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दुबई की शहजादी शेखा महरा करने जा रही दूसरी शादी, रैपर फ्रेंच मॉन्टाना से की सगाई

नई दिल्ली। दुबई की शहजादी शेखा महरा दोबारा शादी करने जा रही हैं। पिछले साल ही उन्होने अपने पहले पति से तीन तालाक लिया था। अब शहजादी मशहूर रैपर फ्रेंच मॉन्टाना से पेरिस फैशन वीक में सगाई की है और जल्द ही दोनों शादी करने वाले है। दोनों की पहली मुलाकात 2024 में हुई थी और अब रिश्ता आधिकारिक हो गया।

शहजादी महरा ने शेख माना बिन मोहम्मद बिन राशिद बिन माना अल मकतूम से मई 2023 में शादी की थी। दोनों की एक बेटी भी है। शहजादी ने बीते वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए अपने पति शेख माना बिन मोहम्मद पर आरोप लगाया कि वह दूसरी महिलाओं के साथ व्यस्त है। इस पर शहजादी ने इंस्टाग्राम पर ही तीन बार तलाक—तलाक लिख कर रिस्ता खत्म कर दिया। अब 31 वर्षीय शहजादी और 40 वर्षीय फ्रेंच मॉन्टाना ने जून 2025 में पेरिस फैशन वीक के दौरान अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप दिया है।

मॉन्टाना के प्रतिनिधि ने टीएमजेड को बताया कि यह जोड़ा पिछले साल से एक-दूसरे को डेट कर रहा है। शहजादी महरा और मॉन्टाना की मुलाकात 2024 के अंत में हुई थी। इसके बाद महरा ने उन्हें दुबई घुमाया और दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। कभी रेस्तरां में डिनर, कभी मस्जिदों में इबादत और कभी पेरिस की गलियों में साथ टहलते हुए दोनों को देखा गया।

रैपर फ्रेंच मॉन्टाना का असली नाम करीम खारबौच है। वह अनफॉरगेटेबल और नो स्टाइलिस्ट जैसे गानों से दुनिया भर में मशहूर हुए। रैपर ने अफ्रीका और युगांडा में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी काम किया है। पहले उनकी शादी डिजाइनर नदीन खारबौच से हुई थी, जिनसे उनका 16 वर्षीय बेटा है।

सोना आज फिर हुआ महंगा, चांदी के दामों में कोई बदलाव नहीं

नई दिल्ली । इन दिनों सोने चांदी के रेट में लगातार उतार—चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी सस्ता तो कभी महंगा। आज 28 अगस्त की बात करे तो आज एक बार फिर से सोने के रेट में बदलाव देखने को मिल रहा है। आज सोने के दामों में उछाल आते देखा जा रहा है। बतादें कि आज सोने के दाम में 160 रुपये की बढ़त देखी जा रही है। गुरुवार को 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम की कीमत 1,02,750 रुपये है। वहीं चांदी के दामों में कोई बदलाव नहीं आया है। इसके अलावा अगर हम 22 कैरेट सोने के दामों के बारे में बताये तो आज 22 कैरेट सोना 94,200 रुपये में 10 ग्राम है, 22 कैरेट सोने में 150 रुपये की बढ़त देखी गई है।

आज आप के शहर दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,02,750 रुपये है तो उत्तर प्रदेश में, 1,02,750 रुपये है। वहीं बिहार के राजधानी पटना में सोने के दाम 1,02,650 रुपये है। कोलकाता में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 1,02,600 रुपये में बिक रहा है। फिल्मी दुनिया मुंबई की बात करें तो यहां पर सोने का दाम 1,02,600 रुपये है। इसके अलावा सफेद घातु चांदी के रेट की बात करें तो आज एक किलोग्राम चांदी का रेट 1,20,000 रुपये है। अगर आज आप सोना व चांदी के खरीदने के बारे में सोच रहें है, तो आज सर्राफा बाजार में तेजी देखी गई है, इसलिये बाजार देख कर ही खरीदारी करने को सोचे।

