया। वीडियो में सेलिना ने सैनिकों के परिवारों की पीड़ा का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे युद्ध की त्रासदी सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हर एक फौजी के घर पर इसका असर पड़ता है। उन्होंने कहा, “अपने बेटों के अंतिम संस्कार में माता-पिता की नम आंखें, अपने पतियों को खो चुकीं युवा पत्नियों का दर्द और बच्चों की सिसकियां। यह सिर्फ खबर नहीं थी, यह एक ऐसा दर्द था जो हवा में गहराई तक समाया हुआ था।”
सेलिना ने बताया कि कारगिल युद्ध के दिनों में उनका परिवार हर एक फोन कॉल से घबरा जाता था।
अभिनेत्री ने कहा, “एक बेटी होने के नाते, मैं अपने पिता की विरासत को हमेशा संभाल कर रखती हूं। मेरे पिता ने हर दिन सैनिक के रूप में जीवन को जिया। मैं उस समय किशोरावस्था में थी। हमारी सांसें थमी हुई थीं। खबर का इंतजार कर रहे थे। हर अनजान नंबर से आने वाली कॉल से डर रहे थे। सेना की वर्दी केवल सैनिक ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार पहनता है; महिलाओं से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक सभी एक मूक योद्धा होते हैं।”
उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध ने उनके छोटे भाई पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा, “कारगिल के दौरान मेरा छोटा भाई स्कूल में था, लेकिन जंग ने उस पर गहरा प्रभाव डाला था। इसने उसके जीवन की दिशा तय की और वह भारतीय सेना में शामिल हो गया।”
सेलिना ने अपनी पारिवारिक सैन्य विरासत पर भी गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हमारे लिए, कारगिल राष्ट्रीय इतिहास का सिर्फ एक अध्याय नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा क्षण है जो सेवा और बलिदान की पीढ़ियों में गूंजता रहा।”
वीडियो के आखिर में सेलिना ने कहा, ”आज जब पूरा देश कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा है, यह देखकर गर्व तो होता है, लेकिन एक गहरा दुख भी है जो कभी पूरी तरह से कम नहीं होता। जब मैं देश को कारगिल को इतने सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करते हुए देखती हूं, तो मुझे न केवल एक नागरिक के रूप में, बल्कि एक सैनिक की बेटी और पोती के रूप में भी देखा जाता है। लेकिन मुझे उसकी कीमत भी याद है।”
बता दें कि कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है, जो उस ऐतिहासिक विजय की याद दिलाता है जब भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान के कब्जे से चोटियों को सफलतापूर्वक मुक्त कराया था। यह ऑपरेशन भारतीय सशस्त्र बलों ने लद्दाख के कारगिल क्षेत्र में प्रमुख पर्वतीय चौकियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए शुरू किया था।

