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सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले नहीं – बैंक कर्मी* 

*तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा प्रदर्शन एवं रैली*

*सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले बैंक कर्मी* 

BP NEWS BHARAT,

लखनऊ। केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की 5 दिवसीय बैंकिंग व लंबित मांगों को पूरा करने के बजाए उन्हें डराने व धमकाने का प्रयास कर रही है, पर वे सरकार के इन कृत्यों से घबराने वाले नही हैं। सभी *बैंककर्मी (75% से अधिक जेन जी) अपनी मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करने को संकल्पित हैं।* इसी क्रम में बैंक कर्मियों ने आज सायं स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया एवं रैली निकाली, जिसमें बैंककर्मी अत्यंत आक्रोशित नजर आए तथा आर-पार के संघर्ष का एलान कर दिया।

बैंक नेताओं (सभी कामरेड) एस के संगतानी और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि हमारी एकता और संघर्षशीलता से सरकार बुरी तरह घबराई हुई है और उल्टे सीधे निर्णय ले रही है, यही हमारी जीत की शुरुआत है। संदीप सिंह और वी के माथुर ने कहा कि सरकार बैंक प्रबंधन से अपने ही अधिकारियों, कर्मचारियों को एफआईआर और ट्रांसफर का भय दिखाने का निर्देश दे रही है, जो कि अत्यन्त निंदनीय है। अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से बैंककर्मियों को सजग रहने को कहा। शकील अहमद, राकेश पाण्डेय और धनंजय सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक तथा अन्य बहुत से विभागों के संघटन भी हमारे संघर्ष को समर्थन और सहयोग दे रहे है।

 

कामरेड आशुतोष वर्मा, तारकेश्वर चौहान, आकाश शर्मा, शिव कुमार सिंह, बृजेश तिवारी ने बताया कि एसबीआई और पीएनबी सहित कई बैंकों के प्रबंधन ने द्विपक्षीय समझौते के प्राविधानों का उल्लंघन करते हुए रविवार 27 को बैंक खोलने का परिपत्र जारी किया है। हम इसका विरोध करते है। स्वाति सिंह, भारती शर्मा, आनंद सिंह, अभिषेक, गौरव, विंध्य विक्रम आदि ने इस तरह के आदेशों का अनुपालन सिरे से ख़ारिज कर दिया।

अनिल तिवारी मीडिया प्रभारी ने बताया फोरम द्वारा 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल आहूत की गई है तथा मांगे पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल घोषित की गई है।

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