US Minneapolis School Shooting:‘भारत पर परमाणु बम गिराओ’, ‘Kill Trump’… अमेरिकी स्कूल में बच्चों को मारने वाले शूटर ने गन पर क्या लिखा था

न्यूयार्क: अमेरिका में एक बार फिर स्कूल पर ताबड़तोड़ गोलियां चलायी गयी हैं। इसमें मासूम बच्चों की जान चली गयी है।बता दें कि 27 अगस्त को अमेरिकी शहर मिनियापोलिस में एक चर्च प्राथना में भाग लेने गई एक शूटर ने स्कूली बच्चों पर गोलीबारी की। इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई वहीं 17 बच्चे घायल हो गए। सबसे बड़ी बात ये है कि शूटर के गन पर कुछ ऐसा लिखा था जिसे देखने के बाद लोगों के होश उड़ गए हैं । शूटरों के बंदूकों पर लिखा था “डोनाल्ड ट्रंप को मार डालो” और “भारत पर परमाणु बम गिराओ (न्यूक इंडिया)” लिखा था। बता दें कि शूटर के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो दिखाई दिया है। खैर ये वीडियो अब हटा दिया गया है।

शूटर की पहचान 23 साल के ट्रांसजेंडर रॉबिन वेस्टमैन के रूप में हुई है। उसने हमले के लिए तीनों हथियारों – एक राइफल, एक बन्दूक और एक पिस्तौल – का इस्तेमाल किया और एनाउंसमेंट कैथोलिक स्कूल के चर्च में दर्जनों राउंड फायरिंग की। शूटर वेस्टमैन को बाद में पार्किंग में मृत पाया गया, जिसके बारे में पुलिस अधिकारियों का मानना ​​है कि उसने खुद को गोली मार ली थी। कोर्ट के रिकॉर्डिंग से पता चला कि वेस्टमैन का नाम पहले रॉबर्ट था। लेकिन 2020 में उसने अपना नाम बदलकर वैस्टमैन कर लिया क्योंकि वह अपने आप को महिला मानती है।

यूट्यूब वीडियो में क्या दिखा?

उसका “रॉबिन डब्ल्यू” नाम का यूट्यूब चैनल भी था जिसे अब हटा दिया गया है. उस चैनल पर हटाने से पहले कम से कम दो वीडियो पोस्ट किए गए थे. एक वीडियो, जो लगभग 10 मिनट लंबा था और मोबाइल फोन पर शूट किया गया था, उसमें हथियारों, गोला-बारूद और भरी हुई मैगजीन का जखीरा दिखाया गया था. मैगजीन पर “डोनाल्ड ट्रंप को मार डालो (Kill Donald Trump)”, “ट्रंप को अभी मारो (kill Trump now)”, “इजरायल को गिरना होगा (Israel must fall)”, और “इजरायल को जला दो (Burn Israel)” लिखा हुआ था। एक हथियार पर “न्यूक इंडिया” यानी भारत पर ‘परमाणु बम गिराओ’ भी लिखा हुआ था. मैगजीन पर “तुम्हारा भगवान कहां है?”, “बच्चों के लिए” भी लिखा हुआ था. स्कूल में पहले हमला कर चुके शूटर्स के नाम भी एक मैगजीन पर लिखे गए थे और कुछ संदेश सिरिलिक में लिखे गए थे.

Ganeshotsav Celebration : भारत ही नहीं, दुनिया के इन देशों में होती है गणपति बप्पा की पूजा

नई दिल्ली। प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता गणेश (Vighnaharta Ganesh) में हिन्दू धर्मावलम्बियों में अटूट आस्था है। कोई भी शुभ कार्य गणपति को नमन के बिना हिन्दू समाज का कोई कार्य नहीं शुरू होता है। भगवान गजानन (Lord Gajanan) सद्बुद्धि, विवेक और सुख-समृद्धि देने के साथ जीवन की विघ्न बाधाओं को दूर करने वाले प्रथम देव हैं। आज विश्व का शायद ही कोई कोना बचा हो जहां हिन्दू धर्मावलम्बी गणेश पूजन (Ganesh Puja)  न करते हों।