Vibe Hai Baby रिलीज़: तेजा सज्जा ने मचाया स्वैग, स्टाइल और धमाल

मुंबई। पीपल मीडिया फैक्ट्री की ऐक्शन-एडवेंचर फिल्म मिराई, जिसमें तेजा सज्जा मुख्य भूमिका में हैं, निस्संदेह भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। हाल ही में रिलीज़ हुए इसके शानदार टीज़र ने दर्शकों को एक नए और साहसी संसार से रूबरू करवाया, जिससे उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया। अब फिल्म का पहला गाना ‘Vibe Hai Baby’ रिलीज़ हो चुका है। यह एक ऊर्जावान, थिरकने वाला डांस एंथम है, जो रिदम का उत्सव है और निश्चित ही चार्टबस्टर बनने वाला है। ‘Vibe Hai Baby’ में तेजा सज्जा अपने स्टाइलिश अवतार में नज़र आ रहे हैं, जहाँ उनका सहज आकर्षण और दमदार स्क्रीन प्रेज़ेन्स छा जाता है। उनके साथ हैं रितिका नायक, जिनके साथ उनकी जबरदस्त केमिस्ट्री हर फ्रेम में जान डाल देती है। लेकिन सबसे ज़्यादा ध्यान खींचते हैं तेजा के स्मूद डांस मूव्स और उनका एडिक्टिव हुक स्टेप, जो जल्द ही एक ट्रेंड बन जाएगा।
गाने को संगीतबद्ध किया है गोवरा हरी ने, और अपनी सुरीली आवाज़ दी है अरमान मलिक ने। जैसा कि नाम से ही जाहिर है, ‘Vibe Hai Baby’ आपको सीधे एक जोश से भरे, अच्छा महसूस कराने वाले माहौल में ले जाता है। भव्य स्तर पर फिल्माया गया यह गाना, अपने आकर्षक विज़ुअल्स और दमदार कोरियोग्राफी के साथ एक संवेदी अनुभव देता है। तेजा का ऊर्जा से भरपूर अंदाज़, लाजवाब डांस और बेहतरीन स्वैग इस गाने को दर्शकों के लिए एक ट्रीट बना देते हैं।
मिराई का निर्देशन किया है कार्तिक गट्टमनेनी ने और निर्माण किया है टीजी विश्व प्रसाद और कृति प्रसाद ने, पीपल मीडिया फैक्ट्री के बैनर तले। मिराई 5 सितंबर, 2025 को दुनिया भर में भव्य सिनेमाई रिलीज़ के लिए तैयार है। टीज़र में एक निर्भीक सुपर योद्धा की झलक मिलती है जिसे नौ दिव्य ग्रंथों की रक्षा का दायित्व सौंपा गया है ग्रंथ जिनमें समूची मानवता का भविष्य निहित है।
गोवरा हरी के जबरदस्त बैकग्राउंड स्कोर और सीमाओं को लांघते विज़ुअल्स के साथ, मिराई एक ऐसे नए युग का वादा करता है, जहाँ इतिहास, एक्शन और कहानी एक अद्भुत रूप में सामने आती है।

ALTT ऐप पर बैन: एकता कपूर की सफाई, ‘2021 से नहीं है कोई संबंध’

मुंबई । केंद्र सरकार ने उल्लू और ऑल्ट जैसे 25 ऐप्स को आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट दिखाए जाने के चलते बैन कर दिया है। जिसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में कई तरह के दावे होने लगे कि ऑल्ट एकता कपूर की कंपनी की सब्सिडियरी के स्वामित्व वाली ऐप है। वहीं किसी ने कहा कि बैन के बाद एकता कपूर को काफी नुकसान हुआ है। इन्हीं दावों के बीच एकता कपूर की तरफ से आधिकारिक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया कि एकता कपूर ऑल्ट बालाजी से किसी भी तरह से जुड़ी हुई नहीं हैं। उन्होंने 2021 में ऐप से दूरी बना ली थी। एकता कपूर के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है, ”हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि एकता कपूर और शोभा कपूर का ऑल्ट से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। जून 2021 में ही वे ऑल्ट से पूरी तरह अलग हो गई थीं। इसलिए अगर कोई दावा करता है कि उनका अब भी कोई जुड़ाव है, तो हम कड़े शब्दों में उसका खंडन करते हैं। मीडिया से निवेदन है कि सही और सटीक जानकारी दें। बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड सभी नियमों और कानूनों का पालन करता है और अपनी कंपनी को ईमानदारी और जिम्मेदारी से चलाता है।”
बालाजी की बात करें तो यह प्रोडक्शन हाउस एकता कपूर और उनकी मां शोभा ने साल 1984 में स्थापित किया था। इस प्रोडक्शन हाउस के तहत ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘पवित्र रिश्ता’, ‘बड़े अच्छे लगते हैं’, ‘कुमकुम भाग्य’, ‘ये है मोहब्बतें’, ‘कसम तेरे प्यार की’, ‘कुंडली भाग्य’, ‘ये है चाहते’, ‘भाग्य लक्ष्मी’, ‘परिणीति’, ‘मानो या ना मानो’, ‘हम पांच’, ‘कही किसी रोज’, ‘कसौटी जिंदगी की’, ‘कहीं तो होगा’, ‘कही तो मिलेगा’, ‘कसम से’, ‘पिया का घर’, ‘तुम्हारी पाखी’, और ‘जोधा अकबर’ जैसे कई जाने-माने टीवी सीरियल्स बने हैं।
बता दें, 25 जुलाई 2025 को, भारत सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 25 वेबसाइट्स- ऐप्स को बैन कर दिया। इनमें उल्लू, ऑल्ट, बिग शॉट्स, देशीफ्लिक्स, बूमेक्स, गुलाब ऐप, कंगन ऐप, और बुल ऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इन प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक विज्ञापनों और बेहद अश्लील कंटेंट को लेकर कार्रवाई की।