सनातनधर्मी प्रति वर्ष गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) से लेकर अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) तक श्रद्धा-भक्ति से विघ्नहर्ता का दस दिवसीय जन्मोत्सव मनाते हैं। मान्यता है कि 10 दिन के लिए भगवान गणेश (Lord Ganesha) पृथ्वी पर आते हैं और अपने भक्तों का अर्चन वंदन स्वीकार कर उनकी झोली खुशियों से भर देते हैं।

बताते चलें कि गणेश पूजन (Ganesh Puja)  की परंपरा का इतिहास केवल आस्था से ही नहीं, आजादी के आंदोलन से भी जुड़ा है। महान स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक (Bal Gangadhar Tilak) ने वर्ष 1893 में देश की स्वाधीनता की जंग को नयी धार देने के लिए हिन्दू समाज में समरसता बढ़ाने के मकसद से गणेश जन्म के पारिवारिक उत्सव को सार्वजनिक रूप से मनाने की शुरुआत की थी।

हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान को असीमित विस्तार देने में अहम भूमिका निभाने के कारण यूनेस्को के तरफ से ‘गणेशोत्सव’ को भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों में सूचीबद्ध किया जाना बड़े गर्व का विषय है। आदिदेव गणपति के लोक मंगलकारी तत्वदर्शन ने आज उन्हें न केवल समूचे भारत बल्कि वैश्विक धर्म संस्कृति में भी लोकप्रिय बना दिया है। आइए गणेशोत्सव (Ganeshotsav) के मंगल अवसर पर जानते हैं कि विदेशों में विविध धर्म-संस्कृतियों के बीच भगवान गणेश क्यों व कैसे लोकप्रिय हुए? आज वे विदेशों में किन-किन रूप-स्वरूप में पूजे जाते हैं।

अनूठी काया में है मानवीय प्रबंधन के अनूठे सूत्र

रिद्धि-सिद्धि के प्रदाता गजानन महराज ज्ञान और विज्ञान के विलक्षण प्रतीक हैं। श्री विनायक की अनूठी काया में मानवीय प्रबंधन के ऐसे अनूठे सूत्र समाये हुए हैं जो दुनिया के किसी भी शिक्षण संस्थान में पढ़ाए नहीं जा सकते। गजानन गणेश की आकृति व भाव भंगिमाएं जितनी सम्मोहक व चित्ताकर्षक हैं, उनका तत्वदर्शन उससे भी अधिक शिक्षाप्रद है। विघ्नहर्ता का विशाल गज मस्तक सर्वोपरि बुद्धिमत्ता व विवेकशीलता का प्रतीक है। सूंड़ रूपी लंबी नाक कुशाग्र घ्राणशक्ति की द्योतक है जो हर विपदा को दूर से ही सूंघ लेती है। छोटी छोटी आंखें गहन व अगम्य भावों की परिचायक हैं जो जीवन में सूक्ष्म लेकिन तीक्ष्ण दृष्टि रखने की प्रेरणा देती हैं। उनका लंबा उदर दूसरों की बातों की गोपनीयता, बुराइयों, कमजोरियों को स्वयं में समाविष्ट कर लेने की शिक्षा देता है। बड़े-बड़े सूपकर्ण कान का कच्चापन न होने की सीख देते हैं। उनकी स्थूल देह में वह गुरुता निहित है जो गणनायक में होनी चाहिए। गणपति का वाहन मूषक चंचलता एवं दूसरों की छिद्रान्वेषण की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने का प्रेरक है। गणेश हेरंब रूप में शौर्य, साहस तथा नेतृत्व के भी प्रतीक हैं।

प्रतीकों के तत्वज्ञान ने बनाया विदेशों में लोकप्रिय

अपने अनूठे प्रतीकों के कारण भगवान गणेश (Lord Ganesha) विश्व के अनेक देशों में बाधाओं को हरने वाले, ज्ञान-विवेक, सुख-समृद्धि व सौभाग्य के प्रदाता के रूप में पूज्य हैं। गणेश जी की यह वैश्विक लोकप्रियता विभिन्न धर्म संस्कृतियों को जोड़ने वाली कड़ी साबित हो रही है। गणेश जी के प्रतीकों के तत्वज्ञान ने आज उन्हें वैश्विक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बना दिया है।

विदेशों में कैसे पहुंचे गजानन गणेश?

गाणपत्य धर्म के अनुयायी व्यापारियों और प्रवासी भारतीयों के तरफ से गणेश की पूजा दक्षिण एशिया, तिब्बत, चीन, जापान, और दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में फैली। व्यापार मार्गों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से गणेश पूजा का प्रसार हुआ। इंडोलाजिस्ट ललित शर्मा की मानें तो बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के बीच घनिष्ठ संबंधों के कारण गणेश पूजा विशेष रूप से तिब्बत, भूटान, चीन और जापान के साथ अनेक अन्य देशों में भी लोकप्रिय हुई। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार भारत के प्राचीन व्यापारिक सम्बन्ध दक्षिण एशिया, पूर्वी एशिया, मध्य एशिया और यूरोप और अफ्रीका के देशों से भी थे। समुद्री और थल व्यापार मार्गों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धर्म और विचारधारा अन्य देशों में पहुंची। इस प्रक्रिया में गणेश जी की पूजा भी इन देशों में प्रचलित हो गई।

विशेष रूप से, दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों जैसे इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया और म्यांमार में, जहां भारतीय व्यापारियों के माध्यम से हिंदू धर्म का प्रभाव पहुंचा। वहां गणेश जी की मूर्तियां और मंदिर पाया जाना गजानन की वैश्विक स्वीकार्यता का ही पर्याय है। तांत्रिक बौद्ध धर्म में गणेश जी की विशेष मान्यता है। भारतीय भिक्षु जब भारत से तिब्बत, चीन, जापान, और अन्य एशियाई देशों में पहुंचे तो अपने साथ गणेश जी को भी ले गये। वहीं वर्तमान समय की बात करें तो विदेशों में भगवान गणेश की पूजा को लोकप्रिय बनाने में भारतीय प्रवासियों का योगदान बहुत सराहनीय है।

भारतीय प्रवासियों ने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों में अपने धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों को जीवित रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। साथ ही भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति बढ़ते आकर्षण ने विदेशी लोगों को भगवान गणेश के महत्व को समझने और अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

जानें कौन से हैं देश जहाँ पूजे जाते हैं भगवान गणेश

नेपाल : नेपाल में भगवान गणेश (Lord Ganesha)  की पूजा का एक लंबा इतिहास है। कहा जाता है कि सम्राट अशोक की पुत्री चारूमित्रा ने नेपाल में भगवान गणेश का मंदिर स्थापित किया था। यहां लोग गणेश जी को संकटमोचक और सिद्धिदाता के रूप में पूजते हैं। नेपाल में भगवान गणेश का उल्लेख कई धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है।

तिब्बत : तिब्बत में भगवान गणेश (Lord Ganesha)  की पूजा की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं के माध्यम से 11वीं सदी में हुई । तिब्बत में गणेश पंथ के प्रचारक गयाधरा कश्मीर से गये थे। तिब्बत में गणेश जी को बुरी आत्माओं से रक्षा करने वाले देवता के रूप में माना जाता है। हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म के बीच घनिष्ठ संबंध होने के कारण तिब्बत में गणेश पूजन खासा लोकप्रिय है। वे वहां सांस्कृतिक आदान-प्रदान के प्रतीक माने जाते हैं।

श्रीलंका : श्रीलंका में भगवान गणेश (Lord Ganesha)  को तमिल भाषा में “पिल्लयार” के नाम से जाना जाता है। यहां गणेश जी के 14 प्राचीन मंदिर हैं। श्रीलंका के कोलंबो शहर के पास केलान्या गंगा नदी के तट पर स्थित बौद्ध मंदिरों में भी भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित हैं। श्रीलंका के लोग विशेष रूप से काले पत्थर से बनी गणपति प्रतिमा का पूजन करते हैं।