महज 37 गेंदों में टी20 शतक, टिम डेविड ने रचा इतिहास

0

नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में टिम डेविड ने तूफानी शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया। टिम डेविड ने सेंट किट्स में महज 37 गेंदों में शतक पूरा किया। इसी के साथ वह टी20 फॉर्मेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बन गए।

यह टिम डेविड का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला शतक रहा। वार्नर पार्क में टिम डेविड ने 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जिसके साथ वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे तेज टी20 फिफ्टी जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए।

इससे पहले यह रिकॉर्ड मार्कस स्टोइनिस के नाम था, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप-2022 में श्रीलंका के खिलाफ 17 गेंदों में अर्धशतक जमाया था।

इसके बाद टिम डेविड ने 37 गेंदों में शतक जड़ते हुए जोश इंग्लिस के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इंग्लिस ने छह सितंबर 2024 को स्कॉटलैंड के विरुद्ध 43 गेंदों में टी20 शतक पूरा किया था।

टिम डेविड के टी20 रिकॉर्ड को देखें, तो दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 56 मुकाबलों में 36.19 की औसत के साथ 782 रन बनाए, जिसमें एक शतक के अलावा छह अर्धशतक भी शामिल हैं।

मुकाबले की बात करें, तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने चार विकेट खोकर 214 रन बनाए। मेजबान टीम के लिए शाई होप ने कप्तानी पारी खेलते हुए 57 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए, जिसमें छह छक्के और आठ चौके शामिल रहे।

इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 16.1 ओवरों में जीत दर्ज कर ली। टिम डेविड को नाबाद शतकीय पारी के चलते ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जिन्होंने मिचेल ओवन के साथ पांचवें विकेट के लिए 128 रन की अटूट साझेदारी की।

ऑस्ट्रेलिया ने पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज का शुरुआती मुकाबला तीन विकेट से अपने नाम किया था, जिसके बाद उसने दूसरे टी20 मैच को आठ विकेट से जीता। 3-0 से लीड के साथ ऑस्ट्रेलिया सीरीज पर अपना कब्जा कर चुका है।

जो रूट हर पारी के साथ निपुण होते जा रहे हैं: जोनाथन ट्रॉट

0

नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने ओल्ड ट्रैफर्ड में चौथे टेस्ट की पहली पारी में 150 रन बनाए। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर जोनाथन ट्रॉट के मुताबिक यह करिश्माई खिलाड़ी हर पारी के साथ अपने खेल में निपुणता हासिल कर रहा है। जो रूट टेस्ट इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर हैं। जो रूट इस मामले में रिकी पोंटिंग (13,378), जैक्स कैलिस (13,289) और राहुल द्रविड़ (13,288) को पछाड़ चुके हैं। इस फेहरिस्त में सचिन तेंदुलकर (15,921) टॉप पर हैं।

जोनाथन ट्रॉट ने ‘जियोहॉटस्टार’ पर कहा, “जो रूट का तरीका बेहद शानदार है। आप उन्हें अचानक तेजी से गियर बदलते हुए नहीं देखते। हालांकि, जब ‘बैजबॉल’ की शुरुआत हुई थी, तो उन्होंने थोड़ा प्रयोग जरूर किया। रूट ने सीमर्स के खिलाफ रैंप शॉट्स खेले, रिवर्स स्कूप्स भी लगाए, लेकिन अब उन्होंने वह सब छोड़ते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। शायद उस आक्रामक दौर की कुछ झलक अब भी उनके खेल में हो, लेकिन कुल मिलाकर रूट वैसा ही खेलते हैं, जो उनके लिए सबसे ज्यादा कारगर है।”

उन्होंने कहा, “जब विपक्षी टीम कड़ी टक्कर नहीं देती, तो रूट क्रीज पर डट जाते हैं। वह मानसिक रूप से तय कर लेते हैं कि उन्हें पूरे दिन बल्लेबाजी करनी है। उन्हें आउट करने के लिए आपको बेहतरीन गेंदबाजी करनी पड़ती है। मुकाबले के तीसरे दिन भारत ऐसा नहीं कर पाया। रूट के नाम 150 जुड़ गए, और जैसा कि मैंने पहले कहा, वह हर एक पारी के साथ अपने खेल को निखार रहे हैं।”