जापान : जापान में भगवान गणेश (Lord Ganesha)  को “कांगितेन” के रूप में जाना जाता है। जापानी बौद्ध धर्म में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। जापान में ‘कांगितेन’ का दो शरीर वाला रूप सबसे प्रचलित है। जापान में गणेश की पूजा विशेषत: तांत्रिक बुद्धिज्म के अनुयायी करते हैं और यहाँ उन्हें ‘’विनायक’’ के रूप में भी पूजा जाता है। जापान के मंदिरों में भगवान गणेश की मूर्तियाँ दिखती हैं, खासकर मात्सुचियामा शोटेन मंदिर जो टोक्यो के असाकुसा में स्थित है।

थाईलैंड : थाईलैंड में भगवान गणेश (Lord Ganesha)  का पूजन “फ्ररा फिकानेत” के रूप में किया जाता है। उन्हें सभी बाधाओं को दूर करने और सफलता के देवता के रूप में पूजा जाता है। यहां गणेश चतुर्थी को विशेष महत्त्व दिया जाता है और नयी शुरुआत, जैसे विवाह और व्यापार के लिए उनकी विशेष पूजा की जाती है।

इंडोनेशिया : इंडोनेशिया में भारतीय धर्म का प्रभाव पहली शताब्दी से माना जाता है। यहां भगवान गणेश (Lord Ganesha)  को ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इंडोनेशियाई मुद्रा के 20,000 रुपये के नोट पर भी भगवान गणेश की तस्वीर है, जो उनके महत्व को दर्शाती है।

वियतनाम और कंबोडिया : वियतनाम और कंबोडिया में हिंदू धर्म का प्रभाव प्राचीन काल से देखा जाता है। यहां गणेश की पूजा बौद्ध धर्म के साथ-साथ हिंदू धर्म के मिश्रित रूपों में की जाती है। इन देशों के कई प्राचीन मंदिरों में गणेश जी की मूर्तियां मिली हैं।

चीन : चीन के प्राचीन हिंदू मंदिरों में चारों दिशाओं के द्वारों पर भगवान गणेश (Lord Ganesha)  की मूर्तियाँ स्थापित हैं। यहां उन्हें बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में माना जाता है। चीनी संस्कृति में भी गणेश की पूजा उन्हें संकटों से मुक्ति दिलाने वाले के रूप में की जाती है।

मेक्सिको और अन्य लैटिन अमेरिकी देश : दिलचस्प बात है कि कुछ लैटिन अमेरिकी देशों में भी भगवान गणेश (Lord Ganesha)  की मूर्तियां पायी गयी हैं। हालांकि वहां उनका पूजन हिंदू प्रवासियों के माध्यम से होता है, फिर भी भगवान गणेश (Lord Ganesha)  की लोकप्रियता ने कई देशों में उन्हें मान्यता दी है।

अफगानिस्तान और ईरान : प्राचीन अफगानिस्तान और ईरान में भी भगवान गणेश की मूर्तियां और मंदिर पाए गए हैं। भारत के साथ प्राचीन व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों के कारण इन क्षेत्रों में भी गणेश जी की पूजा की जाती थी।

Venice Film Festival 2025 : स्टार पावर के साथ वेनिस फिल्म महोत्सव का आगाज़ , हॉलीवुड के दिग्गजों का लगा मेला

Venice Film Festival 2025 : बॉलीवुड के दिग्गजों के आगमन के साथ 82वां वेनिस फ़िल्म फेस्टिवल बुधवार को इटली के शानदार फ़िल्म शोकेस में शुरू हुआ। जहाँ सितारों से सजी फ़िल्मों की एक बड़ी श्रृंखला गाज़ा युद्ध पर विरोध प्रदर्शनों के साथ जनता का ध्यान आकर्षित करेगी। जूलिया रॉबर्ट्स और जॉर्ज क्लूनी (Julia Roberts and George Clooney) दुनिया के सबसे लंबे समय से चल रहे इस फेस्टिवल के 82वें संस्करण के कुछ सबसे बड़े नाम हैं।, कैथरीन बिगेलो से लेकर जिम जार्मुश तक, सभी शीर्ष निर्देशक वेनिस लैगून के पार रेतीले लीडो में मौजूद हैं। बुधवार शाम के उद्घाटन समारोह का मुख्य कार्यक्रम फ्रांसिस फोर्ड कोपोला (Francis Ford Coppola) द्वारा जर्मन निर्देशक वर्नर हर्ज़ोग (“ग्रिज़ली मैन”, “फ़िट्ज़काराल्डो”) को उनकी 70 से ज़्यादा फ़िल्मों के संग्रह के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान करना था।

हर्ज़ोग, जिन्होंने कहा था कि वे हमेशा अपनी फ़िल्मों में “उत्कृष्टता” की तलाश में रहते हैं, गुरुवार को अंगोला में खोए हुए एक झुंड के बारे में अपनी नवीनतम वृत्तचित्र, “घोस्ट एलिफेंट्स” प्रदर्शित करेंगे। इतालवी निर्देशक पाओलो सोरेंटिनो की “ला ग्राज़िया” — एक इतालवी राष्ट्रपति के बारे में, जो इच्छामृत्यु विधेयक पर हस्ताक्षर करके उसे कानून बनाने के संशय में है — बुधवार को प्रदर्शित होने वाली पहली मुख्य फिल्म थी। सोरेंटिनो ने पत्रकारों से कहा, “संदेह पर विचार करना और फिर उस संशय को एक निर्णय में बदलने देना, एक ऐसी चीज़ है जो तेज़ी से दुर्लभ होती जा रही है।”

महोत्सव के आगामी दिनों में होने वाले प्रीमियर में लुका गुआडाग्निनो की थ्रिलर फिल्म ‘आफ्टर द हंट’, जिसमें जूलिया रॉबर्ट्स, एंड्रयू गारफील्ड और अयो एडेबिरी मुख्य भूमिका में हैं; ‘जे केली’, जिसमें जॉर्ज क्लूनी और एडम सैंडलर के साथ निर्देशक नोआह बाउमबैक की हास्य ड्रामा फिल्म है; गिलर्मो डेल टोरो की ‘फ्रेंकस्टीन’ जिसमें जैकब एलोर्डी और ऑस्कर इसाक हैं; तथा योर्गोस लैंथिमोस और एम्मा स्टोन के सहयोग से बनी नवीनतम फिल्म ‘बुगोनिया’, वैराइटी की रिपोर्ट के अनुसार शामिल हैं।

जीएसटी सुधार से टैरिफ का असर घटेगा, भारत बनी रहेगी सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था

फिच सॉल्यूशंस की सहायक कंपनी बीएमआई ने गुरुवार को कहा कि आगामी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार, जिनका उद्देश्य दरों में कटौती और निजी खपत को बढ़ावा देना है, अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम कर सकते हैं। साथ ही, कंपनी ने यह भी कहा कि भारत इस दशक में एशिया में सबसे तेजी से बढ़ती उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा।

बीएमआई के नोट के अनुसार, भारत की जीडीपी 6 प्रतिशत से ऊपर रहने का अनुमान है

बीएमआई के नोट के अनुसार, भारत की जीडीपी 6 प्रतिशत से ऊपर रहने का अनुमान है, भले ही अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ कुछ उद्योगों को प्रभावित कर रहे हों। बीएमआई ने कहा, “हमारा अनुमान है कि दशक के अंत तक भारत की आर्थिक वृद्धि दर धीरे-धीरे धीमी होकर 6.0 प्रतिशत से थोड़ी अधिक हो जाएगी, जो 2010-2019 के महामारी-पूर्व औसत 6.5 प्रतिशत से थोड़ा कम है, फिर भी भारत एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा।”

आने वाले दशक में उत्पादकता में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जिससे जीडीपी वृद्धि को पर्याप्त गति मिलेगी