इस मुकाबले में रूट ने अपने टेस्ट करियर का 38वां शतक लगाया है। इसी के साथ उन्होंने सर्वाधिक टेस्ट शतकों के मामले में कुमार संगाकारा की बराबरी कर ली। अब सिर्फ रिकी पोंटिंग (41), जैक्स कैलिस (45) और सचिन तेंदुलकर (51) ही उनसे आगे हैं।

वहीं, पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना है कि भारत ड्रॉ के बारे में नहीं सोचेगा, क्योंकि जीत के अलावा कोई भी परिणाम मेहमान टीम के सीरीज जीतने के मौके को खत्म कर देगा। इंग्लैंड ने तीसरे दिन की समाप्ति तक 186 रन की लीड हासिल कर ली है। फिलहाल बेन स्टोक्स और लियाम डॉसन नाबाद हैं।

संजय मांजरेकर ने कहा, “भारत ड्रॉ के बारे में नहीं सोचेगा। टीम इंडिया उम्मीद करेगी कि धूप निकले, ताकि वह रन बनाकर इंग्लैंड पर दबाव बना सके। पिच पर अब असमान उछाल दिखने लगा है, जिससे कुछ गेंदबाजों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। क्रिस वोक्स शायद उतने प्रभावी न रहें, लेकिन बेन स्टोक्स को अभी भी काफी ओवर फेंकने होंगे। जोफ्रा आर्चर का लंबा कद और स्टंप्स को निशाना बनाने की क्षमता खतरनाक साबित हो सकती है, खासकर अगर गेंद नीची रहने लगे। इसके साथ ही लियाम डॉसन पर भी नजर रखें। जरूरी नहीं कि वह ऐसी गेंदें फेंकें, जिन्हें खेलना नामुमकिन हो, लेकिन इंग्लैंड की सेलिंग स्ट्रैटेजी में उनकी भूमिका अहम होगी।”

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं ‘अश्वत्थामा’ की तपोभूमि

देवरिया,। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से करीब 35 किलोमीटर दूर ‘मझौली राज’ में स्थित दीर्घेश्वर नाथ मंदिर महाभारत काल से जुड़ी एक अनूठी मान्यता का केंद्र बन गया है। श्रद्धालु जटाशंकर दुबे ने आईएएनएस से खास बातचीत में बताया, “यह मंदिर अश्वत्थामा की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि वे आज भी यहां पूजा करने आते हैं। सावन में हर सोमवार को एक से डेढ़ लाख लोग यहां दर्शन करते हैं।”
एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि यह पौराणिक मंदिर है, जहां भगवान शिव ने अश्वत्थामा को दर्शन दिए थे। यहां स्थित पार्वती सरोवर में स्नान करने से त्वचा रोगों का निदान होता है ऐसी मान्यता है।

वहीं मंदिर के महंत जगन्नाथ दास जी महाराज ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में बताया कि मंदिर परिसर में स्थित पार्वती सरोवर में सफेद कमल के फूल खिलते हैं, जिन्हें अश्वत्थामा सहस्त्रार्चन पूजा के लिए उपयोग करते थे। उन्होंने कहा, “यह मंदिर प्राचीन और पवित्र है। यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां आते हैं।”

महंत के अनुसार, यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व का भी प्रतीक है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने करीब चार दशक पहले यहां खुदाई की थी, जिसमें द्वापर युग की मूर्तियां, मृदभांड और प्राचीन सिक्के मिले थे। इन खोजों ने मंदिर की प्राचीनता की पुष्टि की। मंदिर का जीर्णोद्धार मझौली राज परिवार द्वारा कराया गया था, जिसमें तत्कालीन महारानी श्याम सुंदरी कुंवरी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में बांसुरी बाबा, टेंगरी दास और ब्रह्मलीन बंगाली बाबा जैसे संतों ने मंदिर के विकास में अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय लोगों का विश्वास है कि महाभारत के योद्धा अश्वत्थामा को यहीं भगवान शिव ने दीर्घायु होने का वरदान दिया था, जिसके कारण इस मंदिर का नाम “दीर्घेश्वर नाथ मंदिर” पड़ा। यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था और इतिहास का अनूठा संगम है। मंदिर की सबसे रोचक बात यह है कि हर सुबह जब मंदिर के कपाट खोले जाते हैं, तो शिवलिंग पर पहले से ही बेलपत्र और फूल चढ़े मिलते हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि यह पूजा आज भी स्वयं अश्वत्थामा तीसरे पहर यहां आकर करते हैं।