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आने वाले दशक में उत्पादकता में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जिससे जीडीपी वृद्धि को पर्याप्त गति मिलेगी। रिपोर्ट के अनुसार “हमने पहले अनुमान लगाया था कि ‘रेसिप्रोकल’ टैरिफ में 25 प्रतिशत की वृद्धि वित्त वर्ष 2025/26 (अप्रैल-मार्च) और वित्त वर्ष 2026/27 में रियल जीडीपी वृद्धि को 0.2 प्रतिशत और धीमा कर देगी। इसलिए, हमने अपने पूर्वानुमानों को तदनुसार संशोधित किया है और अब उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025/26 में अर्थव्यवस्था 5.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026/27 में 5.4 प्रतिशत बढ़ेगी।”

विशिष्टताओं के आधार पर, ‘जीएसटी सुधार’ टैरिफ से विकास पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है

जीएसटी सुधारों पर बीएमआई ने कहा, “विशिष्टताओं के आधार पर, ‘जीएसटी सुधार’ टैरिफ से विकास पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकता है। क्योंकि डिटेल्स की अभी पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए हम जीएसटी सुधार को फिलहाल हमारे विकास पूर्वानुमान के लिए एक मामूली वृद्धि जोखिम के रूप में देखते हैं।”

आगामी दो-स्लैब जीएसटी रेशनलाइजेशन से ऑटो, फाइनेंस, सीमेंट व उपभोक्ता वस्तुओं की खपत और लाभप्रदता बढ़ने की उम्मीद है

दो-स्लैब टैक्स स्ट्रक्चर के आगामी जीएसटी स्लैब रेशनलाइजेशन से ऑटोमोबाइल, फाइनेंशियल सर्विस, सीमेंट और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में खपत बढ़ने और लाभप्रदता में सुधार होने की उम्मीद है। एसबीआई रिसर्च की एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी सुधारों और हाल ही में आयकर में की गई कटौती से उपभोग में 5.31 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि हो सकती है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 1.6 प्रतिशत के बराबर है।फिच रेटिंग्स ने भी भारत की रेटिंग को स्टेबल आउटलुक के साथ ‘बीबीबी’ पर बरकरार रखा है और अनुमान लगाया है कि अमेरिकी टैरिफ का विकास पर सीमित प्रभाव पड़ेगा।

अमेरिका को सबक सिखाने के लिए भारत ने कसी कमर, 40 देशों में चलाया जाएगा विशेष अभियान

India-US Tariff War: अमेरिका के मनमाने 50 प्रतिशत टैरिफ का जवाब देने के लिए भारत अब यूरोपीय और एशियाई देशों में अपने निर्यात को बढ़ावा देने वाला है। खबर है कि कपड़ा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 40 प्रमुख देशों में विशेष प्रचार अभियान चलाने की योजना बनाई गयी है। भारत इन बाजारों में एक रणनीतिक योजना के तहत काम करेगा, जिसमें उद्योग समूह, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और देश के मिशन की अहम भूमिका होगी।

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 40 प्रमुख देशों में कपड़ा निर्यात (Textile Exports) को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाने की योजना बनाई गयी है। जिनमें जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन, नीदरलैंड, पोलैंड, कनाडा, मेक्सिको, रूस, बेल्जियम, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया जैसे महत्वपूर्ण बाजार भी शामिल हैं। इस पहल का मकसद भारत को गुणवत्ता, स्थिरता और नवीनता वाले कपड़ा उत्पादों का भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करना है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत पहले से ही 220 से अधिक देशों को वस्त्र निर्यात (Textile Exports) करता है, लेकिन इन 40 प्रमुख देशों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का यही असली अवसर हैं, जहां कुल मिलाकर लगभग 590 अरब डॉलर का वस्त्र और परिधान आयात होता है। भारत की वर्तमान बाजार हिस्सेदारी मात्र 5-6 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने का लक्ष्य है। विश्व स्तर पर इस क्षेत्र का आयात बाजार 800.77 अरब डॉलर का है। भारत विश्व व्यापार में 4.1% हिस्सेदारी के साथ छठा सबसे बड़ा निर्यातक है।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिम में बड़ी सड़क दुर्घटना, 25 लोगों की मौत, 27 घायल

Afghanistan road accident : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिम में बुधवार सुबह एक बस के पलट जाने से कम से कम 25 यात्रियों की मौत हो गई और 27 अन्य घायल हो गए, यह जानकारी आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने दी। खबरों के अनुसार, मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि यह घटना दक्षिणी कंधार को काबुल से जोड़ने वाले राजमार्ग पर अरघांडी इलाके में हुई और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई।

कनी ने बताया कि पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई की और घायलों को उपचार के लिए निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया। यह दुर्घटना अफ़ग़ानिस्तान में सड़क सुरक्षा के लिहाज़ से एक विनाशकारी सप्ताह के बाद हुई है, जिसमें लगभग 100 लोगों की मौत की खबर है। सबसे घातक घटना इसी हफ़्ते की शुरुआत में पश्चिमी हेरात प्रांत में हुई, जब एक यात्री बस एक ट्रक से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 79 लोगों की मौत हो गई।

पैरामेडिकल संयुक्त भर्ती की बढ़ी Application डेट, अब 30 अगस्त तक करें आवेदन, 27 सितंबर को होगी परीक्षा

भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये सरकारी नौकरी की बरसात कर दी है। इसके लिये एक भी युवा न छूटने पाये आवेदन की डेट बड़ा दी है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने पैरामेडिकल संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब आवेदक 30 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, फॉर्म में सुधार करने की अंतिम तिथि 2 सितंबर 2025 तय की गई है। बता दें कि पहले आवेदन की आखिरी तारीख 11 अगस्त थी। एमपीईएसबी द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, पैरामेडिकल संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन 27 सितंबर 2025 को किया जाएगा।

यह परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की जाएगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। इसमें आवेदन करने के लिये आपको इसकी वेबसाइट esb.mp.gov.in जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

इसके आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in में इस आवेदन की सारी जरुरत की जानकारी लेकर अपना अवेदन कर दें। अब इसकी आवेदन की लास्ट डेट 30 अगस्त कर दी गई है। ताकि युवा ज्यादा से ज्यादा आवेदन कर सकें।

स्टार स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने IPL से संन्यास का किया ऐलान, दुनिया भर की टी20 लीग्स में खेलना जारी रखेंगे

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नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : भारतीय टीम के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि अब वह आईपीएल में नहीं खेलेंगे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय टी20 फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलते रहेंगे।

38 वर्षीय ऑफ स्पिनर अश्विन ने अपने आईपीएल करियर में 221 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 187 विकेट चटकाए। उनका इकॉनमी रेट 7.20 रहा और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 4 विकेट पर 34 रन रहा। बल्लेबाजी में उन्होंने 98 पारियों में 833 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 50 रन रहा।

हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स को लेकर दिए गए कुछ विवादित बयानों के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि अश्विन का आईपीएल करियर अब लंबा नहीं चलेगा। इन अटकलों के बीच उन्होंने 27 अगस्त को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संन्यास की घोषणा की।

अपने पोस्ट में अश्विन ने लिखा, “आज मेरे लिए एक खास दिन है और एक नई शुरुआत भी। कहते हैं, हर अंत एक नई शुरुआत लाता है। मेरा आईपीएल करियर अब समाप्त हो रहा है, लेकिन अब मैं दुनिया की अलग-अलग लीग्स में अपने क्रिकेट के सफर को जारी रखूंगा।”

उन्होंने सभी फ्रेंचाइजियों का आभार व्यक्त करते हुए लिखा, “मैं उन सभी टीमों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझे यादगार पल और रिश्ते दिए। खास तौर पर @IPL और @BCCI का धन्यवाद, जिन्होंने मुझे इस मंच पर आगे बढ़ने का अवसर दिया।” अश्विन के इस फैसले के बाद उनके फैंस और क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनके नए सफर को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।