क्या आपका कपूर असली है? पहचानें भीमसेनी कपूर और करें शुद्धता का अनुभव

नई दिल्ली । ‘भीमसेनी कपूर’, जिसे बासर भी कहते हैं औषधीय गुणों से संपन्न माना जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है और आकृत्ति नुकीली होती है। ये वात, पित्त, और कफ जैसे दोषों को संतुलित करने में मदद करता है। धार्मिक दृष्टि से भी कपूर अहम है। इसका इस्तेमाल पूजा-हवन में किया जाता है। कोरोना का दौर लोग भूले नहीं हैं। उस समय कई लोग लौंग और कपूर की पोटली अपने पास रखते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आमतौर पर मिलने वाला कपूर नकली और सिंथेटिक होता है? लेकिन भीमसेनी ही है जो खालिस कपूर के तौर पर अपना दबदबा बनाए हुए है।
भीमसेनी कपूर एक प्राकृतिक कपूर है, जो पेड़ से प्राप्त होता है। यह बड़े टुकड़ों में, अनियमित आकार का और थोड़ा भूरा या पीलापन होता है। इसकी सुगंध थोड़ी तीखी लेकिन बहुत शुद्ध होती है और जलाने पर यह पूरी तरह जल जाता है, कोई अवशेष नहीं छोड़ता। आयुर्वेदिक दवाओं में इसी प्राकृतिक कपूर का उपयोग किया जाता है।
सुश्रुत संहिता में भीमसेनी कपूर को “चक्षुष्य (नेत्रों के लिए सुखदायक) बताया गया है, जिसका उपयोग आंखों में शीतलता लाने या आंखों को आकर्षित बनाने के लिए किया जाता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो त्वचा में होने वाली जलन, खुजली और फटे पैरों के उपचार में मदद करते हैं।
चरक संहिता में बताया गया है कि भीमसेनी कपूर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है, साथ ही यह भूख बढ़ाता है और पाचन से जुड़ी समस्या में भी उपयोगी है। यह कपूर सांस लेने में होने वाली तकलीफों को कम करने में मदद करता है और फेफड़ों के संक्रमण को ठीक करने में भी सहायक है।
भीमसेनी कपूर को डिफ्यूजर या कपूरदानी में जलाकर कमरे में सुगंध फैलाएं। इसी के साथ ही नारियल तेल में कपूर मिलाकर सिर की मालिश भी कर सकते हैं। कपूर की सुगंध कीड़े-मकोड़ों (मच्छर, कॉकरोच) को भगाने और हवा को शुद्ध करने में प्रभावी है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसे जलाने से घर में खुशियां आती हैं और भाग्य तेज होता है। साथ ही, इसकी सुगंध मन को शांत करने और तनाव को कम करने में मदद करती है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है।

प्रेमी संग पत्नी हो गई थी फरार, 10 साल बाद गांव लौटी; पति ने कहा- अब मेरे साथ रहो… मना करने पर फावड़े से काटा

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के शादियाबाद थाना अंतर्गत एक शख्स ने एक महिला पर फावड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी. करीब 10 साल पहले उसने अपने पति को छोड़कर गांव के ही युवक से शादी रचा लिया और फिर उसके साथ दिल्ली में रहने लगी थी. लेकिन करीब एक सप्ताह पहले वह अपने गांव आई और इसी दौरान उसके पूर्व पति ने उसे देख लिआ और एक बार फिर उसे अपने साथ रहने की बात करने लगा. लेकिन महिला उसके साथ रहने को तैयार नहीं हुई, जिसके बाद उसने गुस्से में फावड़ा से हमला करके मौत के घाट उतार दिया. इस बात का खुलासा आरोपी पति की गिरफ्तारी के बाद हुआ.

गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र के मरदानपुर गांव में बुधवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया. जब पूर्व पति ने एक महिला पर अचानक से फावड़ा से हमला कर दिया और उसे तब तक मारता रहा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. हालांकि इस दौरान महिला की जेठानी जब बचाने गई तो उस पर भी हमला कर दिया, लेकिन वह बच गई. हालांकि इस दौरान उसे भी चोटें आईं और वह भी घायल हो गई. घटना की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और फिर आरोपी की तलाश में जुट गई.

10 साल पहले हुई थी शादी
मृतक महिला बंदना जिसकी शादी करीब 10 साल पहले जयप्रकाश से हुई थी और उसका एक बच्चा भी था. लेकिन उसके कुछ दिनों के बाद से ही घर के ही पास के शैलेंद्र राम से इश्क कर बैठी. और फिर एक साथ जीने और मरने की कसम खाते हुए अपने बच्चों को छोड़ आशिक के साथ शादी कर ली. वहीं शादी के बाद महिला और उसका प्रेमी दोनों दिल्ली चले गए. दिल्ली में ही पिछले कई सालों से रह रहे थे और इस दौरान उसके तीन बच्चे भी हुए. पिछले सप्ताह से वह अपने गांव आई हुई थी और अपने जेठानी के साथ खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गई थी. तब उसके पूर्व पति ने इस घटना को अंजाम दिया था.

पूर्व पति ने महिला की कर दी हत्या
वहीं एक दिन पूर्व पुलिस ने उसके पूर्व पति जयप्रकाश राम को गिरफ्तार किया और पूछताछ की. उसने बताया कि वह अपने बच्चों को छोड़कर शैलेंद्र के साथ चली गई थी और दिल्ली में रह रही थी. जिसकी वजह से वह कहीं नहीं जा पा रहा था. इस दौरान उसने दूसरी शादी भी कर ली लेकिन किसी कारण बस दूसरी पत्नी भी चली गई और उसके बाद तीसरी शादी की और तीसरी पत्नी की कुछ महीने पहले बीमारी से मौत हो गई. वहीं जब उसने अपनी पहली पत्नी वंदना को गांव में देखा तो उसे अपने बच्चों का हवाला देते हुए फिर से अपने साथ रहने की बात कही. वंदना उसके साथ रहने को तैयार नहीं हुई इसके बाद उसने गुस्से में उसे मौत के घाट उतार दिया. आरोपी जयप्रकाश राम को शादियाबाद पुलिस ने थाना क्षेत्र के गुरैनी पुलिया के पास से गिरफ्तारकियाहै. पुलिस ने आरोपी से मामले में पूछताछ की है.

UP Weather: बादलों की आवाजाही ने बढ़ायी उमस भरी गर्मी, मौसम विभाग का बारिश का अलर्ट

लखनऊ: यूपी में मॉनसून की बारिश के साथ गर्मी की का भी एहसास हो रहा है। बादलों की आवाजाही के कारण उमस से गर्मी बढ़ रही है। एक बार फिर बारिश में कमी आने से उसम ने पारा बढ़ा दिया है। अब मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। मॉनसून की वापसी के साथ यूपी के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि लगभग 30 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिन के लिए गरज के साथ बादल बरसेंगे।

मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी और पश्चिम यूपी के ज्यादातर जिसों में शुक्रवार से भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, पश्चिम यूपी में शुक्रवार की सुबह तेज धूप के साथ हुई। वहीं, आईएमडी का अलर्ट है कि कई जिलों में गरज और बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले पांच दिनों में बारिश और तेज होगी। साथ ही कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी के साथ लगभग 30 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया । इनमें महोबा, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, बांदा, मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र, प्रयागराज, चंदौली और गाजीपुर के साथ अन्य आसपास के इलाके शामिल हैं। इन इलाकों में बिजली गिरने के साथ तेज बारिश होगी। इनके अलावा जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, जालौन, कानपुर, फतेहपुर, रायबरेली, उन्नाव, लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या, बाराबंकी और अमेठी में भी भारी बारिश होगी।

हल्की से मध्यम बारिश के आसार
पश्चिम यूपी के कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। इनमें आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी के साथ गोंडा, हरदोई, बहराइच, बस्ती, गोरखपुर, सिद्धार्थ नगर और अन्य आस-पास के जिले शामिल हैं।